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पीएम किसान योजना को 5 साल बढ़ाए जाने का किसानों ने किया स्वागत, राशि बढ़ाने की मांग


सीतामढ़ी, 1 अगस्त (आईएएनएस)। केंद्र सरकार ने प्रधानमंत्री किसान योजना को अगले पांच वर्षों यानी 2026-27 से 2030-31 तक जारी रखने का निर्णय लिया है। केंद्रीय मंत्रिमंडल ने इस योजना के लिए 31 लाख करोड़ रुपए के वित्तीय आवंटन को मंजूरी दी है। बिहार के किसानों ने इसका स्वागत किया और इस योजना को स्थायी करने का आग्रह भी किया।

सीतामढ़ी, 1 अगस्त (आईएएनएस)। केंद्र सरकार ने प्रधानमंत्री किसान योजना को अगले पांच वर्षों यानी 2026-27 से 2030-31 तक जारी रखने का निर्णय लिया है। केंद्रीय मंत्रिमंडल ने इस योजना के लिए 31 लाख करोड़ रुपए के वित्तीय आवंटन को मंजूरी दी है। बिहार के किसानों ने इसका स्वागत किया और इस योजना को स्थायी करने का आग्रह भी किया।

आईएएनएस से बातचीत के दौरान किसानों ने कहा कि केंद्र सरकार की यह योजना लघु और सीमांत किसानों के लिए फायदेमंद है। इस योजना से मिलने वाले पैसे से किसान खेती से जुड़े अपने तमाम काम करते हैं। करोड़ों लोग इसका फायदा ले रहे हैं। अब इस योजना को फिर से पांच साल के लिए बढ़ाया जा रहा है।

किसानों का कहना है कि योजना फायदेमंद है, लेकिन अब राशि को बढ़ाया जाना चाहिए क्योंकि दो हजार रुपए बेहद कम साबित हो रहे हैं। महंगाई बढ़ने के साथ ही राशि को भी उचित तरीके से बढ़ाया जाना चाहिए। अगर ऐसा होता है तो मध्यम वर्गीय किसान भी इसका लाभ उठा सकेंगे।

किसानों का कहना है कि इस योजना से छोटे किसानों को लाभ जरूर पहुंचा है। उत्पादकता पर असर पड़ा है। रहन-सहन में भी बदलाव हुआ है। एक रिपोर्ट के अनुसार, बिहार के 92 प्रतिशत किसानों ने इस पैसे का इस्तेमाल खेती के लिए ही किया है।

आईएएनएस से बातचीत में किसानों ने कहा कि हम सभी चाहते हैं कि यह योजना लगातार जारी रहे। हम चाहते हैं कि सरकार इस योजना को स्थायी रूप दे दे। इस योजना से किसानों के बीच यह संदेश गया है कि सरकार को किसानों की भी चिंता है और वे उसकी प्राथमिकताओं में शामिल हैं।

किसानों ने कहा कि महंगाई के साथ ही खाद, बीज, पेट्रोल आदि के दाम बढ़ते रहते हैं, उसी तरह इस योजना की राशि को भी बढ़ाया जाना चाहिए। इस राशि से हमें खेती करने में आसानी हुई है। खाद समय पर खरीद रहे हैं और इससे खेती समय पर हो पा रही है।

--आईएएनएस

एएमटी/एबीएम

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