भुज, 29 मई (आईएएनएस)। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने शुक्रवार को कहा कि सरकार ने सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) के काम करने के तरीके को बदलने का फैसला किया है। अब बीएसएफ सिर्फ पारंपरिक सीमा की रखवाली करने के बजाय एक ज्यादा बड़े क्षेत्रीय सुरक्षा मॉडल पर काम करेगी। यह बदलाव एक नए 'स्मार्ट बॉर्डर सिक्योरिटी प्रोजेक्ट' के तहत किया जाएगा, जिसमें भारत-पाकिस्तान और भारत-बांग्लादेश की सीमाएं शामिल होंगी।
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भुज, 29 मई (आईएएनएस)। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने शुक्रवार को कहा कि सरकार ने सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) के काम करने के तरीके को बदलने का फैसला किया है। अब बीएसएफ सिर्फ पारंपरिक सीमा की रखवाली करने के बजाय एक ज्यादा बड़े क्षेत्रीय सुरक्षा मॉडल पर काम करेगी। यह बदलाव एक नए 'स्मार्ट बॉर्डर सिक्योरिटी प्रोजेक्ट' के तहत किया जाएगा, जिसमें भारत-पाकिस्तान और भारत-बांग्लादेश की सीमाएं शामिल होंगी।
केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने बीएसएफ के 60वें साल के मौके पर गुजरात के भुज में बॉर्डर आउटपोस्ट जी7 पर बीएसएफ जवानों को संबोधित करते हुए कहा कि सरकार एक चौतरफा कॉन्सेप्ट पर काम कर रही है, जिसमें सीमा प्रबंधन में कई एजेंसियां और स्थानीय समुदाय शामिल होंगे।
उन्होंने कहा कि इस 60वें साल में हमने बीएसएफ की सीमा सुरक्षा के कॉन्सेप्ट को पूरी तरह से बदलने का फैसला किया है। हम सिर्फ सीमा सुरक्षा के बजाय क्षेत्रीय सुरक्षा का एक नया कॉन्सेप्ट शुरू करेंगे।
उन्होंने कहा कि प्रस्तावित सिस्टम में देश की अंतरराष्ट्रीय सीमाओं पर एक व्यापक सुरक्षा नेटवर्क बनाने में जनता, नागरिक प्रशासन, स्थानीय पुलिस, सशस्त्र बल और बीएसएफ के जवान शामिल होंगे।
गृह मंत्री शाह ने कहा कि मिलकर हम 'स्मार्ट बॉर्डर सिक्योरिटी प्रोजेक्ट' के तहत बांग्लादेश और पाकिस्तान की सीमाओं के व्यापक सुरक्षा ग्रिड को मजबूत करने का काम कर रहे हैं।
गृह मंत्री के अनुसार, यह प्रोजेक्ट अभी प्लानिंग के चरण में है और इसमें हजारों करोड़ रुपए का निवेश शामिल होगा, साथ ही सीमा प्रबंधन सिस्टम में ड्रोन, रडार, वॉच टावर और अन्य आधुनिक तकनीकें भी शामिल की जाएंगी।
उन्होंने कहा कि इसमें ड्रोन, रडार, वॉच टावर, सबसे आधुनिक तकनीकें और आप जवान शामिल होंगे। इन सभी घटकों को मिलाकर, हम एक मजबूत सुरक्षा ग्रिड स्थापित करेंगे।
गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि इस एकीकृत सिस्टम का मकसद यह सुनिश्चित करना है कि किसी में भी हमारी सीमाओं को तोड़ने की हिम्मत न हो।
गृह मंत्री ने आगे कहा कि इस प्रोजेक्ट के तहत काफी काम पहले ही पूरा हो चुका है और उन्होंने विश्वास जताया कि तकनीकी उन्नयन से दूरदराज के इलाकों में तैनात जवानों को होने वाली कठिनाइयां भी कम होंगी।
उन्होंने यह भी बताया कि सरकार कुछ और इलाकों में बीएसएफ के अधिकार क्षेत्र का विस्तार करने पर विचार कर रही है, हालांकि उन्होंने कहा कि अभी तक कोई अंतिम फैसला नहीं लिया गया है।
गृह मंत्री शाह ने भारत की सीमाओं पर रेगिस्तान, दलदली इलाकों, जंगलों और पहाड़ी क्षेत्रों जैसी कठिन जलवायु और भौगोलिक परिस्थितियों में भी सतर्कता बनाए रखने के लिए बीएसएफ जवानों की सराहना की।
बंगाल की जिक्र करते हुए शाह ने कहा कि हमारे सुरक्षा घेरे की सबसे बड़ी कमी बंगाल की अधूरी बॉर्डर फेंसिंग थी, क्योंकि पहले फेंसिंग के लिए जमीन ही नहीं दी जा रही थी। बंगाल में भाजपा सरकार बनते ही सिर्फ एक सप्ताह में मुख्यमंत्री ने फेंसिंग के लिए जमीन देने का काम सैद्धांतिक रूप से कर दिया और कुछ जमीनें बीएसएफ को हैंडओवर भी कर दीं गई हैं।
--आईएएनएस
डीकेएम/डीकेपी
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