Office Address

Address Display Here

Phone Number

+91-9876543210

Email Address

info@deshbandhu.co.in

राजस्थान सरकार ने वरिष्ठ राजस्थान प्रशासनिक सेवा अधिकारी पंकज ओझा को थमाया आरोप पत्र, फेसबुक पर सांप्रदायिक पोस्ट का आरोप


जयपुर, 29 अक्टूबर (आईएएनएस)। राजस्थान सरकार ने वरिष्ठ राजस्थान प्रशासनिक सेवा (आरएएस) अधिकारी पंकज ओझा के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू करते हुए उन्हें आरोप पत्र (चार्जशीट) जारी किया है। उन पर अक्टूबर 2025 के दौरान फेसबुक पर कथित तौर पर जाति आधारित, सांप्रदायिक और राजनीतिक रूप से संवेदनशील पोस्ट साझा करने का आरोप है।

जयपुर, 29 अक्टूबर (आईएएनएस)। राजस्थान सरकार ने वरिष्ठ राजस्थान प्रशासनिक सेवा (आरएएस) अधिकारी पंकज ओझा के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू करते हुए उन्हें आरोप पत्र (चार्जशीट) जारी किया है। उन पर अक्टूबर 2025 के दौरान फेसबुक पर कथित तौर पर जाति आधारित, सांप्रदायिक और राजनीतिक रूप से संवेदनशील पोस्ट साझा करने का आरोप है।

कार्मिक विभाग ने अधिकारी को 15 दिनों के भीतर अपना जवाब दाखिल करने के निर्देश दिए हैं। विभाग ने चेतावनी दी है कि निर्धारित समय सीमा में जवाब नहीं मिलने पर एकतरफा कार्रवाई की जा सकती है।

वर्तमान में पंकज ओझा सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग में अतिरिक्त निदेशक के पद पर कार्यरत हैं। हालांकि उन्होंने सभी आरोपों से इनकार करते हुए दावा किया है कि उनके नाम से फर्जी स्क्रीनशॉट सोशल मीडिया पर प्रसारित किए गए थे।

चार्जशीट के अनुसार, ओझा ने कथित तौर पर अपने फेसबुक अकाउंट 'आरएएस पंकज ओझा' के जरिए 16, 19, 21, 22, 23, 24, 25 और 27 अक्टूबर 2025 को आपत्तिजनक, भड़काऊ और राजनीतिक रूप से संवेदनशील सामग्री साझा की थी। उस समय वह गोपालन विभाग के निदेशक के पद पर कार्यरत थे।

कार्मिक विभाग के अनुसार, उसे शिकायत मिली थी कि अधिकारी द्वारा जातीय और सांप्रदायिक टिप्पणियां की जा रही हैं। इसके बाद 19 जनवरी 2026 को तीन दिनों के भीतर स्पष्टीकरण मांगा गया था। विभाग का कहना है कि उस नोटिस का कोई जवाब प्राप्त नहीं हुआ।

आरोप पत्र में कहा गया है कि कुछ पोस्टों में प्रधानमंत्री तथा विभिन्न राज्यों के वर्तमान और पूर्व मुख्यमंत्रियों के लिए कथित रूप से अपमानजनक और असंसदीय भाषा का इस्तेमाल किया गया।

विभाग का कहना है कि ऐसी सामग्री सामाजिक और धार्मिक सौहार्द को प्रभावित कर सकती है और यह एक सरकारी अधिकारी से अपेक्षित आचरण के अनुरूप नहीं है।

कार्मिक विभाग ने आरोप लगाया है कि यह आचरण राजस्थान सिविल सेवा (आचरण) नियम, 1971 के नियम 3, 4 और 11 का उल्लंघन है तथा इससे सरकार और विभाग की छवि प्रभावित हुई है।

चार्जशीट में 25 अक्टूबर 2025 की एक कथित पोस्ट का भी उल्लेख किया गया है, जिसमें केंद्र सरकार की जाति आधारित जनगणना नीति पर सवाल उठाया गया था।

कथित पोस्ट में लिखा गया था, "सिर्फ जाति आधारित जनगणना ही क्यों? जाति आधारित करदाताओं और जाति आधारित अपराधों का आंकड़ा भी सार्वजनिक किया जाना चाहिए, ताकि पता चल सके कि कौन कितना योगदान देता है।"

विभाग ने इसे सरकारी नीति की आलोचना मानते हुए सेवा आचरण नियमों के उल्लंघन का मामला बताया है।

पंकज ओझा ने सभी आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि उन्होंने कोई आपत्तिजनक पोस्ट नहीं की। उनके अनुसार, उनके नाम का इस्तेमाल कर फर्जी स्क्रीनशॉट बनाए गए और सोशल मीडिया पर फैलाए गए।

उन्होंने कहा, "मैंने कोई आपत्तिजनक पोस्ट नहीं की। मेरे नाम से फर्जी स्क्रीनशॉट प्रसारित किए गए। वास्तव में मैं खुद इस मामले का पीड़ित हूं।"

ओझा का कहना है कि 29 दिसंबर 2025 को उन्होंने कार्मिक सचिव और मुख्य सचिव को पत्र लिखकर इस मामले में कार्रवाई की मांग की थी। उन्होंने जयपुर पुलिस आयुक्त से भी मुलाकात कर शिकायत की थी।

उनके मुताबिक, इस संबंध में अशोक नगर थाने में शिकायत दर्ज कराई गई थी और मामला जांच के अधीन है।

ओझा ने दावा किया कि 27 जनवरी 2026 को उन्होंने राज्य सरकार के 'राजकाज' पोर्टल के माध्यम से विस्तृत जवाब दाखिल कर दिया था, जिसमें उन्होंने स्पष्ट किया था कि कथित पोस्ट फर्जी हैं और उनके नाम से बनाई गई हैं। उन्होंने यह भी कहा कि उनके पास जवाब जमा करने की रसीद मौजूद है।

फिलहाल, मामला अनुशासनात्मक कार्रवाई के चरण में है। सरकार ने आरोप पत्र जारी कर जवाब मांगा है, जबकि पंकज ओझा लगातार आरोपों को निराधार बताते हुए खुद को साजिश का शिकार बता रहे हैं।

--आईएएनएस

एएमटी/डीकेपी

Date & Time : 2026-10-29 23:50:03

Share:

Leave A Reviews

Related News