कोलकाता, 11 (आईएएनएस)। पश्चिम बंगाल सरकार में विभागों की जिम्मेदारी संभालने के बाद मंत्री अग्निमित्रा पॉल ने सोमवार को नगरायन भवन में अधिकारियों के साथ पहली समीक्षा बैठक की। पदभार ग्रहण करने के बाद उन्होंने विभागीय प्राथमिकताओं और आगामी योजनाओं को लेकर विस्तृत चर्चा की।
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कोलकाता, 11 (आईएएनएस)। पश्चिम बंगाल सरकार में विभागों की जिम्मेदारी संभालने के बाद मंत्री अग्निमित्रा पॉल ने सोमवार को नगरायन भवन में अधिकारियों के साथ पहली समीक्षा बैठक की। पदभार ग्रहण करने के बाद उन्होंने विभागीय प्राथमिकताओं और आगामी योजनाओं को लेकर विस्तृत चर्चा की।
समीक्षा बैठक के बाद समाचार एजेंसी आईएएनएस से खास बातचीत में अग्निमित्रा पॉल ने कहा कि महिला एवं बाल कल्याण विभाग और नगरपालिका मामले जैसे महत्वपूर्ण विभाग सौंपे गए हैं। यह एक बड़ा दायित्व है और इन क्षेत्रों में व्यापक स्तर पर काम करने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री आवास योजना, स्वच्छता, घर-घर जल आपूर्ति जैसे अहम मुद्दे उनके विभाग के अंतर्गत आते हैं। जहां-जहां मेट्रो परियोजनाएं रुकी हुई हैं, उन्हें फिर से शुरू करना हमारी प्राथमिकता होगी।
मंत्री ने कहा कि स्वच्छ भारत मिशन के तहत शहरों की सफाई और बुनियादी सुविधाओं को बेहतर बनाने पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। साथ ही, महिलाओं की सुरक्षा और सशक्तिकरण के लिए महिला पुलिस बटालियन, राज्य नौकरियों में आरक्षण, नए रोजगार और स्वरोजगार के अवसर उपलब्ध कराने की दिशा में काम किया जाएगा। गंगा नदी के विकास को लेकर उन्होंने कहा कि अब तक अपेक्षित कार्य नहीं हुआ है, जबकि इसके लिए काफी संभावनाएं थीं। उन्होंने कहा कि गंगा के तटों का समुचित विकास किया जाएगा। साथ ही नए शहरों का निर्माण, खासकर उत्तर बंगाल में चार नए शहर विकसित करने की योजना भी हमारे विभाग के अंतर्गत है।
अवैध निर्माण और जलाशयों (वॉटर बॉडीज) को खत्म करने की प्रवृत्ति पर चिंता जताते हुए अग्निमित्रा पॉल ने कहा कि पिछली सरकार के दौरान इस तरह की गतिविधियां बढ़ीं, लेकिन अब ग्रीन ट्रिब्यूनल के नियमों का सख्ती से पालन कराया जाएगा और पर्यावरण संरक्षण को प्राथमिकता दी जाएगी। हमारा लक्ष्य कोलकाता समेत सभी नगरों को सुंदर और सुव्यवस्थित बनाना है।
महिला एवं बाल विकास विभाग को लेकर उन्होंने कहा कि महिलाओं की सुरक्षा और सशक्तिकरण उनकी प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि अन्नपूर्णा भंडार योजना के तहत महिलाओं को 3 हजार रुपए की सहायता डीबीटी के जरिए सीधे उनके बैंक खातों में भेजी जाएगी। मुख्यमंत्री ने 1 जून से इसे लागू करने का निर्देश दिया है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि लाभार्थियों की सूची का सत्यापन किया जाएगा। जिनका नाम एसआईआर के दौरान हटाया गया है या जो पात्र नहीं हैं, उन्हें योजना का लाभ नहीं मिलेगा। केवल पात्र नागरिकों को ही योजनाओं का लाभ दिया जाएगा।
--आईएएनएस
पीएसके
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