शेखपुरा, 14 मार्च (आईएएनएस)। कहते हैं कि अगर सही समय पर सही योजना की जानकारी मिल जाए तो एक छोटे किसान की जिंदगी भी बदल सकती है। इसका जीता-जागता उदाहरण बिहार में स्थित शेखपुरा जिले के हुसैनाबाद गांव के निवासी वीरू रजक हैं, जिन्होंने सरकार की प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्योग उन्नयन योजना (पीएमएफएमई) का लाभ उठाकर मशरूम की खेती में नई पहचान बनाई है। आज वे बड़े पैमाने पर मशरूम का उत्पादन कर अच्छी आमदनी कमा रहे हैं और अपने परिवार की आर्थिक स्थिति को मजबूत बना चुके हैं। उन्होंने छोटे कमरे से खेती शुरू की थी।
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शेखपुरा, 14 मार्च (आईएएनएस)। कहते हैं कि अगर सही समय पर सही योजना की जानकारी मिल जाए तो एक छोटे किसान की जिंदगी भी बदल सकती है। इसका जीता-जागता उदाहरण बिहार में स्थित शेखपुरा जिले के हुसैनाबाद गांव के निवासी वीरू रजक हैं, जिन्होंने सरकार की प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्योग उन्नयन योजना (पीएमएफएमई) का लाभ उठाकर मशरूम की खेती में नई पहचान बनाई है। आज वे बड़े पैमाने पर मशरूम का उत्पादन कर अच्छी आमदनी कमा रहे हैं और अपने परिवार की आर्थिक स्थिति को मजबूत बना चुके हैं। उन्होंने छोटे कमरे से खेती शुरू की थी।
वीरू रजक बताते हैं "शुरुआत में वे अपने घर के एक छोटे से कमरे में मशरूम की खेती किया करते थे। सीमित जगह और संसाधनों की कमी के कारण उत्पादन भी कम होता था और आमदनी भी बहुत कम होती थी। उस समय परिवार का भरण-पोषण करना और बच्चों की पढ़ाई का खर्च उठाना उनके लिए काफी मुश्किल हो गया था।"
वीरू बताते हैं, "इसी दौरान उन्हें प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्योग उन्नयन योजना के बारे में जानकारी मिली। योजना के तहत उन्होंने आवेदन किया और सरकारी सहायता प्राप्त की। इस सहायता से उन्होंने मशरूम उत्पादन को बड़े स्तर पर शुरू किया। बेहतर शेड, उपकरण और जरूरी सामग्री की व्यवस्था की। योजना का लाभ मिलने के बाद मशरूम की खेती को व्यवस्थित तरीके से शुरू किया। आज वे बड़े स्तर पर मशरूम का उत्पादन कर रहे हैं। उनकी मेहनत और योजना के सहयोग से उत्पादन कई गुना बढ़ गया है। स्थानीय बाजारों में उनके मशरूम की अच्छी मांग है, जिससे उन्हें पहले की तुलना में कहीं ज्यादा आय हो रही है।"
वीरू रजक ने प्रधानमंत्री को धन्यवाद देते हुए कहा कि यह योजना हम जैसे छोटे किसानों के लिए बहुत लाभदायक साबित हो रही है। अगर किसानों को सही जानकारी और सहयोग मिले तो वे भी आत्मनिर्भर बन सकते हैं। इस तरह सरकारी योजना, मेहनत और सही मार्गदर्शन के बल पर शेखपुरा के एक छोटे किसान ने न सिर्फ अपनी जिंदगी बदली, बल्कि गांव के अन्य किसानों के लिए भी नई राह दिखा दी है।
--आईएएनएस
ओपी/वीसी
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