मानसा, 28 अक्टूबर (आईएएनएस)। पंजाब के मानसा जिले के भम्मे कलां गांव में नशीले पदार्थ की ओवरडोज से हुई दलजीत सिंह की मौत के मामले ने तूल पकड़ लिया है। मृतक के परिजनों ने पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया है कि पुलिस शव को अपने कब्जे में लेकर चली गई और परिवार की सहमति के बिना उसका पोस्टमार्टम कराया जा रहा है।
![]()
मानसा, 28 अक्टूबर (आईएएनएस)। पंजाब के मानसा जिले के भम्मे कलां गांव में नशीले पदार्थ की ओवरडोज से हुई दलजीत सिंह की मौत के मामले ने तूल पकड़ लिया है। मृतक के परिजनों ने पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया है कि पुलिस शव को अपने कब्जे में लेकर चली गई और परिवार की सहमति के बिना उसका पोस्टमार्टम कराया जा रहा है।
परिजनों का कहना है कि पुलिस ने दस्तावेजों पर हस्ताक्षर करने के लिए उन पर दबाव भी बनाया। परिवार ने मामले की निष्पक्ष जांच करने और इलाके में नशीले पदार्थों, खासकर चिट्टे की सप्लाई के स्रोत का पता लगाने की मांग की है।
दलजीत सिंह के परिवार के एक सदस्य ने आईएएनएस से बात करते हुए आरोप लगाया कि पुलिस अब इस मामले को हत्या का रूप देने की कोशिश कर रही है। पुलिस उनके पिता को अपने साथ ले गई और शव को पोस्टमार्टम के लिए ले जाया जा रहा है, जबकि परिवार के किसी सदस्य ने इसके लिए सहमति नहीं दी थी।
परिवार के सदस्य ने कहा कि पुलिसकर्मी उनके घर आए और दस्तावेजों पर हस्ताक्षर करने के लिए दबाव बनाया। उन्होंने सवाल उठाया कि जब परिवार ने सहमति नहीं दी, तो पुलिस उनकी इच्छा के विरुद्ध कार्रवाई क्यों कर रही है।
परिजनों ने यह भी आरोप लगाया कि शव को उनसे दूर ले जाया गया और पुलिस ने वाहनों को रोककर परिवार के लोगों को परेशान किया।
मृतक के परिजनों ने कहा कि उनका परिवार पिछले 10 वर्षों से संघर्ष कर रहा है और उन्होंने कठिन परिस्थितियों में अपने बच्चों का पालन-पोषण किया है। परिवार के एक सदस्य ने पांच साल की बच्ची का जिक्र करते हुए कहा कि किसी अन्य परिवार को इस तरह का दुख नहीं झेलना पड़े।
परिजनों ने स्पष्ट किया कि उनकी मुख्य मांग नशे के कारोबार की जांच और मौत के मामले में पारदर्शिता सुनिश्चित करना है। उन्होंने कहा कि उन्हें किसी अन्य व्यक्ति से व्यक्तिगत शिकायत नहीं है, लेकिन परिवार को शव से दूर रखे जाने की घटना से गहरा दुख पहुंचा है।
परिवार के एक सदस्य ने पुलिस की जांच प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए कहा कि यदि पुलिस को हत्या का संदेह है, तो उसे सबूतों के आधार पर जांच करनी चाहिए।
परिजनों ने आशंका जताई कि पुलिस हिरासत में उनके पिता पर दबाव डालकर बयान दिलवाए जा सकते हैं। उन्होंने कहा कि मृतक की पत्नी, मां और बहन भी मौजूद हैं, इसलिए जांच के दौरान सभी संबंधित सदस्यों के बयान निष्पक्ष तरीके से दर्ज किए जाने चाहिए।
परिवार ने पुलिस से उन दस्तावेजों को दिखाने की मांग भी की, जिन पर हस्ताक्षर किए जाने का दावा किया जा रहा है। उनका कहना है कि यदि परिवार ने सहमति दी है, तो पुलिस को इसके प्रमाण प्रस्तुत करने चाहिए।
परिजनों ने मांग की कि यदि पुलिस को उनसे पूछताछ करनी है, तो सभी सदस्यों को एक साथ बैठाकर बयान दर्ज किए जाएं। उन्होंने आरोप लगाया कि परिवार के सदस्यों को अलग-अलग करके यह कहना कि किसी अन्य व्यक्ति ने अलग बयान दिया है, उन्हें भ्रमित करने का तरीका हो सकता है।
परिवार ने कहा कि उनका कोई निजी एजेंडा नहीं है। वे केवल यह चाहते हैं कि दलजीत सिंह की मौत की निष्पक्ष जांच हो और वास्तविक तथ्यों को सामने लाया जाए।
परिजनों ने यह भी कहा कि यदि पुलिस ने कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए शव को अपने कब्जे में लिया था, तो भी इससे परिवार के सदस्यों को हिरासत में रखने का औचित्य साबित नहीं होता।
--आईएएनएस
एसएके/एएस
Leave A Reviews