Office Address

Address Display Here

Phone Number

+91-9876543210

Email Address

info@deshbandhu.co.in

सीबीआई की कार्रवाई, अवैध टेलीकॉम एक्सचेंज मामले में 21 साल से फरार आरोपी गिरफ्तार


कोच्चि, 24 सितंबर (आईएएनएस)। केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने गुरुवार को अवैध टेलीकॉम एक्सचेंज मामले में 21 वर्ष से फरार आरोपी को गिरफ्तार करने में सफलता प्राप्त की है।

कोच्चि, 24 सितंबर (आईएएनएस)। केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने गुरुवार को अवैध टेलीकॉम एक्सचेंज मामले में 21 वर्ष से फरार आरोपी को गिरफ्तार करने में सफलता प्राप्त की है।

यह आरोपी दो दशकों से ज्यादा समय से कानून प्रवर्तन एजेंसियों से बच रहा था। उस पर अवैध टेलीकॉम एक्सचेंज रैकेट से जुड़े होने का आरोप है, जिससे सरकारी खजाने को भारी वित्तीय नुकसान हुआ और राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए गंभीर चिंताएं पैदा हुईं।

इसको लेकर जारी एक आधिकारिक बयान के अनुसार, आरोपी की पहचान सुरेश कुमार पद्मिनी बिनी उर्फ ​​बिनी एस.पी. के तौर पर हुई है, को लगभग 21 वर्ष तक फरार रहने के बाद 23 सितंबर को तिरुवनंतपुरम में गिरफ्तार किया गया। यह गिरफ्तारी एर्नाकुलम की चीफ ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट (जीजेएम) कोर्ट द्वारा जारी गैर-जमानती वारंट के आधार पर की गई।

सीबीआई के अनुसार, यह मामला मूलरूप से 31 जनवरी 2005 को दर्ज किया गया था। जांच में पता चला कि 2004-05 के दौरान आरोपी ने कथित तौर पर खुद को के. सुनील बताकर और नकली दस्तावेजों का इस्तेमाल करके धोखाधड़ी से टेलीफोन और इंटरनेट कनेक्शन लिए थे। इन कनेक्शनों का इस्तेमाल कोच्चि में एसआरएम रोड पर किराए की जगह से एक अवैध टेलीकॉम एक्सचेंज चलाने के लिए किया गया था।

जांच में पाया गया कि आरोपी ने अधिकृत टेलीकॉम गेटवे और रेगुलेटरी सिस्टम को दरकिनार करते हुए इंटरनेट-आधारित चैनलों के माध्यम से आने वाली इंटरनेशनल लॉन्ग-डिस्टेंस (आईएसडी) कॉल को गैर-कानूनी तरीके से रूट किया था।

इंटरनेशनल कॉल को लोकल कॉल के तौर पर गैर-कानूनी तरीके से टर्मिनेट करने के कारण इस ऑपरेशन से सरकार को कथित तौर पर लगभग 12.69 लाख रुपए का नुकसान हुआ।

सीबीआई अधिकारियों ने कहा कि अवैध टेलीकॉम हब के कारण न केवल राजस्व का नुकसान हुआ, बल्कि सुरक्षा संबंधी गंभीर चिंताएं भी पैदा हुईं।

जांच पूरी होने के बाद सीबीआई ने 25 मार्च 2008 को आरोपी के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की। ​​हालांकि, मामला दर्ज होने के बाद से ही वह पकड़ में नहीं आया और लगातार न्यायिक प्रक्रिया से बचता रहा।

वर्षों की लगातार कोशिशों, खुफिया जानकारी जुटाने और लगातार फॉलोअप के बाद सीबीआई जांचकर्ता आरोपी का पता लगाने में सफल रहे, जिसके बाद उसे गिरफ्तार कर लिया गया।

जरूरी कानूनी औपचारिकताएं पूरी करने के बाद, उसे 23 सितंबर को एर्नाकुलम की संबंधित अदालत में पेश किया गया। अदालत ने उसे 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया।

--आईएएनएस

डीके/डीकेपी

Date & Time : 2026-09-24 20:35:03

Share:

Leave A Reviews

Related News