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सरकार का फैसला, 2-ब्रोमो-4-मिथाइलप्रोपियोफेनोन के कारोबार के लिए एनसीबी रजिस्ट्रेशन अनिवार्य


नई दिल्ली, 15 जून (आईएएनएस)। वित्त मंत्रालय के राजस्व विभाग ने एक अहम कदम उठाते हुए 2-ब्रोमो-4-मिथाइलप्रोपियोफेनोन को नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रॉपिक सब्सटेंसेज एक्ट के तहत नियंत्रित पदार्थ के रूप में अधिसूचित किया है।

नई दिल्ली, 15 जून (आईएएनएस)। वित्त मंत्रालय के राजस्व विभाग ने एक अहम कदम उठाते हुए 2-ब्रोमो-4-मिथाइलप्रोपियोफेनोन को नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रॉपिक सब्सटेंसेज एक्ट के तहत नियंत्रित पदार्थ के रूप में अधिसूचित किया है।

सरकार के अनुसार, इस रसायन का उपयोग बढ़ते हुए मफेड्रोन जैसे साइकोट्रॉपिक पदार्थों के निर्माण में किया जा रहा था, जिसके चलते इसे नियंत्रण सूची में शामिल किया गया है।

अब इस पदार्थ के निर्माण, वितरण, बिक्री, खरीद, भंडारण, आयात-निर्यात या उपयोग से जुड़े सभी व्यक्तियों और कंपनियों को नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो से पंजीकरण कराना अनिवार्य होगा।

इसके लिए संबंधित संस्थाओं को फॉर्म ए में आवेदन करना होगा और अपने क्षेत्र के एनसीबी जोनल डायरेक्टर के पास फॉर्म बी जमा करना होगा। आवेदन की अंतिम तिथि 7 अगस्त तय की गई है, ताकि 180 दिनों की वैधानिक अवधि में पंजीकरण पूरा किया जा सके।

सरकार ने यह भी निर्देश दिया है कि इस रसायन का स्टॉक रखने वाले सभी निर्माता, व्यापारी, आयातक, निर्यातक और उपयोगकर्ता 30 जून तक का स्टॉक विवरण एनसीबी को फॉर्म एक्स में 10 जुलाई तक जमा करें।

अधिसूचना में स्पष्ट किया गया है कि 7 सितंबर के बाद यदि कोई व्यक्ति या संस्था बिना नियमों का पालन किए इस पदार्थ से संबंधित गतिविधियों में शामिल पाई जाती है तो उसके खिलाफ एनडीपीएस एक्ट 1985 की धारा 25ए के तहत सख्त दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।

एनसीबी ने बताया कि सभी प्रक्रियाएं, निर्धारित फॉर्म और जोनल यूनिट्स की जानकारी उसके पोर्टल पर उपलब्ध है। सरकार का यह कदम अवैध नशीले पदार्थों के निर्माण पर रोक लगाने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

बता दें कि अब तक यह रसायन एनडीपीएस कानून के दायरे में नहीं था। ऐसे में इस खुले बाजार में जमकर बिक्री हो रही थी और गलत इस्तेमाल किया जा रहा था। अब सरकार ने इसे एनडीपीएस कानून के तहत नियंत्रित पदार्थ घोषित कर दिया है। अब इसकी खरीद, बिक्री, भंडारण आदि पर संस्था की नजर रहेगी।

--आईएएनएस

एएमटी/डीकेपी

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