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रानी दुर्गावती विश्वविद्यालय के दीक्षांत समारोह में गोल्ड मेडल मिलने पर छात्रों ने जताई खुशी


जबलपुर, 21 जून (आईएएनएस)। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने रविवार को मुख्य अतिथि के रूप में रानी दुर्गावती विश्वविद्यालय के 36वें दीक्षांत समारोह में हिस्सा लिया। इस अवसर पर उन्होंने विभिन्न संकायों के मेधावी विद्यार्थियों को डिग्रियां और स्वर्ण पदक प्रदान किए। इस मौके पर मध्य प्रदेश के राज्यपाल मंगूभाई पटेल, मुख्यमंत्री मोहन यादव और अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।

जबलपुर, 21 जून (आईएएनएस)। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने रविवार को मुख्य अतिथि के रूप में रानी दुर्गावती विश्वविद्यालय के 36वें दीक्षांत समारोह में हिस्सा लिया। इस अवसर पर उन्होंने विभिन्न संकायों के मेधावी विद्यार्थियों को डिग्रियां और स्वर्ण पदक प्रदान किए। इस मौके पर मध्य प्रदेश के राज्यपाल मंगूभाई पटेल, मुख्यमंत्री मोहन यादव और अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।

कड़ी सुरक्षा और राज्य के वरिष्ठ नेताओं की मौजूदगी में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने मेधावी छात्रों को गोल्ड मेडल और डिग्रियां प्रदान कीं।

दीक्षांत समारोह के दौरान स्वर्ण पदक प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों में विशेष उत्साह देखने को मिला। गणित विषय में पांच गोल्ड मेडल हासिल करने वाले एक छात्र ने अपनी खुशी जाहिर करते हुए कहा कि आज मुझे राष्ट्रपति के हाथों गणित में पांच स्वर्ण पदक प्राप्त हुए हैं। यह मेरे जीवन का बेहद गर्व का क्षण है। इस उपलब्धि ने मेरी मेहनत को सार्थक कर दिया है।

वहीं, दर्शनशास्त्र (फिलॉसफी) विषय में तीन स्वर्ण पदक प्राप्त करने वाली एक छात्रा ने कहा कि मैं बहुत खुश हूं। मुझे फिलॉसफी में तीन गोल्ड मेडल मिले हैं। राष्ट्रपति और यहां आए मंत्रियों से मिलकर बहुत अच्छा लगा। यह मेरे लिए यादगार और प्रेरणादायक अवसर है।

बाद में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर भी समारोह की जानकारी साझा की। राष्ट्रपति मुर्मु के अधिकारिक एक्स हैंडल के पोस्ट में लिखा गया, "राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने मध्य प्रदेश के जबलपुर में रानी दुर्गावती विश्वविद्यालय के 36वें दीक्षांत समारोह में शिरकत की। राष्ट्रपति ने कहा कि छात्रों में रचनात्मक सोच, वैज्ञानिक दृष्टिकोण और उद्यमिता की भावना को बढ़ावा देना उच्च शिक्षण संस्थानों की एक अहम जिम्मेदारी है। उन्होंने छात्रों को सलाह दी कि वे अपने आसपास के वंचित और ग्रामीण समुदायों की चुनौतियों को समझें, उनकी जरूरतों के हिसाब से समाधान तैयार करें, उन्हें सशक्त बनाएं और उन्हें विकास की मुख्यधारा में लाने में योगदान दें।"

--आईएएनएस

पीएसके/डीकेपी

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