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फारूक अब्दुल्ला का मानसिक संतुलन खराब, राजनीति से संन्यास ले लें : बजरंग दल


नई दिल्ली, 26 अक्टूबर (आईएएनएस)। जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री फारूक अब्दुल्ला के एक विवादित बयान के बाद जम्मू में सियासी पारा चढ़ गया है। फारूक अब्दुल्ला ने कहा था कि 'पाकिस्तान कश्मीरियों की रक्षा कर रहा है, वरना भारत के इरादे ठीक नहीं हैं।' इस बयान को देशविरोधी बताते हुए जम्मू में सोमवार को बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने जोरदार विरोध प्रदर्शन किया।

नई दिल्ली, 26 अक्टूबर (आईएएनएस)। जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री फारूक अब्दुल्ला के एक विवादित बयान के बाद जम्मू में सियासी पारा चढ़ गया है। फारूक अब्दुल्ला ने कहा था कि 'पाकिस्तान कश्मीरियों की रक्षा कर रहा है, वरना भारत के इरादे ठीक नहीं हैं।' इस बयान को देशविरोधी बताते हुए जम्मू में सोमवार को बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने जोरदार विरोध प्रदर्शन किया।

बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने सड़कों पर उतरकर फारूक अब्दुल्ला के खिलाफ नारेबाजी की और उनका पुतला जलाया। प्रदर्शनकारियों ने मांग की है कि फारूक अब्दुल्ला के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए और एफआईआर दर्ज कर उन्हें गिरफ्तार किया जाए।

इस दौरान आईएएनएस से बात करते हुए बजरंग दल के अध्यक्ष राकेश बजरंगी ने कहा कि यह पहली बार नहीं है जब फारूक अब्दुल्ला ने देश विरोधी बयान दिया है। वह लगातार सुर्खियों में बने रहने के लिए इस प्रकार के बयान देते हैं। राकेश बजरंगी ने कहा, "हम पहले ही कह चुके हैं कि डॉक्टर फारूक अब्दुल्ला का मानसिक संतुलन खराब हो चुका है। उन्हें राजनीति से संन्यास लेकर अपना इलाज कराना चाहिए।"

उन्होंने कहा कि उनके बयान से यह स्पष्ट होता है कि वह देश विरोधी हैं और देश के हित में बात नहीं करते। मुंह से भले ही वह खुद को भारत का नागरिक बताते हों लेकिन उनके दिल में पाकिस्तान बसता है। यह बयान इसका प्रमाण है और इसे देश का कोई भी नागरिक सहन नहीं करेगा। ऐसे लोगों को केंद्र सरकार को जेल की सलाखों के पीछे डालना चाहिए।

राकेश बजरंगी ने पूछा कि उन्होंने और उनके परिवार ने कौन सी कुर्बानी दी है। जब कश्मीर में आतंकवाद चरम पर था, तब इन्हीं लोगों ने अलगाववादियों का सहयोग और समर्थन किया था। इन्हीं की वजह से कश्मीर महीनों तक बंद रहता था।

उन्होंने कहा, "कश्मीर में पिछले कई वर्षों में जो हालात रहे, उसके लिए यही लोग जिम्मेदार हैं। उस समय राज्य में इनकी सरकार थी। अगर ये चाहते तो हालात को सुधार सकते थे और वहां अमन बहाल कर सकते थे लेकिन इन्होंने ऐसा नहीं चाहा। इन्होंने अलगाववादियों और आतंकवादियों को समर्थन दिया, इसलिए हालात बिगड़े।"

--आईएएनएस

पीआईएम/पीएम

Date & Time : 2026-10-26 15:45:02

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