नई दिल्ली, 8 सितंबर (आईएएनएस)। नेपाल को बाढ़ से निपटने में मदद करते हुए भारत ने सात विमानों के जरिए 95 टन राहत सामग्री पहुंचाई है। विदेश मंत्रालय (एमईए) ने मंगलवार को ये भी बताया कि प्राकृतिक आपदा में भारत के 275 नागरिक लापता हैं। लापता लोगों की ये संख्या नेपाल और चीनी तरफ को मिलाकर है।
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नई दिल्ली, 8 सितंबर (आईएएनएस)। नेपाल को बाढ़ से निपटने में मदद करते हुए भारत ने सात विमानों के जरिए 95 टन राहत सामग्री पहुंचाई है। विदेश मंत्रालय (एमईए) ने मंगलवार को ये भी बताया कि प्राकृतिक आपदा में भारत के 275 नागरिक लापता हैं। लापता लोगों की ये संख्या नेपाल और चीनी तरफ को मिलाकर है।
साप्ताहिक प्रेस वार्ता में विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने इसकी जानकारी दी। उन्होंने बताया, "हमने नेपाल के लोगों और सरकार के प्रति एकजुटता और सहानुभूति जताई है। हम इस आपदा में उनकी मदद करने की पूरी कोशिश कर रहे हैं। एक करीबी दोस्त और पड़ोसी के तौर पर, भारत ने तुरंत मदद का हाथ बढ़ाया। हम नेपाल के राहत, बचाव और पुनर्निर्माण के प्रयासों में मदद जारी रखेंगे। अब तक हमने सात विमानों से 95 टन राहत सामग्री भेजी है, और कुछ और सामग्री जल्द ही वहां भेजी जाएगी।"
इसके साथ ही फोरेंसिक एक्सपर्ट और टनल रेस्क्यू टीम का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा, "हमारी फोरेंसिक और टनल रेस्क्यू टीम वहां तैनात है। फोरेंसिक टीम काठमांडू की दो प्रयोगशालाओं में काम कर रही है। ये लोग 1200 सैंपल्स पर काम कर रहे हैं। हम नेपाल की जरूरत के हिसाब से उनकी मदद जारी रखेंगे।"
जायसवाल के अनुसार, 275 भारतीयों के बारे में कोई जानकारी नहीं मिल पाई है। ये लोग लापता हैं। 275 में वो 49 भी शामिल हैं जो चीनी क्षेत्र से गायब हुए। वहीं 169 भारतीयों को रेस्क्यू किया जा चुका है।
26 अगस्त को नेपाल में आई विनाशकारी बाढ़ में अब तक 1358 लोगों के मारे जाने की पुष्टि हो गई है। नेपाल पुलिस की ओर से जारी किए गए आंकड़ों के मुताबिक 4000 से ज्यादा लोग गायब हैं, जिसमें विदेशियों की संख्या 598 है। इस मुश्किल घड़ी में भारत ने नेपाल की हरसंभव मदद की है। राहत सामग्री के तौर पर भारत ने तिरपाल, कंबल, स्लीपिंग बैग, हाइजीन किट, सोलर लैंप, खाद्य सामग्री, दवाइयां और शल्य चिकित्सा सामग्री भेजी है।
--आईएएनएस
केआर/
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