सोल, 22 अक्टूबर (आईएएनएस)। उत्तर कोरिया ने सोल के खिलाफ लाउडस्पीकर अभियान फिर शुरू करने की घोषणा की। इसके बाद दक्षिण कोरिया के एकीकरण मंत्रालय ने गुरुवार को उत्तर कोरिया से ऐसी गतिविधियों को तुरंत रोकने का आग्रह किया। मंत्रालय ने कहा कि इससे सीमा पर दक्षिण कोरिया के साथ टकराव का खतरा बढ़ सकता है।
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सोल, 22 अक्टूबर (आईएएनएस)। उत्तर कोरिया ने सोल के खिलाफ लाउडस्पीकर अभियान फिर शुरू करने की घोषणा की। इसके बाद दक्षिण कोरिया के एकीकरण मंत्रालय ने गुरुवार को उत्तर कोरिया से ऐसी गतिविधियों को तुरंत रोकने का आग्रह किया। मंत्रालय ने कहा कि इससे सीमा पर दक्षिण कोरिया के साथ टकराव का खतरा बढ़ सकता है।
बुधवार को प्योंगयांग ने सोल के खिलाफ सीमा पर लगे लाउडस्पीकरों से दुष्प्रचार फिर शुरू करने का ऐलान किया। उत्तर कोरियाई नेता किम जोंग उन की बहन किम यो जोंग ने कहा है कि अक्टूबर के अंत तक पूरी सीमा पर मनोवैज्ञानिक युद्ध के लिए लाउडस्पीकर चालू कर दिए जाएंगे।
मंत्रालय के हवाले से योनहाप न्यूज एजेंसी ने बताया, "ऐसे कदम जो युद्धविराम समझौते का उल्लंघन करते हैं, और मिलिट्री डिमार्केशन लाइन (एमडीएल) के पास तनाव तथा झड़पों का खतरा बढ़ाते हैं, उन्हें तुरंत रोका जाना चाहिए।" मंत्रालय ने उस समझौते का जिक्र किया, जिसने 1950-53 के कोरियाई युद्ध को रोक दिया था।
इसमें पुरानी गलतियों को न दोहराने की चेतावनी भी दी गई। साथ ही यह बताया गया कि दोनों कोरिया जून 2025 तक एक-दूसरे के खिलाफ लाउडस्पीकर का इस्तेमाल करते रहे थे, जिससे सीमा के दोनों ओर के लोगों को "असहनीय पीड़ा" झेलनी पड़ी थी।
मंत्रालय ने कहा, "दोनों कोरिया के बीच तनाव और टकराव के जोखिम को रोकने का मूल समाधान यह है कि वे एमडीएल (सैन्य सीमा रेखा) को लेकर अपने रुख में तालमेल बिठाएं और इसके शांतिपूर्ण प्रबंधन के लिए जल्द से जल्द एक संचार प्रणाली स्थापित करें।"
अप्रैल 2024 से, उत्तर कोरिया ने दक्षिण कोरिया के साथ अपनी सीमा को मजबूत करने के प्रयास तेज कर दिए हैं। ऐसा तब हुआ जब उत्तर कोरियाई नेता किम ने दोनों कोरियाई देशों के बीच के संबंधों को "एक-दूसरे के प्रति शत्रुतापूर्ण दो राज्यों" के रिश्तों के रूप में परिभाषित किया।
उत्तर कोरिया द्वारा सीमा को मजबूत करने के काम के दौरान, उसके सैनिक कई बार एमडीएल (सैन्य सीमा रेखा) को पार कर गए। इसके जवाब में, दक्षिण कोरियाई सेना ने उन्हें पीछे हटने के लिए चेतावनी जारी की और चेतावनी के तौर पर गोलियां भी चलाईं। सोल ने इन कदमों को 'रक्षात्मक कार्रवाई' बताया है, जिसका उद्देश्य सीमा के उल्लंघन को रोकना है।
दक्षिण कोरियाई अधिकारियों का मानना है कि उत्तर कोरिया शायद एमडीएल की अपनी ही व्याख्या का इस्तेमाल कर रहा है। सोल ने एमडीएल को स्पष्ट करने और सीमा के पास अनजाने में होने वाले टकराव को रोकने के लिए सैन्य बातचीत का प्रस्ताव दिया था, लेकिन प्योंगयांग की ओर से अभी तक कोई जवाब नहीं आया है।
इसके अलावा, प्योंगयांग से यह भी आग्रह किया गया कि वह दक्षिण कोरिया को धमकाना बंद करे और मुद्दों के प्रभावी समाधान की दिशा में काम करे।
योनहाप न्यूज एजेंसी की रिपोर्ट के अनुसार, किम यो जोंग ने दक्षिण कोरियाई सेना पर सीमा क्षेत्र में उकसावे वाली कार्रवाई करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि उत्तर कोरियाई सैन्य इकाइयां सीमा पर नए ठिकानों पर तैनात हो रही हैं और दक्षिण कोरिया की कार्रवाइयों के जवाब में प्रचार प्रसारण दोबारा शुरू किया जाएगा।
यह कदम दक्षिण कोरिया के राष्ट्रपति ली जे म्युंग की ओर से दोनों देशों के बीच तनाव कम करने के प्रयासों के लिए झटका माना जा रहा है। दक्षिण कोरिया ने जून 2025 में उत्तर कोरिया के खिलाफ अपने लाउडस्पीकर प्रसारण बंद कर दिए थे। इसके बाद उत्तर कोरिया ने भी अपने प्रसारण रोकने की दिशा में कदम उठाए थे।
दोनों कोरिया लंबे समय से सीमा पर लाउडस्पीकरों का इस्तेमाल एक-दूसरे के खिलाफ प्रचार और मनोवैज्ञानिक दबाव बनाने के लिए करते रहे हैं। दक्षिण कोरिया इन प्रसारणों के जरिए पॉप संगीत, समाचार और उत्तर कोरियाई शासन की आलोचना से जुड़ी सामग्री प्रसारित करता रहा है। इसके जवाब में उत्तर कोरिया सामान्यतः प्रचार संदेशों और तेज आवाज वाले कार्यक्रमों का इस्तेमाल करता है।
हाल के दिनों में दोनों देशों के बीच तनाव बढ़ने की प्रमुख वजह सीमा पर बारूदी सुरंगों से जुड़ी घटना रही है। 21 सितंबर को सीमा क्षेत्र में हुए विस्फोटों में दक्षिण कोरिया के तीन सैनिक घायल हो गए थे। सोल ने आरोप लगाया कि ये सुरंगें उत्तर कोरिया की ओर से बिछाई गई थीं और प्योंगयांग से माफी मांगने तथा इलाके में मौजूद अन्य सुरंगों को हटाने की मांग की। उत्तर कोरिया ने इन आरोपों को खारिज किया है।
--आईएएनएस
केआर/
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