नई दिल्ली, 25 फरवरी (आईएएनएस)। आज के समय में सेहत को लेकर जागरूकता तेजी से बढ़ रही है। इसी बीच एक आम धारणा लंबे समय से चली आ रही है कि प्रोटीन के लिए नॉनवेज डाइट लेना जरूरी है, लेकिन शाकाहारी भोजन में भी प्रोटीन के कई ऐसे खजाने छिपे हैं, जो शरीर को ताकत देने के साथ-साथ पाचन, इम्युनिटी और मानसिक सेहत को भी बेहतर बनाते हैं। संतुलित आहार के साथ शाकाहारी लोग भी प्रोटीन की जरूरत पूरी कर सकते हैं।
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नई दिल्ली, 25 फरवरी (आईएएनएस)। आज के समय में सेहत को लेकर जागरूकता तेजी से बढ़ रही है। इसी बीच एक आम धारणा लंबे समय से चली आ रही है कि प्रोटीन के लिए नॉनवेज डाइट लेना जरूरी है, लेकिन शाकाहारी भोजन में भी प्रोटीन के कई ऐसे खजाने छिपे हैं, जो शरीर को ताकत देने के साथ-साथ पाचन, इम्युनिटी और मानसिक सेहत को भी बेहतर बनाते हैं। संतुलित आहार के साथ शाकाहारी लोग भी प्रोटीन की जरूरत पूरी कर सकते हैं।
आयुर्वेद के अनुसार, भोजन वही उत्तम माना जाता है जो शरीर में आसानी से पच जाए और जीवन शक्ति बढ़ाए। इसी आधार पर दूध और उससे बने पदार्थों को आयुर्वेद में खास स्थान दिया गया है। पनीर इसका सबसे बढ़िया उदाहरण है। पनीर मांसपेशियों को मजबूती देता है और शरीर की ताकत बढ़ाता है। इसमें मौजूद प्रोटीन शरीर को शक्तिशाली बनाता है। विज्ञान भी मानता है कि पनीर में पाए जाने वाले अमीनो एसिड मांसपेशियों की मरम्मत में मदद करते हैं।
दूध और दही भी इसी श्रेणी में आते हैं। दही पाचन को सुधारता है और आंतों को स्वस्थ रखता है, जिससे शरीर प्रोटीन को बेहतर तरीके से उपयोग कर पाता है।
सोयाबीन को प्रोटीन का पावरहाउस कहा जाता है। आयुर्वेद के अनुसार, सोयाबीन बल्य यानी ताकत बढ़ाने वाला माना जाता है। इसमें लगभग सभी जरूरी अमीनो एसिड पाए जाते हैं, जो शरीर को संपूर्ण पोषण देते हैं। इसी वजह से टोफू और सोया चंक्स आजकल फिटनेस पसंद करने वालों की डाइट में शामिल हो रहे हैं। ये दिल की सेहत के लिए भी फायदेमंद माने जाते हैं और कोलेस्ट्रॉल को संतुलित रखने में मदद करते हैं।
भारतीय रसोई में दालें सदियों से हमारे भोजन का हिस्सा रही हैं। आयुर्वेद में दालों को सात्त्विक आहार माना गया है, जो शरीर को ऊर्जा देता है और मन को भी शांत रखता है। विज्ञान बताता है कि जब दालों को चावल के साथ खाया जाता है, तो यह भोजन संपूर्ण प्रोटीन का रूप ले लेता है। यही कारण है कि दाल-चावल को एक संतुलित और ताकतवर भोजन कहा जाता है, जो बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक सभी के लिए फायदेमंद है।
--आईएएनएस
पीके/डीकेपी
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