Office Address

Address Display Here

Phone Number

+91-9876543210

Email Address

info@deshbandhu.co.in

शौकत अली ने अनिल राजभर को बताया मुस्लिम, कहा- विश्वास न हो, तो करवा लीजिए डीएनए टेस्ट


बहराइच, 13 जून (आईएएनएस)। उत्तर प्रदेश सरकार में मंत्री अनिल राजभर ने सैयद सालार मसूद गाजी की दरगाह का एएसआई सर्वे कराने की मांग की है। इस पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए ऑल इंडिया मजलिस ए इत्तेहादुल मुस्लिमीन (एआईएमआईएम) के प्रदेश अध्यक्ष शौकत अली ने अनिल राजभर को 'मुस्लिम' बता दिया।

बहराइच, 13 जून (आईएएनएस)। उत्तर प्रदेश सरकार में मंत्री अनिल राजभर ने सैयद सालार मसूद गाजी की दरगाह का एएसआई सर्वे कराने की मांग की है। इस पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए ऑल इंडिया मजलिस ए इत्तेहादुल मुस्लिमीन (एआईएमआईएम) के प्रदेश अध्यक्ष शौकत अली ने अनिल राजभर को 'मुस्लिम' बता दिया।

उन्होंने शनिवार को पत्रकारों से बातचीत में कहा कि मैं यह दावे के साथ कह सकता हूं कि अनिल राजभर मुस्लिम हैं। अगर उन्हें यकीन नहीं हो तो वह अपना डीएनए टेस्ट करा लें, उन्हें पता चल जाएगा।

ऑल इंडिया मजलिस ए इत्तेहादुल मुस्लिमीन के प्रदेश अध्यक्ष शौकत अली ने कहा कि लोगों का अपना-अपना विश्वास होता है, जिसमें हम किसी भी प्रकार का हस्तक्षेप नहीं कर सकते हैं। मैं कई ऐसे ब्राह्मणों को जानता हूं, जो नास्तिक हैं और कई ऐसे हैं, जो मंदिरों में पुजारी हैं। इतना ही नहीं, मैं कई ऐसे मुस्लिम समुदाय से भी जुड़े लोगों को जानता हूं, जो नास्तिक हैं। किसी भी ईश्वर पर भरोसा नहीं करते हैं। अब इन मामलों में हम क्या ही टिप्पणी कर सकते हैं। लोगों का अपना-अपना विश्वास होता है, उन्हें अपने विश्वास का पालन करने देना चाहिए। इससे किसी को भी कोई आपत्ति नहीं होनी चाहिए।

इसके अलावा, उन्होंने सैयद सालार मसूद गाजी की दरगाह पर एआईएमआईएम प्रमुख की आगामी यात्रा पर भाजपा सांसद दिनेश शर्मा की टिप्पणी को लेकर भी प्रतिक्रिया दी। उनके मुताबिक, दिनेश शर्मा को इतिहास का ज्ञान नहीं है। दिनेश शर्मा को पहले यह बताना चाहिए कि सैयद सालार मसूद गाजी के पिता का नाम क्या था? वो बहराइच कब आए थे? उन्हें इस बारे में मालूम नहीं होगा।

उन्होंने कहा कि इन लोगों ने आरएसएस के कार्यालय में लिखा जाने वाला इतिहास पढ़ा है। इन लोगों को किसी विषय वस्तु के बारे में ठोस जानकारी नहीं है। अगर होती, तो आज इस तरह की स्थिति पैदा ही नहीं होती। हम लोगों ने व्हाट्सएप यूनिवर्सिटी से इतिहास की जानकारी नहीं जुटाई है। अब ये लोग जिस समय की बात कर रहे हैं, उस समय पाकिस्तान और अफगानिस्तान जैसे मुल्क अखंड भारत का हिस्सा थे। अब ये लोग अपने व्हाट्सएप यूनिवर्सिटी के ज्ञान के आधार पर यह दावा कर रहे हैं कि वो अफगानिस्तान में पैदा हुए थे। अगर मान लेते हैं कि वो अफगानिस्तान में पैदा हुए थे, तो भी तो वो भारत का ही हिस्सा हुए।

--आईएएनएस

एसएचके/एबीएम

Share:

Leave A Reviews

Related News