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पीएम मोदी के देशवासियों से अपील, टूर के दौरान बजट का कुछ हिस्सा स्थानीय चीजों की खरीददारी पर करें खर्च


नई दिल्ली, 26 जुलाई (आईएएनएस)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को 'विकसित वाइब्रेंट विलेज प्रोग्राम' के प्रतिभागियों से बातचीत की। पीएम मोदी ने कहा कि यह देखकर बहुत अच्छा लगा कि यह पहल युवाओं में राष्ट्र-निर्माण की गहरी भावना जगा रही है। इसके साथ ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देशवासियों और देश के पर्यटकों से एक अपील भी की।

नई दिल्ली, 26 जुलाई (आईएएनएस)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को 'विकसित वाइब्रेंट विलेज प्रोग्राम' के प्रतिभागियों से बातचीत की। पीएम मोदी ने कहा कि यह देखकर बहुत अच्छा लगा कि यह पहल युवाओं में राष्ट्र-निर्माण की गहरी भावना जगा रही है। इसके साथ ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देशवासियों और देश के पर्यटकों से एक अपील भी की।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देशभर के लगभग 250 जिलों का प्रतिनिधित्व करने वाले उत्साही युवा प्रतिभागियों का गर्मजोशी से स्वागत करते हुए इस शानदार राष्ट्रीय भागीदारी की सराहना की।

प्रधानमंत्री मोदी ने प्रतिभागियों से बातचीत के दौरान एक अपील भी की। दरअसल, जौनपुर से जुड़े प्रतिभागियों से बातचीत के दौरान पीएम मोदी ने उनसे पूछा कि आपने वहां कुछ शॉपिंग की या नहीं? एक प्रतिभागी ने जवाब में कहा कि हम लोगों ने वहां बहुत शॉपिंग की और डिजिटल पेमेंट भी किया।

पीएम मोदी ने कहा, "मैं देशवासियों से आग्रह करता हूं कि अगर आप कहीं यात्रा पर या घूमने जाएं तो हमारी यह जिम्मेदारी है कि हम अपने पूरे बजट का कम से कम 5 प्रतिशत खर्च स्थानीय चीजों की खरीददारी पर करें। इससे वहां के लोगों को रोजगार भी मिलेगा और उनकी पहचान देश के कोने-कोने तक पहुंचेगी। इसलिए खरीदारी जरूर करनी चाहिए।"

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने संबोधन के दौरान कुछ साल पहले 'मेरा युवा भारत – माय भारत' मंच की सफल शुरुआत को याद करते हुए करोड़ों युवा नागरिकों को इससे जोड़ने के लिए इसके बड़े पैमाने पर हुए विस्तार की तारीफ की। पीएम मोदी ने कहा, "आज, माय भारत के युवा साथी पूरे देश में बहुत ही सराहनीय काम कर रहे हैं।"

प्रधानमंत्री ने युवाओं को वर्चुअल बातचीत से आगे बढ़कर जमीनी स्तर पर देश की वास्तविकताओं को समझने के लिए प्रोत्साहित करने के अपने दृष्टिकोण के बारे में बताया। हिमाचल, उत्तराखंड और लद्दाख के सीमावर्ती गांवों में युवा नागरिकों को भेजने के मकसद के बारे में विस्तार से जानकारी देते हुए उन्होंने बताया कि तीन लाख प्रतिभागियों में से 400 से ज्यादा युवाओं को चुना गया था, ताकि वे स्थानीय संस्कृति को अपना सकें और इन क्षेत्रों को आगे बढ़ाने वाली गहरी देशभक्ति की भावनाओं को देख और समझ सकें। पीएम मोदी ने कहा, "अपनी संस्कृति को वहां की संस्कृति से जोड़ना एक भारत, श्रेष्ठ भारत का सबसे बेहतरीन उदाहरण है।"

सरकारी पद संभालने से पहले की अपनी लंबी यात्राओं के दौरान सीमावर्ती समुदायों के साथ बने गहरे निजी रिश्तों का जिक्र करते हुए प्रधानमंत्री ने सीमा पर तैनात सैनिकों के साथ दिवाली मनाने की अपनी पुरानी परंपरा को याद किया। साथ ही, उन्होंने कारगिल विजय दिवस के मौके पर सैनिकों के बड़े बलिदानों को भी नमन किया। उन्होंने कहा कि बहादुर सैनिकों ने बेहद मुश्किल हालात में जीत का झंडा फहराया और विकसित वाइब्रेंट विलेज का यह पूरा अनुभव वाकई शानदार रहा है।

विकसित भारत के निर्माण के लिए विकसित गांवों को मुख्य आधार बताते हुए प्रधानमंत्री ने इस बदलाव लाने वाले सफर के लगातार और व्यापक होने पर जोर दिया।

सीमावर्ती इलाकों में जीवन के कठिन हालातों को समझते हुए प्रधानमंत्री ने वहां के लोगों के जज्बे की तारीफ करते हुए कहा कि मुश्किल परिस्थितियों के बावजूद वे हर पल देशभक्ति की भावना के साथ जीते हैं। उन्होंने पहले की प्रशासनिक अनदेखी की आलोचना की, जिसके कारण इन इलाकों को 'आखिरी गांव' मानकर छोड़ दिया गया था और वहां सड़कें, बिजली और अस्पताल जैसी बुनियादी सुविधाएं भी नहीं थीं। पीएम ने कहा कि कहा कि हमें इस बात पर बहुत गर्व होना चाहिए कि इतनी मुश्किल और सुविधाओं से वंचित हालात में भी सीमावर्ती गांवों के लोगों की देशभक्ति कभी कम नहीं हुई।

प्रधानमंत्री ने उन गांवों का भी जिक्र किया, जो कभी सुनसान हुआ करते थे, लेकिन अब वहां चहल-पहल है। साथ ही, बेटियों की शिक्षा और स्थानीय कमाई के लिए भी एक सशक्त माहौल बन रहा है। उन्होंने कहा कि वाइब्रेंट विलेज प्रोग्राम की वजह से ये बदलाव व्यवस्थित रूप से हो रहे हैं।

प्रधानमंत्री ने युवाओं से सीमा पर्यटन पर सरकार के खास फोकस को आगे बढ़ाने में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया और हर प्रतिभागी को निर्देश दिया कि वे अपने अनुभव कम से कम सौ साथियों के साथ साझा करें।

पीएम मोदी ने कहा, "मैं आग्रह करता हूं कि आपमें से हर युवा साथी अपने असली अनुभव कम से कम सौ अन्य युवाओं के साथ जरूर साझा करे।"

--आईएएनएस

एएमटी/वीसी

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