
भोपाल/ब्यावरा. पश्चिम मध्य रेलवे के भोपाल रेल मंडल अंतर्गत रविवार रात एक भयावह हादसा हो गया। ब्यावरा के पास विजयपुर स्टेशन पर एनएफएल (NFL) प्लांट से यूरिया लेकर निकली एक मालगाड़ी के डीजल इंजन में अचानक भीषण आग लग गई। आग की लपटें इतनी तेज थीं कि इंजन के लोको पायलट (LP) और सहायक लोको पायलट (ALP) ने चलती ट्रेन से कूदकर अपनी जान बचाई।
रात करीब 9:05 बजे हुए इस हादसे ने पूरे रेल मंडल में हड़कंप मचा दिया। इंजन से निकली आग की गर्मी इतनी प्रचंड थी कि रेलवे ट्रैक के ऊपर लगी ओवर हेड इक्विपमेंट (OHE) लाइन बुरी तरह जल गई। लगभग 9 खंभों के बिजली के तार टूटकर नीचे आ गिरे, जिससे पूरे ट्रैक की बिजली सप्लाई ठप हो गई। इस घटना के कारण मक्सी-रुठियाई रेल मार्ग पर करीब 11.30 घंटे तक यातायात पूरी तरह प्रभावित रहा।
ट्रैक बाधित होने के कारण कई महत्वपूर्ण ट्रेनें विभिन्न स्टेशनों और आउटर (जंगलों) में खड़ी रहीं। यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा:
झांसी-बांद्रा एक्सप्रेस: रुठियाई स्टेशन पर 5 घंटे तक खड़ी रही।
इंदौर-अमृतसर एक्सप्रेस: कुंभराज स्टेशन पर करीब 4:45 घंटे फंसी रही।
रतलाम-भिंड इंटरसिटी: चांचौड़ा-बीनागंज में 4:20 घंटे तक रुकी रही।
भिंड-रतलाम एक्सप्रेस: महूगढ़ा में 5:35 घंटे तक पहिए थमे रहे।
ऊना-हिमाचल एक्सप्रेस: गुना स्टेशन पर करीब 2 घंटे खड़ी रही।
इन ट्रेनों को बाद में गुना से बुलाए गए दूसरे डीजल इंजनों की मदद से खींचकर प्रभावित क्षेत्र से निकाला गया।
हादसे की खबर मिलते ही गुना और ब्यावरा से टावर बैगन मशीनें और टीआरडी (TRD) की टीमें मौके पर पहुँचीं। रातभर चले मरम्मत कार्य के बाद सुबह 8:20 बजे ट्रैक को पूरी तरह क्लियर किया गया। डीआरएम पंकज त्यागी के अनुसार, डीजल इंजन में तकनीकी फाल्ट की वजह से स्पार्किंग हुई, जिससे आग भड़की। इस मार्ग पर विद्युतीकरण के बाद डीजल इंजन में आग लगने की यह पहली बड़ी घटना है।
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