Office Address

Address Display Here

Phone Number

+91-9876543210

Email Address

info@deshbandhu.co.in

प्यार का रूप बदलता रहता है, यह उम्र बढ़ने के साथ और भी खूबसूरत हो जाता है : सौरभ शुक्ला

मुंबई, 9 मार्च (आईएएनएस)। फिल्म इंडस्ट्री को एक से बढ़कर एक फिल्में देने वाले अभिनेता और फिल्ममेकर सौरभ शुक्ला का मानना है कि उम्र के साथ प्यार कम नहीं होता, बल्कि वह और भी गहरा, खूबसूरत हो जाता है। उनकी नई फिल्म 'जब खुली किताब' इसी विचार को केंद्र में रखकर बनी है, जिसमें एक बुजुर्ग दंपति की खुशहाल शादी की कहानी दिखाई गई है।

मुंबई, 9 मार्च (आईएएनएस)। फिल्म इंडस्ट्री को एक से बढ़कर एक फिल्में देने वाले अभिनेता और फिल्ममेकर सौरभ शुक्ला का मानना है कि उम्र के साथ प्यार कम नहीं होता, बल्कि वह और भी गहरा, खूबसूरत हो जाता है। उनकी नई फिल्म 'जब खुली किताब' इसी विचार को केंद्र में रखकर बनी है, जिसमें एक बुजुर्ग दंपति की खुशहाल शादी की कहानी दिखाई गई है।

6 मार्च को जी5 पर रिलीज फिल्म में गोपाल और अनुसूया नामक एक बुजुर्ग जोड़े की जिंदगी की कहानी दिखाई गई है, जो सालों से साथ निभा रहे हैं। फिल्म की कहानी में दिखाया गया है कि सब कुछ सेटल लगता है, लेकिन अचानक एक पुराना राज खुलने से उनके रिश्ते में उथल-पुथल मच जाती है। इस दौरान प्यार, लंबे समय का साथ, माफी और एक-दूसरे को फिर से समझने की कोशिश की भावनाएं दिल को छू लेती हैं। कहानी में कॉमेडी के साथ-साथ भावुक पल भी हैं।

अभिनेता सौरभ शुक्ला ने आईएएनएस से बातचीत की, जिसमें बताया कि फिल्म बढ़ती उम्र में रोमांस और साथ रहने के विषय को खूबसूरती से दिखाती है, जो हिंदी सिनेमा में अभी भी बहुत कम देखने को मिलता है। स्क्रिप्ट लिखते समय कई लोगों ने उनसे पूछा था कि क्या युवा दर्शक बुजुर्ग कपल की कहानी पसंद करेंगे? लेकिन सौरभ को इस पर कभी शक नहीं हुआ।

उन्होंने बताया, “फिल्म में उम्रदराज कपल बाहर से भले ही बड़े लगें, लेकिन मन से वे जवान हैं। जब कोई भावनात्मक बदलाव आता है, तो उनकी युवा दिनों की भावनाएं फिर जाग उठती हैं। वे बच्चों की तरह लड़ते हैं, एक्सप्रेस करते हैं और इमोशंस बाहर निकालते हैं। ऐसे में यंगस्टर्स भी इस कहानी के साथ आसानी से जुड़ सकते हैं, क्योंकि यह दो बूढ़े दिखने वाले युवा दिलों की कहानी है।”

सौरभ ने आगे कहा, "सिनेमा में प्यार को ज्यादातर जवानी से जोड़ा जाता है। युवावस्था में प्यार ज्यादा फिजिकल और हार्मोनल होता है, जिसमें एक्साइटमेंट, जल्दबाजी और शारीरिक आकर्षण ज्यादा रहता है। लेकिन प्यार कभी खत्म नहीं होता। हम प्यार करना कभी बंद नहीं करते। प्यार का रूप बदलता रहता है। जब आप सुबह आंखें खोलते हैं और देखते हैं कि दुनिया का सबसे खास इंसान आपके बगल में सो रहा है, तो यह एहसास बहुत खूबसूरत और प्यारा होता है, वास्तव में सच्चा प्यार उम्र की सीमाओं से परे है। यह फिल्म दर्शकों को याद दिलाती है कि जीवन के किसी भी पड़ाव पर प्यार मजबूत और सुंदर रह सकता है।"

--आईएएनएस

एमटी/एएस

Share:

Leave A Reviews

Related News