Office Address

Address Display Here

Phone Number

+91-9876543210

Email Address

info@deshbandhu.co.in

रूसी तेल खरीद में राहत का रूस ने क‍िया स्‍वागत, अमेरिकी फैसले को बताया ऐतिहासिक कदम


मॉस्‍को, 17 अक्टूबर (आईएएनएस)। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ओर से रूसी तेल खरीद को लेकर 'ग्राहम एक्ट' लागू पर छूट के ऐलान का रूस ने स्‍वागत क‍िया। रूसी डायरेक्ट इन्वेस्टमेंट फंड (आरडीआईएफ) के प्रमुख किरिल दिमित्रिएव ने कहा है कि दिवंगत अमेरिकी सीनेटर लिंडसे ग्राहम के नाम से जुड़े कानून पर रोक लगाया जाना एक ऐतिहासिक पल है।

मॉस्‍को, 17 अक्टूबर (आईएएनएस)। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ओर से रूसी तेल खरीद को लेकर 'ग्राहम एक्ट' लागू पर छूट के ऐलान का रूस ने स्‍वागत क‍िया। रूसी डायरेक्ट इन्वेस्टमेंट फंड (आरडीआईएफ) के प्रमुख किरिल दिमित्रिएव ने कहा है कि दिवंगत अमेरिकी सीनेटर लिंडसे ग्राहम के नाम से जुड़े कानून पर रोक लगाया जाना एक ऐतिहासिक पल है।

समाचार एजेंसी 'टास' की र‍िपोर्ट के अनुसार, दिमित्रिएव ने सोशल मीड‍िया प्‍लेटफॉर्म 'टेलीग्राम' पर लिखा, "राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के प्रशासन की ओर से 'ग्राहम एक्ट' को निलंबित किया जाना एक महत्वपूर्ण और वास्तव में ऐतिहासिक कदम है। प्रतिबंधों और टकराव की जगह अब संवाद, दोनों पक्षों के लिए फायदेमंद सहयोग और वैश्विक स्थिरता के लिए साझा जिम्मेदारी की बात हो रही है।"

उनके मुताबिक, अगर 'ग्राहम एक्ट' पूरी तरह लागू होता, तो रूस और अमेरिका के बीच आर्थिक सहयोग लगभग पूरी तरह रुक सकता था। उनका कहना है कि इससे अमेरिकी अर्थव्यवस्था और वैश्विक बाजारों को भी गंभीर नुकसान पहुंच सकता था।

दिमित्रिएव ने कहा, "रूस और अमेरिका के बीच आर्थिक सहयोग दोनों देशों के हित में है। इससे वैश्विक अर्थव्यवस्था को स्थिरता मिलती है और भरोसा बनाने के साथ-साथ लंबे समय तक शांति स्थापित करने की नींव पड़ती है।"

समाचार एजेंसी टास के अनुसार, ट्रंप ने हाल ही में एक कार्यकारी आदेश जारी कर कहा था कि वह रूस के खिलाफ प्रतिबंधों को और कड़ा करने वाले कानून के तहत प्रस्तावित कुछ नए प्रतिबंध लागू नहीं करेंगे।

18 सितंबर को ट्रंप ने अमेरिकी कांग्रेस की ओर से पारित एक विधेयक पर हस्ताक्षर किए थे। इस कानून में रूस के शीर्ष राजनीतिक और सैन्य नेतृत्व, सरकारी कंपनियों तथा रूस के व्यापारिक साझेदारों पर द्वितीयक प्रतिबंध लगाने का प्रावधान था।

न्‍यूज एजेंसी टास के अनुसार, कानून के मुताबिक, हस्ताक्षर किए जाने के भीतर यानी 18 अक्टूबर तक, अमेरिकी प्रशासन को यह तय करना था कि किन कंपनियों और व्यक्तियों पर नए प्रतिबंध लगाए जा सकते हैं। दूसरी ओर, प्रशासन के पास यह विकल्प भी था कि वह यह निष्कर्ष निकाले कि ऐसे नए प्रतिबंध अमेरिका के हित में नहीं हैं और इसकी सूचना कांग्रेस को दे।

ट्रंप के हालिया आदेश को रूस में इस रूप में देखा जा रहा है कि अमेरिका ने फिलहाल कानून के कुछ कड़े प्रावधानों को लागू करने से पीछे हटने का फैसला किया है, जिससे दोनों देशों के बीच आर्थिक संपर्क और बातचीत की संभावनाएं बनी रह सकती हैं।

--आईएएनएस

एवाई/एएस

Date & Time : 2026-10-17 14:00:06

Share:

Leave A Reviews

Related News