
सतना. मध्य प्रदेश के सतना जिले से पुलिस की कार्यप्रणाली और खाकी को कटघरे में खड़ा करने वाला एक बेहद हैरान करने वाला मामला सामने आया है. नागौद अंतर्गत परसमनिया गढ़ी में हुए हाई-प्रोफाइल गोलीकांड की मुख्य आरोपी महिला सुनीता सिंह परिहार को गिरफ्तार करने के बाद पुलिस द्वारा 'VIP ट्रीटमेंट' (वीआईपी सत्कार) दिए जाने का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है. इस वीडियो के सामने आने के बाद जिला पुलिस प्रशासन की कार्यशैली पर गंभीर सवाल उठने लगे हैं.
लॉकअप के बजाय कुर्सी, गर्मी में कोल्डड्रिंक और फ्रिज का ठंडा पानी
परसमनिया गढ़ी के राजघराने की बहू योगिता सिंह पर ताबड़तोड़ फायरिंग कर उन्हें लहूलुहान करने की आरोपी सुनीता सिंह परिहार को जब पुलिस ने गिरफ्तार किया, तो उम्मीद थी कि उसके साथ एक अपराधी की तरह बर्ताव होगा. लेकिन परसमनिया पुलिस चौकी के भीतर का नजारा बिल्कुल उलट था:
कुर्सी पर आदर-सत्कार: आरोपी महिला को लॉकअप में बंद करने या जमीन पर बैठाने के बजाय पुलिसकर्मियों ने बकायदा सम्मान के साथ बैठने के लिए कुर्सी दी.
कोल्डड्रिंक से खातिरदारी: चिलचिलाती गर्मी को देखते हुए पुलिस चौकी के स्टाफ ने आरोपी महिला का गला तर करने के लिए बकायदा कोल्डड्रिंक मंगवाई और फ्रिज का ठंडा पानी परोसा.
चौकी के भीतर बेखौफ बैठी आरोपी का यह वीडियो जैसे ही इंटरनेट पर वायरल हुआ, आम जनता का गुस्सा पुलिस के दोहरे रवैए पर फूट पड़ा.
कोर्ट के आदेश पर केंद्रीय जेल सतना भेजी गई आरोपी
इस पूरे मामले पर बढ़ते विवाद के बीच उचेहरा थाना प्रभारी ने पुलिस कार्रवाई की जानकारी साझा की है. उन्होंने बताया कि घायल महिला योगिता सिंह के बयानों और शिकायत के आधार पर उचेहरा थाने में आरोपी सुनीता सिंह परिहार के खिलाफ हत्या के प्रयास (Attempt to Murder) का गंभीर आपराधिक प्रकरण दर्ज किया गया है.
"दामाद ने ही उकसाया था, पुलिस उसे बचा रही है" — पीड़िता की मां का संगीन आरोप
इस हाई-प्रोफाइल केस में अब पारिवारिक विवाद और गहरी साजिश की बात भी सामने आ रही है. अस्पताल में जिंदगी की जंग लड़ रही घायल योगिता सिंह की मां नरेंद्र कुमारी ने स्थानीय पुलिस प्रशासन पर एकतरफा कार्रवाई और मिलीभगत के बेहद संगीन आरोप लगाए हैं.
मां नरेंद्र कुमारी का बड़ा बयान: "पुलिस इस मामले में खुलेआम मेरे दामाद 'बाबाराजा' का बचाव कर रही है. एफआईआर में सिर्फ सुनीता सिंह को आरोपी बनाया गया है, जबकि सच यह है कि मेरे दामाद ने ही सुनीता सिंह को मेरी बेटी योगिता पर गोली चलाने के लिए उकसाया और पूरी साजिश रची. जब तक दामाद पर एफआईआर दर्ज कर उसकी गिरफ्तारी नहीं होती, तब तक मेरी बेटी को इंसाफ नहीं मिलेगा."
इस सनसनीखेज खुलासे और पुलिस चौकी के भीतर आरोपी को मिले 'वीआईपी ट्रीटमेंट' के वीडियो ने सतना पुलिस को पूरी तरह बैकफुट पर ला दिया है. अब देखना यह होगा कि मामले के तूल पकड़ने के बाद क्या वरिष्ठ अधिकारी दोषी पुलिसकर्मियों पर गाज गिराते हैं और पीड़िता की मां द्वारा लगाए गए आरोपों की निष्पक्ष जांच की जाती है या नहीं.
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