रांची, 27 अक्टूबर (आईएएनएस)। झारखंड की राजधानी रांची में 5,000 बेड की क्षमता वाली मेडिको सिटी के निर्माण का रास्ता साफ हो गया है। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की अध्यक्षता में मंगलवार को हुई राज्य मंत्रिपरिषद की बैठक में इस परियोजना के लिए 284 करोड़ 17 लाख रुपए की मंजूरी दी गई। इस परियोजना का उद्देश्य राज्य में स्वास्थ्य सुविधाओं का विस्तार करना और मरीजों को बेहतर चिकित्सा सेवाएं उपलब्ध कराना है।
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रांची, 27 अक्टूबर (आईएएनएस)। झारखंड की राजधानी रांची में 5,000 बेड की क्षमता वाली मेडिको सिटी के निर्माण का रास्ता साफ हो गया है। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की अध्यक्षता में मंगलवार को हुई राज्य मंत्रिपरिषद की बैठक में इस परियोजना के लिए 284 करोड़ 17 लाख रुपए की मंजूरी दी गई। इस परियोजना का उद्देश्य राज्य में स्वास्थ्य सुविधाओं का विस्तार करना और मरीजों को बेहतर चिकित्सा सेवाएं उपलब्ध कराना है।
कैबिनेट ने बैठक में विकास और जनसुविधाओं से जुड़े कुल 62 प्रस्तावों को स्वीकृति दी। स्वास्थ्य क्षेत्र से जुड़े एक अन्य फैसले में जमशेदपुर स्थित एमजीएम अस्पताल में 500 बेड का नया अस्पताल बनाने के प्रस्ताव को भी मंजूरी दी गई। इससे अस्पताल में बिस्तरों की संख्या बढ़ाने और मरीजों के इलाज की व्यवस्था बेहतर करने में मदद मिलने की उम्मीद है। कैबिनेट ने ग्रामीण इलाकों में पेयजल की उपलब्धता बढ़ाने के लिए चापाकल लगाने की योजना पर करीब 96 करोड़ रुपए खर्च करने के प्रस्ताव को भी मंजूरी दी। इससे पेयजल संकट से जूझ रहे गांवों में लोगों को राहत मिलने की संभावना है।
कैबिनेट के एक बड़े फैसले के अनुसार, सरकारी निर्माण कार्यों में लघु खनिजों के इस्तेमाल को लेकर सख्त प्रावधान किए गए हैं। वैध चालान के बिना बालू, पत्थर और अन्य लघु खनिजों की आपूर्ति या इस्तेमाल करने पर संबंधित ठेकेदारों से खनिज के मूल्य के साथ स्वामित्व शुल्क की दोगुनी राशि जुर्माने के रूप में वसूली जाएगी। लागू प्रावधानों के तहत जिला खनिज फाउंडेशन और पर्यावरण से जुड़े मदों में अतिरिक्त देनदारियां भी निर्धारित होंगी। राज्य के राजकीय विश्वविद्यालयों में स्वास्थ्य इकाइयां स्थापित करने के प्रस्ताव को भी कैबिनेट में मंजूरी दी गई।
इसके तहत विद्यार्थियों को प्राथमिक चिकित्सा और परामर्श की सुविधा उपलब्ध कराने की व्यवस्था होगी। प्रस्ताव के अनुसार, विश्वविद्यालयों को अपने कुल बजट का दो प्रतिशत स्वास्थ्य सुविधाओं पर खर्च करना होगा। कैबिनेट ने राज्य के पुलिस थानों में सीसीटीवी कैमरे लगाने से संबंधित प्रस्ताव को भी स्वीकृति दी। इसके अलावा दैनिक वेतनभोगी कर्मियों से जुड़े प्रावधानों में संशोधन के लिए 11 विभागों के नियमों में बदलाव और राज्यकर्मियों के वेतन में एकरूपता लाने के लिए नई समिति गठित करने का फैसला लिया गया।
पशुपालन क्षेत्र को बढ़ावा देने के लिए गोड्डा में प्रतिदिन 50 मीट्रिक टन क्षमता वाले पशु आहार कारखाने की स्थापना के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई। विभिन्न विभागों में अध्ययन और अनुसंधान के लिए विशेषज्ञों की सेवाएं लेने तथा झारखंड आयुष भर्ती सेवा नियमावली के गठन से संबंधित प्रस्तावों को भी स्वीकृति दी गई। श्रम कानूनों से जुड़े प्रावधानों में बदलाव को भी कैबिनेट ने मंजूरी दी है।
निर्धारित सीमा से अधिक काम कराने पर अतिरिक्त मेहनताना देय होगा। प्रतिदिन 10 घंटे और सप्ताह में 48 घंटे से अधिक काम करने की स्थिति में अतिरिक्त भुगतान का प्रावधान किया गया है।
--आईएएनएस
एसएनसी/डीकेपी
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