Office Address

Address Display Here

Phone Number

+91-9876543210

Email Address

info@deshbandhu.co.in

रितुपर्णा सेनगुप्ता: शादी के बाद लिया काम से ब्रेक फिर दमदार वापसी कर बांग्ला से लेकर बॉलीवुड फिल्मों में बनाई पहचान


नई दिल्ली, 6 नवंबर (आईएएनएस)। 7 नवंबर 1971 को कोलकाता में जन्मीं रितुपर्णा सेनगुप्ता आज बांग्ला फिल्म इंडस्ट्री का सबसे चमकता हुआ नाम हैं, लेकिन उनकी कहानी सिर्फ स्टारडम की नहीं, बल्कि संघर्ष, मेहनत और लगातार खुद को साबित करने की भी है।

नई दिल्ली, 6 नवंबर (आईएएनएस)। 7 नवंबर 1971 को कोलकाता में जन्मीं रितुपर्णा सेनगुप्ता आज बांग्ला फिल्म इंडस्ट्री का सबसे चमकता हुआ नाम हैं, लेकिन उनकी कहानी सिर्फ स्टारडम की नहीं, बल्कि संघर्ष, मेहनत और लगातार खुद को साबित करने की भी है।

रितुपर्णा का बचपन कोलकाता के एक संस्कारी परिवार में बीता। पढ़ाई में होशियार रितुपर्णा ने इतिहास विषय से ग्रेजुएशन किया और फिर एमए की डिग्री भी हासिल की। बचपन से ही उन्हें नृत्य, संगीत और अभिनय में रुचि थी। उन्होंने भरतनाट्यम, कथक, ओडिसी और मणिपुरी नृत्य की ट्रेनिंग ली। यही कला उनके करियर की सबसे बड़ी पूंजी बनी।

करियर की शुरुआत उन्होंने 1989 में बांग्ला फिल्म ‘श्वेत पाथरर थाला’ से की, लेकिन असली पहचान मिली 1992 में आई फिल्म ‘भंगागढ़’ और फिर ‘शुभो महुरत’ जैसी फिल्मों से। इसके बाद उन्होंने कभी पीछे मुड़कर नहीं देखा। 90 के दशक में रितुपर्णा और प्रोसेनजीत चटर्जी की जोड़ी बांग्ला सिनेमा की सबसे हिट जोड़ियों में शामिल हो गई। दोनों ने साथ में 50 से ज्यादा फिल्मों में काम किया। इसके अलावा ‘बाबा केनो चाकर’, ‘दादार कीर्ति’, ‘श्वशुरबाड़ी जिंदाबाद’ और ‘सुधू तुमी’ जैसी फिल्मों ने बॉक्स ऑफिस पर धमाल मचाया।

रितुपर्णा सिर्फ कमर्शियल सिनेमा तक सीमित नहीं रहीं। उन्होंने समानांतर सिनेमा में भी अपनी गहरी छाप छोड़ी। ऋतुपर्णो घोष की फिल्म ‘दहन’ में उनके अभिनय को आज भी याद किया जाता है। इस फिल्म के लिए उन्हें राष्ट्रीय पुरस्कार भी मिला। ‘परमितार एक दिन’, ‘उत्सव’, ‘मोंडो मेयर उपाख्यान’ और ‘दोसर’ जैसी फिल्मों में उन्होंने एक परिपक्व और संवेदनशील अभिनेत्री के रूप में खुद को स्थापित किया।

बॉलीवुड में भी रितुपर्णा ने अपनी जगह बनाई। ‘तीसरा कौन’, ‘दिल तो बच्चा है जी’, ‘मैं, मेरी पत्नी और वो’ और ‘बनारस’ जैसी फिल्मों में उन्होंने काम किया। हिंदी दर्शकों ने भी उनके अभिनय को पसंद किया। इसके अलावा उन्होंने तेलुगु, मलयालम, कन्नड़, ओड़िया और हिंदी सहित कई भाषाओं में काम किया है। आज उनके नाम 250 से ज्यादा फिल्में दर्ज हैं, जो अपने आप में एक रिकॉर्ड है।

रितुपर्णा की जिंदगी में एक दौर ऐसा भी आया जब उन्होंने फिल्मों से ब्रेक लिया। शादी के बाद वे सिंगापुर चली गईं। वहां उन्होंने अपनी पारिवारिक जिंदगी को प्राथमिकता दी, लेकिन सिनेमा से उनका मोह कभी खत्म नहीं हुआ। वापसी के बाद उन्होंने फिर से बांग्ला और हिंदी फिल्मों में सक्रियता बढ़ाई और नई पीढ़ी के निर्देशकों के साथ भी काम किया।

उन्हें अपने करियर में कई पुरस्कार मिले हैं। राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार के अलावा उन्हें बीएफजेए अवार्ड, फिल्मफेयर अवार्ड्स बांग्ला, आनंदलोक पुरस्कार और कई अन्य सम्मान मिले हैं। वे न सिर्फ अभिनेत्री हैं, बल्कि एक सफल निर्माता भी हैं। उनकी प्रोडक्शन कंपनी ‘भावना आज ओ काल’ के तहत कई फिल्में बनी हैं।

आज के समय में भी रितुपर्णा उतनी ही सक्रिय हैं जितनी 90 के दशक में थीं। सोशल मीडिया पर भी वे काफी सक्रिय रहती हैं और अपनी फिटनेस व फैशन से युवाओं को प्रेरित करती हैं। वे अक्सर कहती हैं कि अभिनय उनके लिए सिर्फ पेशा नहीं, बल्कि साधना है।

रितुपर्णा सेनगुप्ता की कहानी उन सभी लड़कियों के लिए प्रेरणा है जो अपने सपनों को पूरा करना चाहती हैं। उन्होंने साबित किया कि प्रतिभा, अनुशासन और मेहनत से कोई भी मुकाम हासिल किया जा सकता है। बांग्ला सिनेमा की इस ‘महानायिका’ ने तीन दशकों से अधिक समय तक दर्शकों के दिलों पर राज किया है और आज भी उनका जादू बरकरार है।

--आईएएनएस

केके/वीसी

Date & Time : 2026-11-06 21:30:05

Share:

Leave A Reviews

Related News