बनिहाल, 19 जून (आईएएनएस)। जम्मू-कश्मीर के रामबन जिले के लिए गर्व का क्षण तब आया जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जी7 शिखर सम्मेलन के दौरान विश्व नेताओं को उपहार स्वरूप 'रामबन हनी' भेंट की। प्रधानमंत्री मोदी के इस कदम से चिनाब घाटी के इस विशेष उत्पाद को वैश्विक पहचान मिली है और स्थानीय किसानों व मधुमक्खी पालकों में उत्साह की लहर दौड़ गई है।
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बनिहाल, 19 जून (आईएएनएस)। जम्मू-कश्मीर के रामबन जिले के लिए गर्व का क्षण तब आया जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जी7 शिखर सम्मेलन के दौरान विश्व नेताओं को उपहार स्वरूप 'रामबन हनी' भेंट की। प्रधानमंत्री मोदी के इस कदम से चिनाब घाटी के इस विशेष उत्पाद को वैश्विक पहचान मिली है और स्थानीय किसानों व मधुमक्खी पालकों में उत्साह की लहर दौड़ गई है।
'रामबन हनी' मुख्य रूप से रामबन जिले के बनिहाल क्षेत्र में उत्पादित की जाती है। यह शहद अपनी प्राकृतिक शुद्धता, विशिष्ट स्वाद, सुगंध और उच्च पोषण मूल्य के लिए जाना जाता है। हिमालयी वनस्पतियों और जंगली फूलों से प्राप्त यह शहद राजगढ़, गुल, पीर पंजाल और जवाहर सुरंग के आसपास के क्षेत्रों में पाई जाने वाली दुर्लभ वनस्पतियों के रस से तैयार होता है। यह शहद प्राकृतिक एंटीऑक्सीडेंट, एंजाइम और अन्य जैव-सक्रिय तत्वों से भरपूर होता है, जो स्वास्थ्य के लिए बेहद लाभकारी हैं।
स्थानीय स्तर पर पारंपरिक और पर्यावरण-अनुकूल तरीकों से तैयार की जाने वाली रामबन हनी न केवल एक गुणवत्तापूर्ण उत्पाद है, बल्कि यह सैकड़ों किसानों और मधुमक्खी पालकों के लिए आजीविका का महत्वपूर्ण स्रोत भी है। प्रधानमंत्री मोदी द्वारा इसे जी7 सम्मेलन जैसे प्रतिष्ठित अंतरराष्ट्रीय मंच पर प्रस्तुत किए जाने से इसकी मांग और पहचान दोनों में वृद्धि की उम्मीद जताई जा रही है।
इस उपलब्धि पर खुशी जताते हुए मधुमक्खी पालन के कारोबार से जुड़े कासिम मोहम्मद ने कहा कि यह कार्य उनके परिवार की कई पीढ़ियों से जुड़ा हुआ है। उन्होंने बताया कि पहले यह काम मेरे पिता करते थे और अब मैं इसे आगे बढ़ा रहा हूं। हमारी इस हनी को 'वन डिस्ट्रिक्ट, वन प्रोडक्ट' का दर्जा मिला हुआ है। आज जब जी7 सम्मेलन में विदेशी नेताओं को यह शहद उपहार में दिया गया है तो हम बेहद खुश हैं। हमें विश्वास है कि अब हमारे अच्छे दिन आने वाले हैं।
उन्होंने कहा कि इस कारोबार से लगभग 800 लोग जुड़े हुए हैं और प्रधानमंत्री मोदी ने उनके उत्पाद को अंतरराष्ट्रीय बाजार तक पहुंचाने का काम किया है। कासिम मोहम्मद ने कहा कि इस सम्मान से न केवल शहद उत्पादकों का मनोबल बढ़ा है। उन्होंने इसके लिए प्रधानमंत्री और संबंधित सरकारी विभागों का आभार व्यक्त किया।
वहीं, कृषि अधिकारी अयाज अहमद ऋषि ने भी प्रधानमंत्री के इस कदम का स्वागत किया। उन्होंने कहा कि जी7 शिखर सम्मेलन में विश्व नेताओं को रामबन हनी भेंट किए जाने से इसकी मार्केटिंग पर सकारात्मक प्रभाव पड़ेगा। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिलने से इसकी मांग बढ़ेगी और हमारे किसानों की आय में उल्लेखनीय वृद्धि होगी।
उन्होंने विश्वास जताया कि वैश्विक मंच पर मिली यह पहचान स्थानीय मधुमक्खी पालन उद्योग को नई दिशा देगी और आने वाले समय में रामबन हनी देश ही नहीं बल्कि दुनिया के प्रमुख प्राकृतिक उत्पादों में अपनी जगह बनाएगी।
--आईएएनएस
पीएसके
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