नई दिल्ली, 4 नवंबर (आईएएनएस)। दिल्ली के गाजियाबाद स्थित केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) अकादमी में बुधवार को 'भ्रष्टाचार-रोधी मामलों की जांच और संपत्ति की वसूली' विषय पर एक सप्ताह के लिए इंडियन टेक्निकल एंड इकोनॉमिक कोऑपरेशन (आईटीईसी) कोर्स का उद्घाटन किया गया है।
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नई दिल्ली, 4 नवंबर (आईएएनएस)। दिल्ली के गाजियाबाद स्थित केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) अकादमी में बुधवार को 'भ्रष्टाचार-रोधी मामलों की जांच और संपत्ति की वसूली' विषय पर एक सप्ताह के लिए इंडियन टेक्निकल एंड इकोनॉमिक कोऑपरेशन (आईटीईसी) कोर्स का उद्घाटन किया गया है।
गाजियाबाद स्थित सीबीआई अकादमी में यह प्रशिक्षण कार्यक्रम भारत सरकार के विदेश मंत्रालय के 'इंडियन टेक्निकल एंड इकोनॉमिक कोऑपरेशन' (आईटीईसी) कार्यक्रम के तहत एक सप्ताह के लिए आयोजित किया गया है।
इस कार्यक्रम का उद्देश्य प्रतिभागियों को भ्रष्टाचार से निपटने के लिए भारत के कानूनी और संस्थागत ढांचे की समझ देना है। इसके साथ ही इसमें भ्रष्टाचार के मामलों की जांच, अपराध से प्राप्त आय की पहचान और उसे ट्रैक करना, वित्तीय जांच, अवैध संपत्तियों को जब्त करना और संपत्ति की वसूली में अंतरराष्ट्रीय सहयोग से जुड़ी व्यावहारिक जानकारी और कौशल प्रदान करना शामिल है।
इस कोर्स में 16 आईटीईसी सदस्य देशों के कुल 24 प्रतिभागी हिस्सा ले रहे हैं। आईटीईसी सदस्य देशों में बोत्सवाना, इथियोपिया, घाना, इराक, लेबनान, मेडागास्कर, मालदीव, माली, मॉरीशस, म्यांमार, नामीबिया, नाइजीरिया, पनामा, पैराग्वे, तंजानिया और जिम्बाब्वे शामिल हैं।
इस कोर्स का उद्घाटन सीबीआई अकादमी के निदेशक सुहेल शर्मा ने किया। इस अवसर पर बोलते हुए उन्होंने भ्रष्टाचार से प्राप्त आय का पता लगाने और अवैध संपत्तियों की वसूली के लिए अंतरराष्ट्रीय सहयोग तथा समन्वित प्रयासों के महत्व पर जोर दिया।
बता दें कि केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) देश की प्रमुख और सबसे बड़ी आपराधिक जांच एजेंसी है। इसकी स्थापना 1 अप्रैल 1963 को गृह मंत्रालय के एक प्रस्ताव के जरिए हुई थी। इसका मुख्यालय नई दिल्ली में स्थित है और यह कार्मिक, लोक शिकायत और पेंशन मंत्रालय के अधीन कार्य करती है। यह मुख्य रूप से गंभीर अपराधों, भ्रष्टाचार और राष्ट्रीय या अंतर्राष्ट्रीय प्रभाव वाले मामलों की निष्पक्ष जांच करती है। सीबीआई के वर्तमान निदेशक प्रवीण सूद हैं।
--आईएएनएस
डीके/पीएम
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