Office Address

Address Display Here

Phone Number

+91-9876543210

Email Address

info@deshbandhu.co.in

सीएम सतीशन ने कार दुर्घटना में मारे गए व्यक्ति के परिवार से की मुलाकात, कानूनी लड़ाई में मदद का भरोसा दिया


कोच्चि, 30 अक्टूबर (आईएएनएस)। केरल के मुख्यमंत्री वीडी सतीशन ने शुक्रवार को जयाबालकृष्णन के परिवार से मुलाकात की। कोच्चि के पास चेरानेल्लूर में 17 साल के एक लड़के द्वारा चलाई जा रही मर्सिडीज-बेंज कार ने जयाबालकृष्णन के स्कूटर को टक्कर मार दी थी, जिससे उनकी मौत हो गई थी। मुख्यमंत्री ने परिवार को न्याय की लड़ाई में सरकार की ओर से पूरा समर्थन देने का भरोसा दिलाया।

कोच्चि, 30 अक्टूबर (आईएएनएस)। केरल के मुख्यमंत्री वीडी सतीशन ने शुक्रवार को जयाबालकृष्णन के परिवार से मुलाकात की। कोच्चि के पास चेरानेल्लूर में 17 साल के एक लड़के द्वारा चलाई जा रही मर्सिडीज-बेंज कार ने जयाबालकृष्णन के स्कूटर को टक्कर मार दी थी, जिससे उनकी मौत हो गई थी। मुख्यमंत्री ने परिवार को न्याय की लड़ाई में सरकार की ओर से पूरा समर्थन देने का भरोसा दिलाया।

मुलाकात के दौरान परिवार ने एक शिकायत सौंपी, जिसमें आरोप लगाया गया कि आरोपी किशोर के पिता, जो एक अतिरिक्त जिला न्यायाधीश हैं, ने दुर्घटना के बाद अहम सबूतों को नष्ट करने की कोशिश की थी।

मुख्यमंत्री ने पीड़ित परिवार से उनके घर जाकर मुलाकात की, उन्हें सांत्वना दी और हर संभव मदद का भरोसा दिलाया।

उन्होंने परिवार को आश्वासन दिया कि कानूनी लड़ाई में सरकार उनके साथ खड़ी रहेगी और साथ ही मामले की प्रगति की समीक्षा भी की।

परिवार ने आरोप लगाया कि दुर्घटना के तुरंत बाद न्यायाधीश और उनका परिवार एक दूसरी गाड़ी से घटनास्थल पर पहुंच गए थे, और आसपास के सीसीटीवी फुटेज से यह बात साबित हो जाएगी।

उन्होंने दावा किया कि न्यायाधीश का वहां जल्दी पहुंचना सबूतों को नष्ट करने के इरादे से था।

जयाबालकृष्णन की बेटी भद्रकीर्ति ने बाद में मीडिया को बताया कि परिवार ने अपनी चिंताएं और केस लड़ने में आ रही कठिनाइयों के बारे में बात की।

उन्होंने यह भी कहा कि वकील श्रीजीत आगे भी परिवार का पक्ष रखेंगे, और वे अदालत के फैसले के बाद ही आगे की रणनीति तय करेंगे।

इस बीच एर्नाकुलम सत्र न्यायालय ने शुक्रवार को नाबालिग आरोपी की पहचान उजागर होने पर कड़ी आपत्ति जताई। यह मामला तब सामने आया जब राज्य सरकार और पीड़ित परिवार की ओर से उसकी जमानत रद्द करने के लिए दो अलग-अलग याचिकाएं दायर की गईं।

अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश कविता गंगाधरन ने कहा कि कानून के दायरे में आए किसी बच्चे का पूरा नाम और घर का पता सार्वजनिक करना 'जुवेनाइल जस्टिस एक्ट' (किशोर न्याय अधिनियम) का उल्लंघन है।

अदालत ने कहा कि नाबालिग की पहचान की सुरक्षा करना भी उनकी जिम्मेदारी है। उन्होंने दोनों पक्षों को निर्देश दिया कि वे याचिकाओं में किशोर का नाम हटाकर उसकी जगह कोई अन्य पहचान (जैसे 'नाबालिग आरोपी') लिखें।

अदालत ने अभियोजन पक्ष और पीड़ित परिवार के वकील को निर्देश दिया कि वे यह सुनिश्चित करें कि कानूनी कार्यवाही के दौरान किशोर की पहचान उजागर करने वाली कोई भी जानकारी सामने न आए।

इस मामले की अगली सुनवाई शनिवार को होगी।

--आईएएनएस

एससीएच/डीकेपी

Date & Time : 2026-10-30 18:05:02

Share:

Leave A Reviews

Related News