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राज्यपाल की पहल को मिली रफ्तार, वाराणसी-चंदौली में एचपीवी टीकाकरण अभियान शुरू


लखनऊ, 28 जुलाई (आईएएनएस)। उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल की प्रेरणा से वाराणसी और चंदौली में मंगलवार को 9 से 14 वर्ष आयु वर्ग की 600 बालिकाओं को सर्वाइकल कैंसर से बचाव के लिए एचपीवी (ह्यूमन पैपिलोमा वायरस) वैक्सीन लगाई गई। इसके साथ ही चंदौली जिले में 20,316 बालिकाओं के निःशुल्क टीकाकरण अभियान का भी औपचारिक शुभारंभ हुआ।

लखनऊ, 28 जुलाई (आईएएनएस)। उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल की प्रेरणा से वाराणसी और चंदौली में मंगलवार को 9 से 14 वर्ष आयु वर्ग की 600 बालिकाओं को सर्वाइकल कैंसर से बचाव के लिए एचपीवी (ह्यूमन पैपिलोमा वायरस) वैक्सीन लगाई गई। इसके साथ ही चंदौली जिले में 20,316 बालिकाओं के निःशुल्क टीकाकरण अभियान का भी औपचारिक शुभारंभ हुआ।

वाराणसी और चंदौली में 9 से 14 वर्ष आयु वर्ग की कुल 600 बालिकाओं को एचपीवी वैक्सीन की डोज दी गई, जबकि चंदौली जिले में 20,316 बालिकाओं के व्यापक टीकाकरण अभियान का शुभारंभ भी किया गया। राज्यपाल की प्रेरणा से संचालित इस अभियान के तहत वाराणसी में 300 तथा पुलिस लाइन, चंदौली में 300 बालिकाओं का टीकाकरण किया गया।

टीकाकरण के बाद राज्यपाल ने बालिकाओं को प्रमाण-पत्र प्रदान कर उनका उत्साहवर्धन भी किया। यह अभियान 4 फरवरी को जन भवन, लखनऊ में जन भवन उत्तर प्रदेश और सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया, पुणे के बीच हुए समझौता ज्ञापन (एमओयू) के तहत संचालित किया जा रहा है।

एमओयू के अनुसार प्रदेश के आठ आकांक्षी जिलों की 1.50 लाख बालिकाओं को एचपीवी वैक्सीन की कुल तीन लाख निःशुल्क डोज उपलब्ध कराई जानी हैं। चंदौली भी इन्हीं आकांक्षी जिलों में शामिल है।

इस अवसर पर राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने कहा कि एचपीवी वैक्सीन सर्वाइकल कैंसर जैसी गंभीर बीमारी से बचाने वाला प्रभावी और सुरक्षित सुरक्षा कवच है। उन्होंने बालिकाओं और उनके अभिभावकों से किसी भी प्रकार की अफवाह या भ्रांति से दूर रहते हुए समय पर टीकाकरण कराने की अपील की।उन्होंने कहा कि वैज्ञानिक शोधों से यह प्रमाणित हो चुका है कि यह वैक्सीन भविष्य में सर्वाइकल कैंसर के खतरे को कम करने में सुरक्षित और प्रभावी है।

राज्यपाल ने कहा कि स्वस्थ बेटी ही स्वस्थ परिवार, स्वस्थ समाज और विकसित राष्ट्र की आधारशिला है। उन्होंने समाज में बेटियों के प्रति भेदभाव की मानसिकता समाप्त करने पर बल देते हुए सक्षम नागरिकों, स्वयंसेवी संस्थाओं और सामाजिक संगठनों से इस अभियान में सक्रिय सहयोग और आर्थिक योगदान देने का आह्वान किया, ताकि कोई भी बेटी इस महत्वपूर्ण सुरक्षा कवच से वंचित न रह जाए।

--आईएएनएस

विकेटी/एएसएच

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