Office Address

Address Display Here

Phone Number

+91-9876543210

Email Address

info@deshbandhu.co.in

राजस्थान सरकार ने दवा विक्रेताओं के खिलाफ कार्रवाई की, ड्रग लाइसेंस रद्द किया


जयपुर, 24 अगस्त (आईएएनएस)। जयपुर में दवाओं की बिक्री और रिकॉर्ड रखने में गंभीर अनियमितताएं पाए जाने के बाद ड्रग विभाग ने दवा प्रतिष्ठानों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की है। एक ड्रग लाइसेंस को तत्काल प्रभाव से रद्द कर दिया गया है, जबकि चार अन्य को 14 से 30 दिनों की अवधि के लिए निलंबित कर दिया गया है।

जयपुर, 24 अगस्त (आईएएनएस)। जयपुर में दवाओं की बिक्री और रिकॉर्ड रखने में गंभीर अनियमितताएं पाए जाने के बाद ड्रग विभाग ने दवा प्रतिष्ठानों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की है। एक ड्रग लाइसेंस को तत्काल प्रभाव से रद्द कर दिया गया है, जबकि चार अन्य को 14 से 30 दिनों की अवधि के लिए निलंबित कर दिया गया है।

यह कार्रवाई प्रमुख सचिव (चिकित्सा एवं स्वास्थ्य) गायत्री राठौड़ के निर्देशों और ड्रग कमिश्नर टी. शुभमंगला तथा ड्रग कंट्रोलर अजय फाटक के मार्गदर्शन में की गई। ड्रग कंट्रोल ऑफिसर (जयपुर) मदन मोहन सिंघल ने सांगानेर सदर पुलिस स्टेशन की टीम के साथ मिलकर विभिन्न दवा प्रतिष्ठानों का निरीक्षण किया।

अधिकारियों ने दवाओं की बिक्री के रिकॉर्ड, शेड्यूल एच और एच-1 ड्रग रजिस्टर, बिक्री बिल, स्टॉक रजिस्टर, फार्मासिस्ट की उपस्थिति और अन्य कानूनी दस्तावेजों की जांच की। निरीक्षण के बाद, संबंधित लाइसेंस धारकों को कारण बताओ नोटिस जारी किए गए। उनके जवाबों की जांच करने और नियमों के उल्लंघन की पुष्टि करने के बाद, विभाग ने लागू नियमों के तहत कार्रवाई की।

गोविंदपुरा, सांगानेर स्थित श्री श्याम मेडिकोज का ड्रग लाइसेंस गंभीर अनियमितताओं, रिकॉर्ड रखने में कमियों और आवश्यक बिक्री बिल व अन्य रिकॉर्ड पेश न कर पाने के कारण तत्काल प्रभाव से रद्द कर दिया गया।

विभाग ने चार अन्य दवा विक्रेताओं के लाइसेंस भी निलंबित किए, जिनमें अभी भी मेडिकल एंड जनरल स्टोर, देवेश मेडिकल एजेंसी, शुभम मेडिकल एंड जनरल स्टोर और बालाजी मेडिकल शामिल हैं।

अधिकारियों ने कहा कि शेड्यूल एच, एच-1 और दूसरी कंट्रोल कैटेगरी की दवाओं की बिक्री से जुड़े नियमों का उल्लंघन करने वाले प्रतिष्ठानों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।

खास तौर पर सही बिक्री बिल, सही रिकॉर्ड-कीपिंग, तय रजिस्टरों का रखरखाव, रजिस्टर्ड फार्मासिस्ट की मौजूदगी और दूसरे जरूरी डॉक्यूमेंटेशन के मामले में नियमों के पालन पर नजर रखी जाएगी।

विभाग ने कहा कि ऐसी जांच का मकसद जनता को सुरक्षित और अच्छी क्वालिटी की दवाएं उपलब्ध कराना और रेगुलेटेड दवाओं की गैर-कानूनी या गलत बिक्री को रोकना है।

--आईएएनएस

एमएस/

Share:

Leave A Reviews

Related News