
वॉशिंगटन/कैलिफोर्निया. दुनिया अभी कोरोना के पुराने जख्मों से उबरी ही थी कि वायरस के एक नए और जटिल स्वरूप ने दस्तक दे दी है। अमेरिकी प्रांत कैलिफोर्निया में 'वेस्टवॉटर सर्विलांस' (गंदे पानी की जांच) के दौरान BA.3.2 नामक एक नया सब-वेरिएंट सामने आया है। ओमिक्रॉन परिवार से ताल्लुक रखने वाले इस वेरिएंट ने विशेषज्ञों को इसलिए चौंका दिया है क्योंकि इसमें म्यूटेशन (उत्परिवर्तन) की संख्या असामान्य रूप से अधिक है।
75 म्यूटेशन का 'स्पाइक' जाल वैज्ञानिकों के अनुसार, BA.3.2 वेरिएंट में 70 से 75 म्यूटेशन पाए गए हैं। सबसे चिंताजनक बात यह है कि इनमें से अधिकांश म्यूटेशन वायरस के स्पाइक प्रोटीन में केंद्रित हैं। स्पाइक प्रोटीन ही वह चाबी है जिसका उपयोग वायरस मानव कोशिकाओं के ताले खोलने और शरीर में प्रवेश करने के लिए करता है। इतने अधिक बदलावों का मतलब है कि वायरस खुद को बचाने के लिए तेजी से रूप बदल रहा है, जिससे यह मौजूदा एंटीबॉडी या टीकों को चकमा देने की कोशिश कर सकता है।
पकड़ में आया 'चुपचाप' फैलता वायरस सेंटर्स फॉर डिजीज कंट्रोल एंड प्रिवेंशन (CDC) ने स्पष्ट किया कि इस वेरिएंट का पता सबसे पहले गंदे पानी की जांच से चला, जो नए खतरों को भांपने की एक अत्याधुनिक तकनीक है। बाद में कुछ अंतरराष्ट्रीय यात्रियों और स्थानीय मरीजों में भी इसकी पुष्टि हुई। हालांकि, राहत की बात यह है कि फिलहाल इसकी फैलने की रफ्तार (Transmission Rate) काफी धीमी है। अमेरिका में कुल कोविड मामलों में इसकी हिस्सेदारी अभी बहुत कम है और इसने किसी नई लहर का संकेत नहीं दिया है।
विशेषज्ञों की राय: नजरअंदाज करना होगा भारी? विशेषज्ञों का कहना है कि भले ही अभी मामले कम हों और बीमारी की गंभीरता के लक्षण न दिख रहे हों, लेकिन इस वेरिएंट का "अत्यधिक उत्परिवर्तित" स्वरूप सतर्क रहने का इशारा है। यह इस बात का प्रमाण है कि कोविड खत्म नहीं हुआ है, बल्कि यह प्रयोगशालाओं और गंदे पानी के जरिए अपनी उपस्थिति दर्ज करा रहा है। फिलहाल, टीकाकरण और बुनियादी सावधानी ही इस 'अदृश्य' खतरे से निपटने का सबसे बड़ा हथियार हैं।
Leave A Reviews