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नीतीश कुमार को अचानक राज्यसभा भेजना उनकी राजनीतिक हैसियत के अनुकूल नहीं : जदयू विधायक सरयू राय

रांची, 5 मार्च (आईएएनएस)। बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के मुख्यमंत्री पद छोड़ने और राज्यसभा जाने के फैसले पर झारखंड में जदयू के इकलौते विधायक और राज्य के पूर्व मंत्री सरयू राय ने असंतोष जाहिर किया है। उन्होंने पूरे घटनाक्रम पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि यह नीतीश कुमार की राजनीतिक हैसियत के अनुरूप नहीं है।

रांची, 5 मार्च (आईएएनएस)। बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के मुख्यमंत्री पद छोड़ने और राज्यसभा जाने के फैसले पर झारखंड में जदयू के इकलौते विधायक और राज्य के पूर्व मंत्री सरयू राय ने असंतोष जाहिर किया है। उन्होंने पूरे घटनाक्रम पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि यह नीतीश कुमार की राजनीतिक हैसियत के अनुरूप नहीं है।

सरयू राय ने कहा कि वर्ष 2005 से बिहार की बागडोर संभालने वाले नीतीश कुमार ने राज्य में 'सुशासन' की अवधारणा को स्थापित किया और लंबे समय तक प्रशासनिक व राजनीतिक नेतृत्व दिया। ऐसे में उनके पद छोड़ने की प्रक्रिया अधिक गरिमापूर्ण और सुविचारित होनी चाहिए थी। उन्होंने कहा कि जिस तरह अचानक उन्हें मुख्यमंत्री पद से हटाकर राज्यसभा भेजे जाने का निर्णय सामने आया, उससे कई लोग असहज महसूस कर रहे हैं।

विधायक राय ने पिछले दो दिनों के दौरान दिल्ली से पटना तक चली राजनीतिक गतिविधियों पर भी टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि घटनाक्रम को देखकर ऐसा प्रतीत होता है कि यह सब पहले से तय योजना के तहत हुआ है। उनके अनुसार यदि नेतृत्व परिवर्तन की आवश्यकता थी और स्वयं नीतीश कुमार भी इसके पक्ष में थे, तो इसे अधिक व्यवस्थित और संतुलित तरीके से किया जा सकता था।

उन्होंने कहा कि इस फैसले के बाद से उन्हें जदयू के कार्यकर्ताओं और समर्थकों के लगातार फोन आ रहे हैं। राय के अनुसार, जमीनी स्तर पर जुड़े कई कार्यकर्ता इस निर्णय से निराश और आहत महसूस कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि कार्यकर्ताओं के लिए यह स्थिति 'कड़वा घूंट' जैसी है, जिसे स्वीकार तो किया जा सकता है, लेकिन सहज रूप से पचाना कठिन है।

सरयू राय ने नीतीश कुमार की ओर से सोशल मीडिया पर जारी किए गए बयान का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि इतने वरिष्ठ और अनुभवी नेता को इस तरह सार्वजनिक स्पष्टीकरण देने की आवश्यकता क्यों पड़ी, यह सवाल भी उठता है।

उनके मुताबिक संभव है कि उस बयान के माध्यम से पूरे घटनाक्रम को लेकर उठ रहे सवालों को शांत करने की कोशिश की गई हो।

हालांकि राय ने स्पष्ट किया कि उन्हें भाजपा और जदयू के साथ मिलकर सरकार चलाने पर कोई आपत्ति नहीं है, लेकिन उनकी चिंता नीतिगत निरंतरता को लेकर है। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या नई सरकार नीतीश कुमार की प्रमुख पहलों, विशेषकर शराबबंदी जैसे फैसलों को जारी रखेगी और क्या उनकी विकास संबंधी नीतियों को उसी गति से आगे बढ़ाया जाएगा।

--आईएएनएस

एसएनसी/एससीएच

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