
सागर जिले में सोमवती अमावस्या के पावन पर्व पर नर्मदा स्नान कर लौट रहे श्रद्धालुओं के साथ एक बेहद दर्दनाक सड़क हादसा घटित हुआ है। यहाँ सोमवार दोपहर नेशनल हाईवे-44 पर गौरझामर थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले केसली तिगड्डा ओवरब्रिज पर श्रद्धालुओं से भरी एक तेज रफ्तार पिकअप गाड़ी अचानक अनियंत्रित होकर डिवाइडर से जा टकराई और बीच सड़क पर ही पलट गई। इस भीषण दुर्घटना में एक ही गांव के रहने वाले पति-पत्नी की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई, जबकि वाहन में सवार 10 अन्य लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। हादसे के बाद हाईवे पर चीख-पुकार मच गई। स्थानीय लोगों की मदद से घायलों को तुरंत देवरी अस्पताल पहुंचाया गया, जहां से गंभीर रूप से चोटिल मरीजों को जिला अस्पताल सागर रेफर किया गया है।
मिली जानकारी के अनुसार, सागर जिले के ग्राम सेमरा अटा के रहने वाले 13 ग्रामीण सोमवती अमावस्या के विशेष अवसर पर नर्मदा नदी में पवित्र स्नान करने के लिए नरसिंहपुर जिले के बरमान घाट गए हुए थे। सोमवार दोपहर को सभी श्रद्धालु एक पिकअप वाहन (क्रमांक MP-15 ZL-5025) में सवार होकर वापस अपने गांव लौट रहे थे। इसी दौरान जैसे ही उनकी गाड़ी गौरझामर के समीप केसली तिगड्डा ओवरब्रिज पर पहुंची, तभी वाहन का संतुलन बिगड़ गया। पिकअप पुलिया के डिवाइडर से इतनी जोर से टकराई कि गाड़ी के परखच्चे उड़ गए और वह पलट गई। दुर्घटना की भयावहता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि वाहन में सवार हल्लू उर्फ कीरत (उम्र 55 वर्ष) और उनकी पत्नी कल्लो बाई (उम्र 50 वर्ष) ने मौके पर ही दम तोड़ दिया। इस हादसे ने हंसते-खेलते परिवार और गांव में मातम पसरा दिया है।
इस भयंकर हादसे के दौरान पिकअप में सवार अन्य लोगों में से 10 श्रद्धालु बुरी तरह जख्मी हो गए। घायलों की पहचान वाहन चालक मोनू लोधी (33), पप्पू सौर (40), अंगूरी बाई (42), रामा बाई (60), सुशीला बाई (60), राघवेंद्र (27), सखी लोधी (50), वैशाली (17) और मुस्कान (14) के रूप में हुई है। घटना के तुरंत बाद हाईवे से गुजर रहे राहगीरों और स्थानीय ग्रामीणों ने देवदूत बनकर तुरंत राहत और बचाव कार्य शुरू किया। लोगों ने कड़ी मशक्कत के बाद पलटे हुए वाहन के नीचे और भीतर फंसे लहुलूहान श्रद्धालुओं को बाहर निकाला और एम्बुलेंस की मदद से तत्काल देवरी के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया।
हैरान कर देने वाली बात यह रही कि इस भीषण दुर्घटना में पिकअप के भीतर मौजूद एक 8 वर्षीय मासूम बच्ची शिवानी पूरी तरह से सुरक्षित बच गई, उसे मामूली खरोंच तक नहीं आई है। अस्पताल में मौजूद प्रशासनिक अधिकारियों को आपबीती सुनाते हुए प्रत्यक्षदर्शी बच्ची शिवानी ने बताया कि गाड़ी चलाते समय अचानक ड्राइवर अंकल को नींद आ रही थी और उन्हें झपकी लग गई थी, जिसके कारण पिकअप सीधे पुलिया के डिवाइडर से जा टकराई। घटना की सूचना पाते ही तहसीलदार प्रीति रानी चौरसिया, नायब तहसीलदार आर. चौधरी और गौरझामर थाना प्रभारी हरिराम मानकर भारी पुलिस बल के साथ तत्काल अस्पताल पहुंचे और डॉक्टरों से चर्चा कर घायलों के त्वरित और बेहतर इलाज की पुख्ता व्यवस्था कराई।
गौरझामर थाना पुलिस ने दोनों मृतकों के शवों का पंचनामा तैयार कर उन्हें पोस्टमार्टम के लिए मर्चुरी भिजवा दिया है। पुलिस ने दुर्घटनाग्रस्त पिकअप वाहन को हाईवे से हटवाकर अपने कब्जे में ले लिया है और मार्ग पर यातायात को सुचारू रूप से बहाल कराया। थाना प्रभारी ने बताया कि प्रारंभिक जांच और मासूम बच्ची के बयान के आधार पर दुर्घटना की मुख्य वजह चालक को अचानक नींद की झपकी आना माना जा रहा है, हालांकि पुलिस हर पहलू को ध्यान में रखकर मामले की विस्तृत और वैधानिक जांच कर रही है।
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