पुलिवेंदुला (आंध्र प्रदेश), 1 नवंबर (आईएएनएस)। वाईएसआरसीपी प्रमुख वाईएस जगन मोहन रेड्डी ने आरोप लगाया कि पुलिवेंदुला में उनकी पार्टी के पोलिंग एजेंटों को मतदान केंद्रों में प्रवेश करने से रोका जा रहा है। उन्होंने दावा किया कि निर्वाचन क्षेत्र के 80 मतदान केंद्रों में से 70 में वाईएसआरसीपी के एजेंट मौजूद नहीं हैं।
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पुलिवेंदुला (आंध्र प्रदेश), 1 नवंबर (आईएएनएस)। वाईएसआरसीपी प्रमुख वाईएस जगन मोहन रेड्डी ने आरोप लगाया कि पुलिवेंदुला में उनकी पार्टी के पोलिंग एजेंटों को मतदान केंद्रों में प्रवेश करने से रोका जा रहा है। उन्होंने दावा किया कि निर्वाचन क्षेत्र के 80 मतदान केंद्रों में से 70 में वाईएसआरसीपी के एजेंट मौजूद नहीं हैं।
मीडिया को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा, "मैं सभी पत्रकारों और कैमरापर्सन से अनुरोध करता हूं कि वे अपने कैमरे इन दस्तावेजों पर फोकस करें। ये सभी लोग पोलिंग एजेंट हैं, जिन्हें मतदान केंद्रों के अंदर मौजूद होना चाहिए। हालांकि, पुलिवेंदुला के 80 मतदान केंद्रों में से 70 बूथों में वाईएसआरसीपी एजेंटों को प्रवेश नहीं करने दिया गया है।"
उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में यदि विपक्षी दल के पोलिंग एजेंटों को मतदान केंद्रों के अंदर बैठने की अनुमति नहीं दी जाएगी, तो मतदाताओं की पहचान कौन करेगा? उनकी पहचान सत्यापित करने वाला कोई नहीं होगा। वाईएसआरसीपी के पोलिंग एजेंटों को या तो जबरन मतदान केंद्रों से बाहर निकाल दिया गया है या उन्हें मतदान केंद्रों में प्रवेश करने से ही रोक दिया गया है।
वाईएसआरसीपी प्रमुख ने कहा कि मैं उन सभी से अनुरोध करता हूं जो अपने कैमरे का रुख कर रहे हैं कि कृपया इन कागजों पर फोकस रखें। ये सभी लोग मतदान एजेंट हैं। उन्हें मतदान केंद्रों में होना चाहिए था। आज पुलिवेंदुला के 80 बूथों में से 70 बूथों पर आपके पास कोई वाईएसआरसीपी एजेंट नहीं है। लोकतंत्र में अगर आप वाईएसआरसीपी एजेंटों यानी विपक्षी दल के एजेंटों को मतदान केंद्रों में बैठने की अनुमति नहीं देते, तो मतदाताओं की पहचान कौन करेगा।
उन्होंने कहा कि मतदाताओं की पहचान करने वाला कोई नहीं है क्योंकि आपने यह सुनिश्चित किया है कि वाईएसआरसीपी के मतदान एजेंटों को या तो मतदान केंद्रों से घसीटकर बाहर निकाल दिया जाए या उन्हें मतदान केंद्रों में प्रवेश ही न करने दिया जाए।
उन्होंने कहा कि ये सभी 70 लोग उन 70 बूथों से संबंधित हैं, जहां उन्हें अंदर जाने की अनुमति नहीं दी गई। रविवार सुबह चार बजे से ही टीडीपी के गुंडों ने मतदान केंद्रों पर कब्जा कर रखा है। बूथों के बाहर भी और अंदर भी। पुलिसकर्मी वास्तव में पूरी तरह टीडीपी का समर्थन कर रहे हैं। कुछ मामलों में पुलिसकर्मी स्वयं हमारी ओर से दिए गए मतदान एजेंटों के फॉर्म ले लेते हैं और उन्हें अनुमति नहीं देते। कुछ मामलों में टीडीपी के लोग मतदान एजेंटों को पकड़कर पीटते हैं, उन्हें वापस भेज देते हैं, उनके कागज फाड़ देते हैं और पुलिस अधिकारी मूकदर्शक बने रहते हैं।
वाईएस जगन मोहन रेड्डी ने कहा कि सैकड़ों लोग इन बूथों पर कब्जा करके लाठियां और पत्थर लेकर घूम रहे हैं। आपकी आंखों के सामने वे लाठियां लेकर घूम रहे हैं। पत्रकारों को पीटा गया है, वीडियो कैमरे क्षतिग्रस्त कर दिए गए हैं और तोड़ दिए गए हैं। यह सब कुछ आपके सामने, आपकी मौजूदगी में हुआ है। क्या यह चुनाव है?
उन्होंने कहा कि चुनाव प्रक्रिया के दौरान 100 नगरपालिकाओं में से 17 नगरपालिकाओं में आपने नामांकन तक दाखिल करने की अनुमति नहीं दी। विपक्ष को नामांकन पत्र भरने का अवसर दिए बिना ही उन्हें निर्विरोध निर्वाचित घोषित कर दिया गया। अब मतदान के दिन यह हालत सिर्फ पुलिवेंदुला की नहीं है बल्कि पुलिवेंदुला, खारप्पा, जम्मलमडुगु, चित्तूर, माचर्ला, चिलकलूरिपेटा, ताडिपत्री, मदनपल्ले, चेमकुर्ती और कुप्पम सभी जगहों पर यही स्थिति है।
उन्होंने कहा कि अगर आप स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव नहीं होने देना चाहते, तो फिर चुनाव कराने की आवश्यकता ही क्या है? बेहतर होगा कि अपने लोगों को सीधे पदों पर नामित कर दें। अगर आप इसे चुनाव कह रहे हैं, तो इसमें निष्पक्षता होनी चाहिए। लोगों को नामांकन दाखिल करने का अवसर मिलना चाहिए। लोगों को स्वतंत्र और निष्पक्ष तरीके से इन चुनावों में भाग लेने और चुनाव लड़ने का अवसर भी मिलना चाहिए। अगर आप ऐसा होने नहीं दे रहे हैं, तो इसे चुनाव क्यों कहते हैं? इसे नामांकन ही कहिए।
--आईएएनएस
केके/पीएम
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