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पाकिस्तान में 125 साल पुराने गुरुद्वारे के विध्वंस पर भारत ने जताई नाराजगी, कार्रवाई की मांग


नई दिल्ली, 1 जुलाई (आईएएनएस)। पाकिस्तान में 125 साल पुराने ऐतिहासिक गुरुद्वारे को गिराए जाने की खबरों पर भारत ने कड़ी प्रतिक्रिया जताई। भारतीय व‍िदेश मंत्रालय ने पाक‍िस्‍तान सरकार से मामले में जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।

नई दिल्ली, 1 जुलाई (आईएएनएस)। पाकिस्तान में 125 साल पुराने ऐतिहासिक गुरुद्वारे को गिराए जाने की खबरों पर भारत ने कड़ी प्रतिक्रिया जताई। भारतीय व‍िदेश मंत्रालय ने पाक‍िस्‍तान सरकार से मामले में जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।

शेखूपुरा जिले के फरूखाबाद स्थित ऐतिहासिक गुरुद्वारा साहिब का हिस्सा ग‍िराए जाने पर भारतीय विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कड़ी निंदा की। उन्‍होंने पाकिस्तान सरकार से मामले की जांच और दोषियों पर कार्रवाई की मांग की है।

मीडिया के सवालों का जवाब देते हुए प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने बताया क‍ि हमें पाकिस्तान के फर्रुखाबाद में स्थित ऐतिहासिक 125 साल पुराने पवित्र गुरुद्वारा श्री गुरु सिंह सभा साहिब को गिराए जाने की बेहद दुखद खबरें मिली हैं। हम इस सम्मानित सिख धार्मिक स्थल के खिलाफ की गई इस बेहद निंदनीय और जानबूझकर की गई तोड़फोड़ की कड़ी निंदा करते हैं।

उन्‍होंने कहा क‍ि गुरुद्वारे के हिस्सों को नुकसान पहुंचाया जाना और स्थानीय अधिकारियों या इवैक्यूई ट्रस्ट प्रॉपर्टी बोर्ड (ईटीपीबी) की ओर से कोई ठोस कार्रवाई न किए जाने की खबरें बेहद गंभीर चिंता का विषय हैं।

व‍िदेश मंत्रालय ने कहा क‍ि यह कोई अकेली घटना नहीं है। इससे पहले भी धार्मिक अल्पसंख्यकों और उनके पूजा स्थलों को निशाना बनाए जाने की ऐसी ही कई खबरें सामने आई हैं। पाकिस्तान में धार्मिक अल्पसंख्यकों और उनके धार्मिक स्थलों को लगातार निशाना बनाए जाने की घटनाएं जारी हैं।

जायसवाल ने कहा क‍ि हम पाकिस्तान सरकार से अपील करते हैं कि वह इस मामले की जल्द से जल्द जांच करे और इस शर्मनाक घटना के जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करे। गुरुद्वारा साहिब के जिन हिस्सों को गिराया गया है, उनका जल्द से जल्द दोबारा निर्माण और बहाली की जानी चाहिए।

उन्‍हों ने कहा क‍ि हम पाकिस्तान सरकार से आग्रह करते हैं कि वह अपने अल्पसंख्यक समुदायों और उनके धार्मिक स्थलों की सुरक्षा और सम्मान सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी निभाएं तथा देश में जारी धार्मिक असहिष्णुता और सांप्रदायिक हिंसा के माहौल को खत्म करने के लिए ठोस कदम उठाएं।

--आईएएनएस

एवाई/डीकेपी

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