कोलकाता, 9 मई (आईएएनएस)। सुवेंदु अधिकारी ने शनिवार को पश्चिम बंगाल के नौवें मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली। शपथ ग्रहण समारोह में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भाजपा के वरिष्ठ कार्यकर्ताओं में से एक माखनलाल सरकार का आशीर्वाद लिया। इस पर माखनलाल सरकार के परिवार वालों ने खुशी जताई।
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कोलकाता, 9 मई (आईएएनएस)। सुवेंदु अधिकारी ने शनिवार को पश्चिम बंगाल के नौवें मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली। शपथ ग्रहण समारोह में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भाजपा के वरिष्ठ कार्यकर्ताओं में से एक माखनलाल सरकार का आशीर्वाद लिया। इस पर माखनलाल सरकार के परिवार वालों ने खुशी जताई।
माखनलाल सरकार की बेटी संचिता बसाक ने आईएएनएस से बात की और कहा कि उन्हें अपने पिता पर बहुत गर्व है। जब हम छोटे थे, पिता राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सदस्य हुआ करते थे। उन्होंने पार्टी के लिए बहुत मेहनत की। आज जब भाजपा की सरकार बनी, तो हमें लगा कि उनकी सारी मेहनत का फल मिल गया है।
संचिता बसाक ने बताया कि टीएमसी, सीपीआई (एम) और कांग्रेस समेत दूसरी पार्टियों के नेता भी मेरे पिता का सम्मान करते थे। उन्होंने कहा कि पूर्व विदेश मंत्री सुषमा स्वराज उनके पिता को चिट्ठियां लिखती थीं। वह श्यामा प्रसाद मुखर्जी के साथ जेल भी गए थे।
माखनलाल सरकार के बेटे माणिकलाल सरकार ने कहा कि हमने कभी नहीं सोचा था कि प्रधानमंत्री मेरे पिता का इतना सम्मान करेंगे। गर्व से भरे माणिकलाल सरकार ने कहा कि उनके पिता 16 साल की उम्र से ही संघ से जुड़ गए थे। शुरुआत में भाजपा की दार्जिलिंग यूनिट में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी।
उन्होंने आईएएनएस को बताया कि मेरे पिता ने कई साल तक श्यामा प्रसाद मुखर्जी के साथ काम किया। उन्हें राष्ट्रगान गाने के लिए गिरफ्तार भी किया गया था।
बेटे माणिकलाल सरकार ने कहा कि वे आरएसएस के सिद्धांतों से कभी नहीं भटके। हमारे मोहल्ले में हर कोई जानता है कि वह एक ईमानदार आदमी हैं और उन्होंने हमेशा सादा जीवन जीया है।
माणिकलाल सरकार ने कहा, “पूर्व प्रधानमंत्री मोरारजी देसाई के कार्यकाल के दौरान सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री ने मेरे पिता को सिलीगुड़ी से गंगटोक तक यात्रा करने के लिए एक परमिट दिया था, लेकिन उन्होंने यह कहते हुए सिलीगुड़ी की अदालत में वह परमिट वापस कर दिया था कि वह पैसे के लिए पार्टी का काम नहीं करते।
पत्नी पुतुल सरकार ने कहा कि पति माखनलाल सरकार घर पर पार्टी के काम के बारे में ज्यादा बात नहीं करते थे, लेकिन वह श्यामा प्रसाद मुखर्जी की किताबें पढ़ते थे।
माखनलाल सरकार की बहू मीनू सरकार ने कहा कि सभी को गर्व है, क्योंकि उनके ससुर को इतने साल तक भाजपा के लिए कड़ी मेहनत करने के बाद आखिरकार पहचान मिली है। उन्होंने कहा कि मेरी शादी को 25 साल हो गए हैं और मैंने उन्हें बुलाई गई पार्टी की हर बैठक में जाते देखा है।
बहू मीनू ने एक किस्सा बताया कि एक बार गाड़ी से उनका एक्सीडेंट हो गया था, तब उनकी मां ने गाड़ी चलाने से मना कर दिया। उस दिन से पापा (माखनलाल सरकार) साइकिल चलाने लगे थे।
--आईएएनएस
एसडी/वीसी
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