Office Address

Address Display Here

Phone Number

+91-9876543210

Email Address

info@deshbandhu.co.in

राहुल गांधी के आरोपों पर विनोद तावड़े का पलटवार, कहा- लोकतंत्र पर टिप्पणी का नैतिक अधिकार नहीं


नई दिल्ली, 18 सितंबर (आईएएनएस)। भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव विनोद तावड़े ने कांग्रेस सांसद और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी के चुनाव आयोग पर लगाए गए आरोपों का जवाब देते हुए उन पर लोकतंत्र की हत्या का आरोप लगाया। तावड़े ने कहा कि जिनके शासनकाल में चुनी हुई सरकारों को कई बार बर्खास्त किया गया, उन्हें संवैधानिक संस्थाओं पर टिप्पणी करने का कोई अधिकार नहीं है।

नई दिल्ली, 18 सितंबर (आईएएनएस)। भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव विनोद तावड़े ने कांग्रेस सांसद और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी के चुनाव आयोग पर लगाए गए आरोपों का जवाब देते हुए उन पर लोकतंत्र की हत्या का आरोप लगाया। तावड़े ने कहा कि जिनके शासनकाल में चुनी हुई सरकारों को कई बार बर्खास्त किया गया, उन्हें संवैधानिक संस्थाओं पर टिप्पणी करने का कोई अधिकार नहीं है।

विनोद तावड़े ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, "90 बार चुनी हुई सरकारों को बर्खास्त कर लोकतंत्र की हत्या का खिताब जिनके सिर पर हो, उन्हें संवैधानिक संस्थाओं पर टिप्पणी करने का कोई अधिकार नहीं है। उत्तर प्रदेश ने भी छह बार कांग्रेस द्वारा राष्ट्रपति शासन लगाकर या समर्थन वापस लेकर चुनी हुई सरकारों को बलि चढ़ते हुए देखा है।"

इससे पहले राहुल गांधी ने एक्स पर चुनाव आयोग और भाजपा पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया था कि पहले शिवसेना, फिर राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) और अब तृणमूल कांग्रेस के साथ एक जैसा पैटर्न अपनाया गया है।

राहुल गांधी ने लिखा, "हर बार एक ही पैटर्न होता है। भाजपा और चुनाव आयोग मिलकर एक पार्टी को तोड़ते हैं, फिर उसका चुनाव चिन्ह छीन लिया जाता है।"

उन्होंने आगे दावा किया कि जब पूरी की पूरी पार्टी "चोरी" हो सकती है, तो करोड़ों भारतीयों के वोट चोरी होना भी हैरानी की बात नहीं है। उन्होंने कहा, "वोट चोरी, सरकार चोरी और अब पार्टी चोरी हमारे लोकतांत्रिक पतन के प्रतीक बन गए हैं।"

कांग्रेस नेता ने यह भी आरोप लगाया कि चुनाव आयोग की संवैधानिक जिम्मेदारी जनादेश की रक्षा करना है, लेकिन वह उन ताकतों की मदद कर रहा है जो जनता के फैसले को पलट देती हैं। राहुल गांधी ने कहा कि यह लड़ाई केवल ममता बनर्जी की नहीं, बल्कि हर राजनीतिक दल और हर मतदाता की है जो स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव चाहता है।

भाजपा और कांग्रेस के बीच चुनाव आयोग तथा राजनीतिक दलों के चुनाव चिन्हों को लेकर आरोप-प्रत्यारोप का यह नया दौर पश्चिम बंगाल में तृणमूल कांग्रेस के चुनाव चिन्ह को लेकर चल रही राजनीतिक बहस के बीच सामने आया है।

--आईएएनएस

डीएससी

Date & Time : 2026-09-18 21:05:01

Share:

Leave A Reviews

Related News