नई दिल्ली, 18 सितंबर (आईएएनएस)। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने शुक्रवार को बिहार में आई भीषण बाढ़ की स्थिति पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए राज्य सरकार की त्वरित कार्रवाई, केंद्र के सहयोग और अपने व्यक्तिगत अंशदान का उल्लेख किया। नितिन नवीन ने स्पष्ट किया कि प्रभावित परिवारों को वित्तीय सहायता, राहत शिविरों और फसल क्षति के आकलन के जरिए हर संभव मदद पहुंचाई जा रही है तथा पूरी सरकार इस संकट में जनता के साथ मजबूती से खड़ी है।
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नई दिल्ली, 18 सितंबर (आईएएनएस)। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने शुक्रवार को बिहार में आई भीषण बाढ़ की स्थिति पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए राज्य सरकार की त्वरित कार्रवाई, केंद्र के सहयोग और अपने व्यक्तिगत अंशदान का उल्लेख किया। नितिन नवीन ने स्पष्ट किया कि प्रभावित परिवारों को वित्तीय सहायता, राहत शिविरों और फसल क्षति के आकलन के जरिए हर संभव मदद पहुंचाई जा रही है तथा पूरी सरकार इस संकट में जनता के साथ मजबूती से खड़ी है।
भाजपा अध्यक्ष नितिन नवीन ने कहा कि राज्य में हालात पर निरंतर निगरानी रखी जा रही है और सरकार प्रभावित लोगों तक समय पर राहत व आवश्यक सहायता पहुंचाने के लिए पूरी तत्परता से कार्य कर रही है। संकट की इस घड़ी में अपनी जिम्मेदारी का निर्वहन करते हुए, एक राज्यसभा सांसद के रूप में उन्होंने अपने तीन महीने के वेतन की राशि ₹6,35,000 मुख्यमंत्री राहत कोष में अंशदान की है।
उन्होंने यह भी बताया कि राज्य सरकार की ओर से बाढ़ से प्रभावित परिवारों को 7,000 रुपए प्रति परिवार के हिसाब से कुल 550 करोड़ रुपए से अधिक की वित्तीय सहायता प्रदान की जा चुकी है।
भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष ने कहा कि प्रभावित क्षेत्रों में राहत शिविरों, कम्युनिटी किचन, चिकित्सा सुविधाओं और पशुओं के लिए चारे की उर्चित व्यवस्था की गई है। बचाव कार्यों में एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की टीमें पूरी मुस्तैदी से तैनात हैं। किसानों की फसल क्षति का आकलन कर आवश्यक सहायता उपलब्ध कराने की प्रक्रिया भी जारी है।
केंद्र सरकार के सहयोग का उल्लेख करते हुए नितिन नवीन ने बताया कि केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का दौरा कर पीड़ितों से मुलाकात की और राहत व बचाव कार्यों का जायजा लिया। अंत में उन्होंने आश्वस्त किया कि वे सभी बिहार के बाढ़ प्रभावित परिवारों के साथ पूर्ण प्रतिबद्धता से खड़े हैं।
--आईएएनएस
डीसीएच/
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