
नई दिल्ली . उपभोक्ताओं के लिए राहत भरी खबर है। अब एक बार फिर 2, 5, 10 और 20 रुपये जैसे पुराने लोकप्रिय दामों पर रोजमर्रा के सामान मिलने की उम्मीद बढ़ गई है। यह बदलाव सरकार द्वारा जीएसटी दरों में कटौती और कंपनियों को मिले नए निर्देशों के बाद संभव हो पाया है।
सरकार ने स्पष्ट किया है कि कंपनियां उत्पाद का वजन बढ़ाकर उसे पुराने दामों पर बेच सकती हैं, और यह जीएसटी नियमों का उल्लंघन नहीं माना जाएगा। इस कदम से बाजार में फिर से राउंड कीमतों की वापसी होगी, जिससे ग्राहकों और दुकानदारों दोनों को सुविधा मिलेगी।
सरकारी स्पष्टता के बाद पारले, बिसलेरी और मोंडेलेज़ जैसी बड़ी एफएमसीजी कंपनियां नए पैक लॉन्च करने की तैयारी में हैं।
पारले प्रोडक्ट्स के उपाध्यक्ष मयंक शाह के अनुसार, अब बिस्कुट और स्नैक्स के पैक में करीब 11–12 प्रतिशत तक अधिक वजन होगा, जबकि कीमतें वही रहेंगी — यानी 5 से 10 रुपये के बीच। कई कंपनियों ने नए उत्पादन की शुरुआत भी कर दी है।
जीएसटी दरों में सितंबर 2022 में हुई कटौती के बाद कई उत्पाद अजीब कीमतों पर बिकने लगे थे।
जैसे पारले-जी का 5 रुपये वाला पैक 4.45 रुपये में आने लगा और 1 रुपये की कैंडी 88 पैसे में। ये “गैर-राउंड” प्राइसिंग उपभोक्ताओं और दुकानदारों दोनों के लिए मुश्किल साबित हुई। छुट्टे पैसे की दिक्कत, कैंडी के बदले में छुट्टा देने जैसी समस्याएं आम हो गई थीं।
अब सरकार की नई नीति से ये परेशानियां खत्म होंगी और ग्राहकों को सीधी राहत मिलेगी।
हालांकि, डेयरी क्षेत्र की दिग्गज कंपनी अमूल ने फिलहाल पुराने दामों पर लौटने से इनकार किया है।
अमूल के मैनेजिंग डायरेक्टर जयेन मेहता के अनुसार, जब तक सरकार औपचारिक आदेश जारी नहीं करती, वे अपने उत्पादों के ग्रामेज और कीमतों में बदलाव नहीं करेंगे। उनका तर्क है कि यदि सिर्फ वजन बढ़ाकर पुराने दाम रखे जाते हैं, तो ग्राहक को वास्तविक लाभ नहीं मिलता।
महंगाई के कारण पिछले वर्षों में कंपनियों ने “श्रिंकफ्लेशन” का सहारा लिया था — यानी वजन घटाकर दाम वही रखना।
लेकिन इस बार जीएसटी कटौती के बाद कंपनियां उपभोक्ताओं के हित में कदम उठा रही हैं। इससे बाजार में फिर वही भरोसेमंद और आसान राउंड कीमतों वाला सिस्टम लौटने की उम्मीद है।
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