Office Address

Address Display Here

Phone Number

+91-9876543210

Email Address

info@deshbandhu.co.in

पीएम मोदी ने पश्चिम बंगाल में योजनाओं के शुभारंभ के लिए तारकेश्वर को ही क्यों चुना?


कोलकाता, 19 जून (आईएएनएस)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शनिवार को पश्चिम बंगाल दौरे पर पहुंचेंगे और उनका पहला कार्यक्रम हुगली जिले के तारकेश्वर में होगा, जो कोलकाता से करीब 62 किलोमीटर दूर स्थित है। यहीं से प्रधानमंत्री 'पश्चिम बंग दिवस' समारोह में शामिल होकर कई केंद्रीय योजनाओं का शुभारंभ और विकास परियोजनाओं की आधारशिला रखेंगे।

कोलकाता, 19 जून (आईएएनएस)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शनिवार को पश्चिम बंगाल दौरे पर पहुंचेंगे और उनका पहला कार्यक्रम हुगली जिले के तारकेश्वर में होगा, जो कोलकाता से करीब 62 किलोमीटर दूर स्थित है। यहीं से प्रधानमंत्री 'पश्चिम बंग दिवस' समारोह में शामिल होकर कई केंद्रीय योजनाओं का शुभारंभ और विकास परियोजनाओं की आधारशिला रखेंगे।

तारकेश्वर को कार्यक्रम स्थल के रूप में चुने जाने के पीछे ऐतिहासिक महत्व भी जुड़ा है। 15 अप्रैल 1947 को यहीं अखिल भारतीय हिंदू महासभा की बैठक हुई थी, जिसमें भारतीय जनसंघ के संस्थापक डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी को बंगाल के विभाजन के लिए आवश्यक कदम उठाने का अधिकार दिया गया था।

उस समय बंगाल के तत्कालीन प्रधानमंत्री हुसैन शहीद सुहरावर्दी पूरे बंगाल को पाकिस्तान में शामिल करना चाहते थे, क्योंकि राज्य में मुस्लिम आबादी बहुसंख्यक थी, जबकि हिंदुओं की आबादी लगभग 42 प्रतिशत थी। डॉ श्यामा प्रसाद मुखर्जी ने इसका विरोध करते हुए तत्कालीन वायसराय लॉर्ड माउंटबेटन को पत्र लिखकर मांग की थी कि यदि भारत का विभाजन न भी हो, तब भी बंगाल का विभाजन किया जाए ताकि हिंदू बहुल क्षेत्र पाकिस्तान का हिस्सा न बनें।

इसी ऐतिहासिक पृष्ठभूमि के कारण प्रधानमंत्री मोदी ने तारकेश्वर से पश्चिम बंग दिवस मनाने का निर्णय लिया है। इस वर्ष समारोह की थीम "पश्चिम बंगाल: विरासत, सद्भाव और विकास" रखी गई है।

इस अवसर पर प्रधानमंत्री रेलवे, कृषि, ग्रामीण विकास, मत्स्य पालन और पशुपालन क्षेत्रों से जुड़ी कई विकास परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास करेंगे। इन योजनाओं का उद्देश्य राज्य में बुनियादी ढांचे को मजबूत करना, किसानों की आय बढ़ाना और सामाजिक-आर्थिक विकास को गति देना है।

प्रधानमंत्री इस दौरान प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि (पीएम-किसान) की 23वीं किस्त भी जारी करेंगे। इसके तहत देशभर के 9.44 करोड़ से अधिक किसानों के खातों में 18,880 करोड़ रुपये से ज्यादा की राशि सीधे ट्रांसफर की जाएगी।

पश्चिम बंगाल के 45 लाख से अधिक किसानों को 900 करोड़ रुपये से ज्यादा की राशि मिलेगी, जिससे राज्य में इस योजना के तहत अब तक वितरित कुल राशि 15,000 करोड़ रुपये से अधिक हो जाएगी। वहीं, देशभर में 2019 से अब तक इस योजना के तहत कुल वितरण 4.46 लाख करोड़ रुपये से अधिक पहुंच जाएगा।

प्रधानमंत्री पश्चिम बंगाल में कई प्रमुख केंद्रीय कृषि योजनाओं की भी शुरुआत करेंगे। इनमें प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना, डिजिटल एग्रीकल्चर मिशन के तहत एग्रीस्टैक, राष्ट्रीय प्राकृतिक खेती मिशन और प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना शामिल हैं।

फसल बीमा योजना के तहत वर्ष 2026-27 में राज्य के लगभग 50 लाख किसानों और 14 लाख हेक्टेयर कृषि भूमि को बीमा सुरक्षा देने की योजना है, जिससे करीब 28,140 करोड़ रुपये मूल्य की फसलों को सुरक्षा मिलेगी।

एग्रीस्टैक के माध्यम से किसानों को उर्वरक वितरण, किसान क्रेडिट कार्ड, प्रत्यक्ष लाभ हस्तांतरण (डीबीटी) और न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) पर खरीद जैसी सेवाओं के लिए एकीकृत डिजिटल प्लेटफॉर्म उपलब्ध कराया जाएगा।

राष्ट्रीय प्राकृतिक खेती मिशन के तहत राज्य में 17,300 हेक्टेयर क्षेत्र में 346 प्राकृतिक खेती क्लस्टर विकसित किए जाएंगे। इसके साथ ही बायो-इनपुट रिसोर्स सेंटर स्थापित किए जाएंगे और 'कृषि सखी' नेटवर्क के माध्यम से पर्यावरण अनुकूल खेती को बढ़ावा दिया जाएगा।

इसके अलावा प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना के तहत पुरुलिया, दार्जिलिंग, अलीपुरद्वार और झाड़ग्राम जिलों को शामिल किया जाएगा। इस योजना का उद्देश्य कृषि उत्पादकता बढ़ाना, फसल विविधीकरण को प्रोत्साहित करना, सिंचाई और भंडारण सुविधाओं को मजबूत करना, किसानों की संस्थागत ऋण तक पहुंच बढ़ाना और केंद्र व राज्य सरकार की विभिन्न योजनाओं के बेहतर समन्वय के जरिए ग्रामीण विकास को गति देना है।

--आईएएनएस

डीएससी

Share:

Leave A Reviews

Related News