नई दिल्ली, 29 अक्टूबर (आईएएनएस)। गुजरात जायंट्स के हेड कोच माइकल क्लिंगर ने कहा कि 14 जनवरी से 7 फरवरी तक होने वाली महिला प्रीमियर लीग (डब्ल्यूपीएल) 2027 में प्लेइंग इलेवन के लिए चार विदेशी खिलाड़ियों को चुनना फ्रेंचाइजी के सामने सबसे कठिन फैसलों में से एक होगा।
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नई दिल्ली, 29 अक्टूबर (आईएएनएस)। गुजरात जायंट्स के हेड कोच माइकल क्लिंगर ने कहा कि 14 जनवरी से 7 फरवरी तक होने वाली महिला प्रीमियर लीग (डब्ल्यूपीएल) 2027 में प्लेइंग इलेवन के लिए चार विदेशी खिलाड़ियों को चुनना फ्रेंचाइजी के सामने सबसे कठिन फैसलों में से एक होगा।
कोच्चि में हुए ऑक्शन में गुजरात जायंट्स ने अपने तीन खाली स्लॉट भरे। उन्होंने भारतीय विकेटकीपर-बल्लेबाज जी. कमलिनी (40 लाख रुपए में), आयरलैंड की सीम-बॉलिंग ऑलराउंडर ओर्ला प्रेंडरगास्ट (30 लाख रुपए में) और प्रतिभाशाली ऑलराउंडर समायरा राघव (10 लाख रुपए में) को अपनी टीम में शामिल किया। समायरा को ऑक्शन पूल में देर से जोड़ा गया था।
अब गुजरात जायंट्स के पास छह विदेशी खिलाड़ी हैं: कप्तान एश्ले गार्डनर, बेथ मूनी, सोफी डिवाइन, जॉर्जिया वेयरहम, किम गार्थ और ओर्ला। ओर्ला डब्ल्यूपीएल में चुनी जाने वाली पहली आयरिश क्रिकेटर बन गई हैं। गुरुवार को आईएएनएस के साथ खास बातचीत करते हुए माइकल क्लिंगर ने कहा, "हमारे पास मौजूद खिलाड़ियों की क्वालिटी को देखते हुए प्लेइंग इलेवन में चार विदेशी खिलाड़ियों को चुनना वाकई बहुत मुश्किल होगा। पिछले साल हमने चार बल्लेबाजों या ऑलराउंडरों को मौका दिया था। हमारे पास किम गार्थ भी हैं, जो पिछले साल नहीं खेली थीं, लेकिन इस समय वह अपने करियर की सबसे बेहतरीन फॉर्म में हैं।"
उन्होंने आगे कहा, "इसी कारण वह भी निश्चित रूप से मैच खेलने के लिए जोर लगाएंगी। वह हमारे लिए नई गेंद से गेंदबाजी करने और डेथ ओवरों में गेंदबाजी करने के शानदार विकल्प देती हैं। ओर्ला के टीम में आने के बाद अब हमें कुछ बहुत मुश्किल फैसले लेने होंगे, लेकिन यह एक अच्छी समस्या है।"
एश्ले गार्डनर की कप्तानी वाली यह टीम पिछले सीजन में प्लेऑफ तक पहुंची थी, लेकिन एलिमिनेटर मुकाबले में दिल्ली कैपिटल्स से हार गई थी। डब्ल्यूपीएल 2027 में, जहां अभी वेन्यू (मैदान) तय नहीं हुए हैं, गुजरात जायंट्स की कोशिश एक कदम और आगे बढ़कर अपना पहला खिताब जीतने की होगी।
टीम में पहले से ही बेथ मूनी और यास्तिका भाटिया के रूप में दो विकेटकीपर मौजूद होने के बावजूद कमलिनी को साइन करने के पीछे की वजह बताते हुए क्लिंगर ने कहा कि फ्रेंचाइजी उनके लिए ज्यादा पैसे खर्च करने को भी तैयार थी और वह उनका इस्तेमाल सिर्फ एक बल्लेबाज के तौर पर करेंगे।
क्लिंगर ने कहा, "हमें लगा था कि कमलिनी को खरीदने के लिए दूसरी टीमें भी बोली लगाएंगी। इसलिए उन्हें उनके बेस प्राइस पर हासिल करना हमारे लिए शानदार बात रही। जरूरत पड़ती तो हम उनके लिए और ज्यादा रकम की बोली लगाने के लिए भी तैयार थे। मुझे लगता है कि उनकी बल्लेबाजी में लचीलापन हमारी टीम के लिए काफी फायदेमंद है। वह बल्लेबाजी क्रम में अलग-अलग जगह खेल सकती हैं, जिससे टीम संयोजन और विदेशी खिलाड़ियों के चयन में हमें कई विकल्प मिलते हैं।"
उन्होंने आगे कहा, "तीन विकेटकीपर होने के बावजूद हम उन्हें सिर्फ एक बल्लेबाज के तौर पर देख रहे हैं। शुरुआत में विकेटकीपिंग के लिए हमारे पास यास्तिका और बेथ के विकल्प हैं, और शायद हम उन्हीं के साथ शुरुआत करेंगे। हालांकि, कमलिनी पहले भी सिर्फ एक बल्लेबाज के तौर पर खेल चुकी हैं और उन्हें टीम में शामिल करके हम बहुत उत्साहित हैं।"
जहां तक समायरा की बात है, तो डब्ल्यूपीएल में 'अनकैप्ड' (जिन्होंने अभी तक अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट नहीं खेला है) फिनिशर मिलना मुश्किल होता है। समायरा ने इस साल 'महिला अंडर-19 टी20 ट्रॉफी' में दिल्ली के लिए खेलते हुए अपनी यह काबिलियत दिखाई है। वहां उन्होंने 54 की औसत और 216 के स्ट्राइक रेट से 162 रन बनाए हैं, जिसमें चार बार वह नाबाद रहीं।
उस टूर्नामेंट में समायरा ने पुडुचेरी के खिलाफ 325, बंगाल के खिलाफ 308, उत्तराखंड के खिलाफ 275, सौराष्ट्र के खिलाफ 221 और हरियाणा के खिलाफ सेमीफाइनल में 192 के स्ट्राइक रेट से रन बनाए। क्लिंगर ने आगे कहा, "समायरा की पहचान एक बहुत अच्छी मिडिल ऑर्डर बल्लेबाज के रूप में है, जो पारी को बहुत अच्छे से फिनिश करती हैं। हाल ही में अंडर-19 घरेलू टूर्नामेंट में उन्होंने ऐसा ही किया था। कुछ हफ्ते पहले बेंगलुरु में हमारे ट्रेनिंग कैंप के दौरान भी, उसने कुछ स्थितियों और प्रैक्टिस मैचों में ऐसा ही प्रदर्शन किया।"
समायरा ने पहली बार डब्ल्यूपीएल स्काउट्स का ध्यान तब खींचा, जब वह इस साल 'महिला दिल्ली प्रीमियर लीग' (डीपीएल) में नॉर्थ दिल्ली स्ट्राइकर्स के लिए खेल रही थीं। अरुण जेटली स्टेडियम में ईस्ट दिल्ली राइडर्स के खिलाफ एक मैच के दौरान, जब टीम को जीत के लिए 2 गेंदों पर 6 रनों की जरूरत थी, तब उन्होंने एक शानदार छक्का जड़कर अपनी टीम को जीत दिलाई।
गुरुग्राम की रहने वाली समायरा पहले एक स्प्रिंटर (दौड़ने वाली एथलीट) हुआ करती थी। इसके बाद उनके पिता ने उन्हें क्रिकेट खेलने के लिए प्रेरित किया, और जल्द ही उन्हें यह खेल पसंद आने लगा। क्लिंगर ने अपनी बात खत्म करते हुए कहा, "इतनी कम उम्र में ऐसा प्रदर्शन करना और समझदारी से खेलना वाकई बहुत शानदार है। हो सकता है कि उन्हें (अंडर-19) वर्ल्ड कप टीम में चुन लिया जाए - अगर ऐसा होता है, तो शायद इस साल हम उन्हें ज्यादा न देख पाएं। हालांकि, अगर उनका चयन नहीं होता है, तो हम समायरा को अपनी टीम में जरूर शामिल करना चाहेंगे।"
--आईएएनएस
एसएम/एबीएम
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