
वॉशिंगटन. ब्रह्मांड की गहराइयों में छिपे 'अदृश्य' एस्टेरॉयड्स को लेकर नासा (NASA) के विशेषज्ञों ने अब तक की सबसे डरावनी चेतावनी जारी की है. नासा की ग्रह रक्षा विशेषज्ञ केली फास्ट के अनुसार, हमारे सौर मंडल में लगभग 15,000 ऐसे एस्टेरॉयड्स मौजूद हैं जो किसी भी समय पृथ्वी के किसी बड़े शहर को नक्शे से मिटा सकते हैं, लेकिन वैज्ञानिकों को अभी तक उनके सटीक ठिकाने की जानकारी नहीं है.
क्यों खतरनाक हैं ये 'शहर-नाशक' (City Killers)?
वैज्ञानिकों ने 500 फीट (लगभग 140 मीटर) के मध्यम आकार के एस्टेरॉयड्स को 'सिटी किलर' की श्रेणी में रखा है. इनकी सबसे बड़ी चिंताजनक बातें निम्नलिखित हैं:
खोज पाना मुश्किल: ये इतने छोटे होते हैं कि इन्हें दूरबीन से पकड़ना चुनौतीपूर्ण है, लेकिन इतने बड़े हैं कि टकराने पर परमाणु बम जैसी तबाही ला सकते हैं.
अंधेरे में छिपे शिकारी: ये पिंड सूर्य की परिक्रमा तो करते हैं, लेकिन प्रकाश को परावर्तित नहीं करते. इस कारण वर्तमान दूरबीनों के लिए ये लगभग अदृश्य बने रहते हैं.
केवल 40% की जानकारी: पृथ्वी के निकट करीब 25,000 ऐसे एस्टेरॉयड होने का अनुमान है, जिनमें से हम केवल 10,000 (40%) के बारे में ही जानते हैं.
वैज्ञानिक की स्वीकारोक्ति: "रात को सो नहीं पाती"
ग्रह रक्षा विशेषज्ञ केली फास्ट ने एक साक्षात्कार में स्वीकार किया कि इन अज्ञात खतरों की अनिश्चितता उन्हें "रात को सोने नहीं देती." उन्होंने जोर देकर कहा कि अगर इनमें से कोई भी एस्टेरॉयड बिना चेतावनी के पृथ्वी से टकराता है, तो मानवता के पास फिलहाल उससे बचने का कोई ठोस सुरक्षा कवच नहीं है.
नासा का अगला कदम: 'NEO सर्वेयर' मिशन
इस महासंकट से निपटने के लिए नासा अगले साल ‘नियर-अर्थ ऑब्जेक्ट (NEO) सर्वेयर’ अंतरिक्ष दूरबीन लॉन्च करने जा रहा है.
यह दूरबीन थर्मल सिग्नेचर (गर्मी के संकेतों) के आधार पर उन अंधेरे एस्टेरॉयड्स को ढूंढ निकालेगी जो प्रकाश की कमी के कारण अब तक छिपे रहे हैं.
मुख्य लक्ष्य इन खतरों को पृथ्वी तक पहुँचने से सालों पहले पहचानना है, ताकि 'डार्ट' (DART) जैसी तकनीकों से उनका रास्ता बदला जा सके.
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