Office Address

Address Display Here

Phone Number

+91-9876543210

Email Address

info@deshbandhu.co.in

राज्यसभा चुनाव में क्रॉस वोटिंग पर झामुमो का बयान, छह विधायकों ने गठबंधन के साथ गद्दारी की


रांची, 22 जून (आईएएनएस)। झारखंड राज्यसभा चुनाव में महागठबंधन के कांग्रेस उम्मीदवार प्रणव झा की हार के बाद सियासी घमासान तेज हो गया है। गठबंधन दलों के बीच क्रॉस वोटिंग को लेकर आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी है। इसी बीच झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) के महासचिव और प्रवक्ता सुप्रियो भट्टाचार्य ने सोमवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस कर बड़ा बयान दिया।

रांची, 22 जून (आईएएनएस)। झारखंड राज्यसभा चुनाव में महागठबंधन के कांग्रेस उम्मीदवार प्रणव झा की हार के बाद सियासी घमासान तेज हो गया है। गठबंधन दलों के बीच क्रॉस वोटिंग को लेकर आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी है। इसी बीच झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) के महासचिव और प्रवक्ता सुप्रियो भट्टाचार्य ने सोमवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस कर बड़ा बयान दिया।

सुप्रियो भट्टाचार्य ने कहा कि राज्यसभा चुनाव में महागठबंधन के कांग्रेस और झामुमो उम्मीदवारों को वोट देने वाले 50 विधायकों के नेता सीएम हेमंत सोरेन और लोकसभा के नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी हैं। उन्होंने कहा कि जिन 28 विधायकों ने भाजपा समर्थित निर्दलीय उम्मीदवार परिमल नाथवानी को वोट दिया, उनके नेता पीएम नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह हैं।

उन्होंने कहा कि राज्यसभा चुनाव में छह विधायकों ने गठबंधन के साथ गद्दारी की है। हालांकि, इन विधायकों के खिलाफ कार्रवाई के सवाल पर उन्होंने कोई स्पष्ट जवाब नहीं दिया और इस मुद्दे को टाल गए।

झारखंड विधानसभा में महागठबंधन के पास कुल 56 विधायकों का समर्थन है। इनमें झामुमो के 34, कांग्रेस के 16, राजद के 4 और भाकपा (माले) के 2 विधायक शामिल हैं।

इसके बावजूद राज्यसभा चुनाव में कांग्रेस उम्मीदवार प्रणव झा को अपेक्षित समर्थन नहीं मिला। उन्हें कुल 21 वोट मिले, जिनमें से एक वोट रद्द हो गया। बताया जा रहा है कि पांच विधायकों ने क्रॉस वोटिंग की, जबकि एक वोट रद्द हुआ। इन छह वोटों के कारण भाजपा समर्थित निर्दलीय उम्मीदवार परिमल नाथवानी की जीत का रास्ता साफ हुआ।

झामुमो के बयान के बाद राजनीतिक गलियारों में गठबंधन के भविष्य को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं। यह सवाल भी उठ रहा है कि क्या राजद और माले के साथ गठबंधन में कोई बदलाव होगा या उन्हें सरकार से बाहर का रास्ता दिखाया जाएगा। हालांकि, इस पर अभी किसी दल की ओर से आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है।

बता दें कि दो दिन पहले कांग्रेस ने 12 विधायकों के साथ एक प्रेस कॉन्फ्रेंस कर गठबंधन की एकजुटता का दावा किया था। इस दौरान कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और झारखंड के वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर ने कहा था कि महागठबंधन पूरी तरह मजबूत और अटूट है।

उन्होंने कहा था, "हमें विष भी पीना पड़े तो पी लेंगे, लेकिन गठबंधन के अस्तित्व पर कोई आंच नहीं आने देंगे। हम एक थे, एक हैं और एक ही रहेंगे।"

राधाकृष्ण किशोर ने राष्ट्रीय जनता दल (राजद) की कुछ टिप्पणियों को अनुचित बताते हुए कहा था कि ऐसे संवेदनशील समय में अनावश्यक बयानबाजी से बचना चाहिए। उन्होंने राज्यसभा चुनाव में हुई हार की निष्पक्ष समीक्षा की जरूरत पर भी जोर दिया।

--आईएएनएस

एएमटी/डीकेपी

Share:

Leave A Reviews

Related News