नई दिल्ली, 25 मई (आईएएनएस)। चीफ्स ऑफ स्टाफ कमेटी (सीओएससी) की सोमवार को एक महत्वपूर्ण बैठक हुई। तीनों सेनाओं के प्रमुखों व चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ की मौजूदगी वाली यह मीटिंग कई मायनों में विशेष रही। यह बैठक चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ और सीओएससी के स्थायी अध्यक्ष जनरल अनिल चौहान तथा नौसेना प्रमुख एडमिरल दिनेश के त्रिपाठी के लिए सेवानिवृत्ति से पहले अंतिम सीओएससी बैठक रही।
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नई दिल्ली, 25 मई (आईएएनएस)। चीफ्स ऑफ स्टाफ कमेटी (सीओएससी) की सोमवार को एक महत्वपूर्ण बैठक हुई। तीनों सेनाओं के प्रमुखों व चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ की मौजूदगी वाली यह मीटिंग कई मायनों में विशेष रही। यह बैठक चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ और सीओएससी के स्थायी अध्यक्ष जनरल अनिल चौहान तथा नौसेना प्रमुख एडमिरल दिनेश के त्रिपाठी के लिए सेवानिवृत्ति से पहले अंतिम सीओएससी बैठक रही।
बता दें कि दोनों वरिष्ठ सैन्य अधिकारी इसी महीने सेवानिवृत्त हो रहे हैं। इन अधिकारियों की सेवानिवृत्ति से पहले हुई यह बैठक भावनात्मक और ऐतिहासिक महत्व की मीटिंग रही। बैठक में चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (सीडीएस) जनरल अनिल चौहान, वायुसेना प्रमुख, एयर चीफ मार्शल एपी सिंह, थलसेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी, नौसेना प्रमुख एडमिरल दिनेश के त्रिपाठी व चीफ ऑफ इंटीग्रेटेड डिफेंस स्टाफ एयर मार्शल आशुतोष दीक्षित मौजूद रहे।
इस दौरान तीनों सेनाओं के बीच तालमेल, संयुक्त सैन्य रणनीति, परिचालन समन्वय और थिएटराइजेशन की दिशा में चल रहे प्रयासों पर चर्चा की गई। मुख्यालय इंटीग्रेटेड डिफेंस स्टाफ ने सोशल मीडिया पोस्ट में कहा कि दोनों वरिष्ठ अधिकारियों (सीडीएस जनरल अनिल चौहान व नौसेना प्रमुख एडमिरल दिनेश के त्रिपाठी) के नेतृत्व ने तीनों सेनाओं के बीच संयुक्तता, एकीकरण और ऑपरेशनल तालमेल को मजबूत करने में अहम भूमिका निभाई। विशेष रूप से थिएटराइजेशन की दिशा में आगे बढ़ रहे सैन्य ढांचे को नई गति देने में उनका योगदान महत्वपूर्ण रहा है।
मुख्यालय इंटीग्रेटेड डिफेंस स्टाफ ने कहा कि जनरल अनिल चौहान और एडमिरल दिनेश के त्रिपाठी ने भारतीय सशस्त्र बलों पर अपनी कार्यशैली और नेतृत्व की अमिट छाप छोड़ी है। भारतीय रक्षा बलों ने दोनों विशिष्ट सैन्य नेताओं के प्रति गहरी कृतज्ञता व्यक्त करते हुए उनके भविष्य के लिए शुभकामनाएं भी दीं।
चीफ्स ऑफ स्टाफ कमेटी भारत की तीनों सेनाओं के बीच रणनीतिक समन्वय का प्रमुख मंच माना जाता है। यह देश की सर्वोच्च सैन्य समन्वय व्यवस्था है। ऐसे में दो वरिष्ठ सैन्य नेताओं की अंतिम बैठक ने रक्षा प्रतिष्ठान में एक महत्वपूर्ण संक्रमण काल का संकेत भी दिया है।
गौरतलब है कि सरकार ने वाइस एडमिरल कृष्णा स्वामीनाथन को नौसेना प्रमुख नियुक्त किया है। भारतीय नौसेना प्रमुख एडमिरल दिनेश कुमार त्रिपाठी 31 मई को सेवा से सेवानिवृत्त होंगे। एडमिरल दिनेश कुमार त्रिपाठी के सेवानिवृत्त होने के उपरांत कृष्णा स्वामीनाथन यह पद संभालेंगे। वहीं, चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ जनरल अनिल चौहान का कार्यकाल भी इस महीने पूरा हो रहा है। उनके बाद लेफ्टिनेंट जनरल एन एस राजा सुब्रमणि देश के नए व तीसरे सीडीएस बनेंगे।
--आईएएनएस
जीसीबी/डीकेपी
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