Office Address

Address Display Here

Phone Number

+91-9876543210

Email Address

info@deshbandhu.co.in

सहारनपुर मामले को लेकर मौलाना खालिद रशीद का सवाल, कुछ लोगों को मस्जिदों और इबादतगाहों से इतनी आपत्ति क्यों


लखनऊ, 8 सितंबर (आईएएनएस)। ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड के सदस्य मौलाना खालिद रशीद फिरंगी महली ने सहारनपुर मस्जिद सर्वे से जुड़े मुद्दे प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि मस्जिदों को लेकर लगाए जा रहे कई दावों का कोई ठोस आधार नहीं है। उन्होंने कहा कि किसी भी इबादतगाह को निशाना बनाना न तो सामाजिक सौहार्द के हित में है और न ही देश की परंपराओं के अनुरूप है।

लखनऊ, 8 सितंबर (आईएएनएस)। ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड के सदस्य मौलाना खालिद रशीद फिरंगी महली ने सहारनपुर मस्जिद सर्वे से जुड़े मुद्दे प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि मस्जिदों को लेकर लगाए जा रहे कई दावों का कोई ठोस आधार नहीं है। उन्होंने कहा कि किसी भी इबादतगाह को निशाना बनाना न तो सामाजिक सौहार्द के हित में है और न ही देश की परंपराओं के अनुरूप है।

मौलाना खालिद रशीद ने कहा कि जिस मस्जिद की चर्चा हो रही है, वह वैध रूप से स्थापित मस्जिद है और उसका निर्माण संबंधित व्यक्ति की अपनी जमीन पर किया गया था। उन्होंने कहा कि बाद में उसी क्षेत्र में कलेक्ट्रेट और अन्य भवनों का भी निर्माण हुआ, इसलिए मस्जिद को लेकर उठाए जा रहे सवालों का कोई स्पष्ट आधार दिखाई नहीं देता।

उन्होंने कहा कि यह समझ से परे है कि कुछ लोगों को मस्जिदों और इबादतगाहों से इतनी आपत्ति क्यों है। उनके अनुसार, मस्जिदें न तो विकास और तरक्की के रास्ते में बाधा हैं और न ही आपसी भाईचारे और सामाजिक सौहार्द में रुकावट पैदा करती हैं।

मौलाना ने कहा कि हर धर्म में धार्मिक स्थलों और इबादतगाहों का विशेष महत्व होता है। इसलिए किसी भी धर्मस्थल को नुकसान पहुंचाने या उसे विवाद का विषय बनाने के बजाय सभी को आत्ममंथन करना चाहिए कि उनके धर्म की मूल शिक्षाएं क्या कहती हैं। उन्होंने कहा कि दूसरे धर्मों के पूजास्थलों का सम्मान करना सामाजिक सद्भाव की बुनियादी आवश्यकता है।

उन्होंने यह भी कहा कि मस्जिदों को लेकर होने वाले विवादों और तोड़फोड़ की घटनाओं से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश की छवि प्रभावित होती है। उनके अनुसार, सरकारों का दायित्व है कि वे सभी समुदायों की धार्मिक भावनाओं का सम्मान सुनिश्चित करें और समाज में शांति व भाईचारा बनाए रखें। मौलाना खालिद रशीद ने कहा कि इतिहास गवाह है कि जुल्म, अन्याय और नाइंसाफी लंबे समय तक नहीं टिकते। एक समय ऐसा आता है जब सत्य और न्याय की जीत होती है।

उन्होंने कहा कि भारत का इतिहास भी इस बात का प्रमाण है कि प्रेम, सद्भाव और आपसी सम्मान के आधार पर ही शासन व्यवस्थाएं सफल होती रही हैं। इसलिए जो लोग देश का नेतृत्व करना चाहते हैं, उन्हें न्याय और निष्पक्षता के सिद्धांतों को सर्वोच्च प्राथमिकता देनी चाहिए।

मौलाना ने कहा कि किसी भी व्यक्ति या समुदाय के साथ अन्याय करना न तो भारतीय परंपरा का हिस्सा रहा है और न ही देश का कानून इसकी अनुमति देता है। उन्होंने जोर देकर कहा कि सभी नागरिकों को संवैधानिक मूल्यों और कानून के दायरे में रहकर अपने अधिकारों और कर्तव्यों का पालन करना चाहिए।

अशरफ मदनी के बयान पर उन्होंने कहा कि हम एक जिंदा कौम हैं और जिंदा कौमें हालात के रहमोकरम पर नहीं रहतीं, बल्कि अपने चरित्र, संघर्ष और अमल से हालात को बदलने की क्षमता रखती हैं। हमारा इतिहास भी इस बात की गवाही देता है कि हम एक जिंदा कौम हैं। हमने हमेशा हर परिस्थिति का मुकाबला पूरी ताकत और क्षमता के साथ देश के कानून के दायरे में रहकर किया है। हमें हमेशा सफलता और कामयाबी हासिल हुई है। यही इस देश का डीएनए है, यही इसकी तारीख है और यही इसकी परंपरा भी रही है।

--आईएएनएस

एएमटी/वीसी

Date & Time : 2026-09-08 20:30:03

Share:

Leave A Reviews

Related News