
कोटा। देशभर में एलपीजी गैस की आपूर्ति बाधित होने के कारण रेलवे प्रशासन ने आदेश जारी किया है कि रनिंग रूमों में स्टाफ अपने स्वयं के राशन से खाना नहीं बना सकेगा और उन्हें केवल सब्सिडाइज्ड खाना ही खाना होगा। इस आदेश से खफा वेस्ट सेंट्रल रेलवे एम्पलाइज यूनियन (डबलूसीआरईयू) के नेतृत्व में रनिंग स्टाफ ने शुक्रवार को कोटा लॉबी में जोरदार विरोध प्रदर्शन किया।
यूनियन के महामंत्री मुकेश गालव ने बताया कि रनिंग स्टाफ विभिन्न बीमारियों से जुझ रहा है और अपनी सेहत के अनुसार स्वयं का राशन बनाकर खाना आवश्यक है। सब्सिडाइज्ड खाने की गुणवत्ता लगातार घटिया रही है और ठेकेदारों की मनमानी के चलते सुधार नहीं हुआ। उन्होंने कहा कि गैस बचाने के लिए बेहतर उपाय इलेक्ट्रिक इंडक्शन चूल्हे, माइक्रोवेव या अन्य ईंधन विकल्प हो सकते हैं, लेकिन स्टाफ के खुद के राशन पर रोक लगाना अनुचित है।
विरोध प्रदर्शन में यूनियन के सहायक महामंत्री नरेश मालव ने कहा कि रनिंग स्टाफ रेलवे का फ्रंटलाइन और समर्पित स्टाफ है और उनकी स्वास्थ्य व भोजन की मूलभूत आवश्यकताओं की अनदेखी की जा रही है। उन्होंने चेताया कि अगर रेलवे ने स्टाफ को स्वयं का राशन बनाने की अनुमति शीघ्र नहीं दी तो रनिंग स्टाफ “नो फूड-नो वर्क” आंदोलन पर उतर सकता है और ट्रेन संचालन बाधित हो सकता है।
प्रदर्शन में कोटा मुख्यालय के सैकड़ों रनिंग स्टाफ उपस्थित रहे। इस दौरान ओपन लाइन शाखा उपाध्यक्ष संजीव शर्मा और कई अन्य यूनियन पदाधिकारी स्टाफ को संबोधित किए। उपस्थित नेताओं में चेतराम मीणा, प्रशांत भारद्वाज, विशाल वर्मा, शैलेश लोढ़वाल, किशन गोपाल मीणा, संदीप टेलर, संजय अग्रवाल, भूपेंद्र यादव और कई अन्य शामिल थे।

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