Office Address

Address Display Here

Phone Number

+91-9876543210

Email Address

info@deshbandhu.co.in

श्रीलंका में फ्यूल क्यू आर सिस्टम बना मुसीबत: सेकंड-हैंड वाहन मालिकों को नहीं मिल रहा पेट्रोल

कोलंबो, 18 मार्च (आईएएनएस)। श्रीलंका में दोबारा लागू किया गया नेशनल फ्यूल पास क्यूआर कोड सिस्टम अब विवादों में घिर गया है। बड़ी संख्या में वाहन मालिकों का कहना है कि वे अपना साप्ताहिक ईंधन कोटा नहीं ले पा रहे हैं, क्योंकि सिस्टम उनके वाहनों को अब भी पुराने मालिकों के नाम पर रजिस्टर्ड दिखा रहा है।

कोलंबो, 18 मार्च (आईएएनएस)। श्रीलंका में दोबारा लागू किया गया नेशनल फ्यूल पास क्यूआर कोड सिस्टम अब विवादों में घिर गया है। बड़ी संख्या में वाहन मालिकों का कहना है कि वे अपना साप्ताहिक ईंधन कोटा नहीं ले पा रहे हैं, क्योंकि सिस्टम उनके वाहनों को अब भी पुराने मालिकों के नाम पर रजिस्टर्ड दिखा रहा है।

श्रीलंका के प्रमुख अंग्रेजी दैनिक डेली मिरर के अनुसार, सबसे ज्यादा परेशानी उन लोगों को हो रही है जिन्होंने सेकंड-हैंड वाहन खरीदे हैं। ऐसे वाहन मालिक नए क्यूआर कोड जनरेट नहीं कर पा रहे, क्योंकि ऑनलाइन पोर्टल यह दिखाता है कि वाहन पहले से किसी अन्य यूजर के नाम पर पंजीकृत है। इसके कारण वे अपने दैनिक कामकाज और यात्रा के लिए जरूरी ईंधन नहीं ले पा रहे हैं।

लोगों का कहना है कि यह समस्या खासकर पुराने वाहनों में ज्यादा है, जबकि नए वाहन खरीदने वाले बिना किसी दिक्कत के रजिस्ट्रेशन कर पा रहे हैं। कई लोगों को सिस्टम में पुराने मालिक की जानकारी सत्यापित करने के लिए कहा जा रहा है, जो ज्यादातर मामलों में संभव नहीं है।

समस्या उन वाहनों में और गंभीर हो जाती है, जो कई बार खरीदे-बेचे जा चुके हैं। ऐसे मामलों में, पहले के रजिस्ट्रेशन से जुड़े मोबाइल नंबर अब इस्तेमाल में नहीं हैं। जब नए मालिक रजिस्ट्रेशन की कोशिश करते हैं, तो उन्हें संदेश मिलता है कि वाहन पहले से रजिस्टर्ड है, जिससे प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ पाती।

इस तकनीकी खामी के चलते कई वाहन मालिक अपने साप्ताहिक फ्यूल कोटा से वंचित रह रहे हैं। इससे काम पर जाना, सामान ढोना और रोजमर्रा की जिम्मेदारियां निभाना मुश्किल हो गया है।

इस समस्या का असर फ्यूल स्टेशनों पर भी दिख रहा है, जहां लंबी कतारें और बहस की स्थिति बन रही है। कुछ लोग इस सिस्टम को जिम्मेदार ठहरा रहे हैं, जो असली उपयोगकर्ताओं को ही ब्लॉक कर रहा है। वहीं, कई लोगों ने चेतावनी दी है कि अगर जल्द समाधान नहीं निकला, तो हजारों लोग प्रभावित हो सकते हैं।

डिजिटल टेक्नोलॉजी से जुड़े अधिकारियों और संबंधित मंत्रालय से संपर्क करने की कोशिशों पर भी सवाल उठ रहे हैं। कई लोगों का कहना है कि उनके फोन कॉल का जवाब नहीं मिलता और मैसेज का ऑटो-रिप्लाई आता है—"सॉरी, आई कैन नॉट टॉक राइट नाउ," यानी "माफ करें, मैं आपसे अभी बात नहीं कर सकता।"

नेशनल फ्यूल पास प्लेटफॉर्म पर वाहन के मालिकाना हक को अपडेट करने की स्पष्ट प्रक्रिया न होने से लोगों में नाराजगी और बढ़ गई है।

सरकार ने हाल ही में वैश्विक ऊर्जा संकट के बीच सीमित ईंधन आपूर्ति को नियंत्रित करने के लिए क्यूआर-आधारित फ्यूल वितरण प्रणाली को फिर से लागू किया है। हालांकि, मौजूदा तकनीकी समस्याओं ने इस सिस्टम की तैयारी और क्षमता पर सवाल खड़े कर दिए हैं।

मोटर चालकों ने सरकार से मांग की है कि वाहन मालिकाना हक अपडेट करने की आसान प्रक्रिया जल्द शुरू की जाए, वरना वैध दस्तावेज होने के बावजूद हजारों लोग ईंधन से वंचित रह जाएंगे।

इसके अलावा, यह भी सामने आया है कि कई लोग सोशल मीडिया पर क्यूआर कोड दिलाने के नाम पर धोखाधड़ी का शिकार हो रहे हैं। ऐसे लोग अभी भी फ्यूल स्टेशनों पर लंबी कतारों में खड़े होकर ईंधन पाने की कोशिश कर रहे हैं।

ईंधन बचत को ध्यान में रखते हुए श्रीलंका की सरकार ने कुछ कदम उठाए। सोमवार से ही ताबड़तोड़ निर्देश जारी किए जा रहे हैं। पहले स्कूल-दफ्तरों में सप्ताह मध्य की छुट्टी का ऐलान किया, फिर बुधवार को सार्वजनिक परिवहनों पर सीमित पाबंदी लगाई, इसके बाद क्यूआर स्कैन की घोषणा हुई तो बुधवार को ही सीलोन पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन (सीपीसी) के मैनेजिंग डायरेक्टर, डॉ. मयूरा नेत्थिकुमारागे ने एक और फैसले से रूबरू कराया।

अदा डेराना न्यूज आउटलेट ने नेत्थिकुमारागे के हवाले से बताया कि वाहनों के मालिकों को 'ऑड-ईवन' नंबर प्लेट सिस्टम के तहत ईंधन खरीदने की अनुमति होगी।

इस सिस्टम के तहत, जिन वाहनों की नंबर प्लेट का आखिरी अंक शून्य (0) या कोई 'ईवन' (सम) संख्या है, उन्हें 'ईवन' तारीखों पर ईंधन खरीदने की अनुमति होगी।

--आईएएनएस

केआर/

Share:

Leave A Reviews

Related News