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फ्रेंच ओपन: आंद्रीवा ने रोका कोस्त्युक का विजयरथ, पहली बार ग्रैंड स्लैम फाइनल में प्रवेश


पेरिस, 4 जून (आईएएनएस)। मीरा आंद्रीवा ने अपने पहले ग्रैंड स्लैम फाइनल में जगह पक्की कर ली है। आंद्रीवा ने गुरुवार को रोलैंड गैरोस महिला सिंगल्स सेमीफाइनल में मार्ता कोस्त्युक को 6-1, 6-3 से हराया।

पेरिस, 4 जून (आईएएनएस)। मीरा आंद्रीवा ने अपने पहले ग्रैंड स्लैम फाइनल में जगह पक्की कर ली है। आंद्रीवा ने गुरुवार को रोलैंड गैरोस महिला सिंगल्स सेमीफाइनल में मार्ता कोस्त्युक को 6-1, 6-3 से हराया।

8वीं वरीयता प्राप्त इस रूसी खिलाड़ी को कोर्ट फिलिप-चैट्रियर पर फॉर्म में चल रही कोस्त्युक को हराने में सिर्फ 76 मिनट लगे, जिसके साथ कोस्त्युक की लगातार 17 मैचों की जीत का सिलसिला अचानक टूट गया।

19 वर्षीय आंद्रीवा फ्रेंच ओपन 2022 में कोको गॉफ के शानदार प्रदर्शन के बाद ग्रैंड स्लैम फाइनल में पहुंचने वाली सबसे युवा महिला खिलाड़ी बन गई हैं। वह 21वीं सदी में रौलैंड गैरोस के फाइनल में पहुंचने वाली तीसरी सबसे कम उम्र की खिलाड़ी भी हैं, उनसे आगे सिर्फ गॉफ और किम क्लाइस्टर्स हैं, जो 2001 में 17 साल की उम्र में चैंपियनशिप मैच में पहुंची थीं।

इस नतीजे का महत्व इसलिए भी बढ़ जाता है, क्योंकि आंद्रीवा को हाल ही में कोस्त्युक के खिलाफ संघर्ष करना पड़ा था। इस सीजन में दोनों के बीच हुई पिछली दोनों मुलाकातों में, जिसमें छह हफ्ते पहले हुआ मैड्रिड ओपन का फाइनल भी शामिल है, इस यूक्रेनी खिलाड़ी ने आंद्रीवा को सीधे सेटों में हराया था। हालांकि, इस बार रूसी खिलाड़ी ने पूरी तरह से बाजी पलट दी।

शुरू से ही, आंद्रीवा ने अपने आक्रामक शॉट्स और कोर्ट पर जबरदस्त फुर्ती से खेल पर अपना दबदबा बनाए रखा। उन्होंने पहला सेट बहुत तेज़ी से जीता, और कोस्त्युक को अपनी लय बनाने का बहुत कम मौका दिया। दूसरा सेट ज्यादा कड़ा मुकाबला वाला साबित हुआ, लेकिन यह युवा खिलाड़ी पूरी तरह से नियंत्रण में रही; उन्होंने बार-बार अपनी प्रतिद्वंद्वी से गलतियां करवाईं और उनकी वापसी की सभी उम्मीदों पर पानी फेर दिया।

यह जीत आंद्रीवा के लिए पहले से ही शानदार रहे इस सीजन में एक और बेहतरीन अध्याय जोड़ती है। वर्ल्ड नंबर 8 खिलाड़ी 2026 में क्ले कोर्ट पर सबसे लगातार अच्छा प्रदर्शन करने वाली खिलाड़ियों में से एक बनकर उभरी हैं; उन्होंने इस सतह पर 20 से ज्यादा जीत हासिल की हैं और पूरे यूरोपीय दौरे के दौरान टूर्नामेंटों में काफी आगे तक का सफर तय किया है।

उनके इस सफर में लिंज में खिताब जीतना, स्टटगार्ट में सेमीफाइनल तक पहुंचना, मैड्रिड में उपविजेता बनना और रोम में क्वार्टरफाइनल तक का सफर शामिल है। अब रौलैंड गैरोस उनके युवा करियर का सबसे बड़ा मील का पत्थर बन गया है।

--आईएएनएस

आरएसजी

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