चेन्नई, 2 नवंबर (आईएएनएस)। तमिलनाडु के पूर्व वित्त मंत्री थंगम थेन्नारासु ने राज्य के आर्थिक प्रदर्शन पर चिंता जताई है। उन्होंने पड़ोसी दक्षिणी राज्यों की तुलना में वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) राजस्व में धीमी वृद्धि का हवाला देते हुए टीवीके सरकार पर आरोप लगाया है कि उसने राज्य की विकास गति को कमजोर होने दिया है।
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चेन्नई, 2 नवंबर (आईएएनएस)। तमिलनाडु के पूर्व वित्त मंत्री थंगम थेन्नारासु ने राज्य के आर्थिक प्रदर्शन पर चिंता जताई है। उन्होंने पड़ोसी दक्षिणी राज्यों की तुलना में वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) राजस्व में धीमी वृद्धि का हवाला देते हुए टीवीके सरकार पर आरोप लगाया है कि उसने राज्य की विकास गति को कमजोर होने दिया है।
एक बयान में थेन्नारासु ने कहा कि तमिलनाडु जो कभी आर्थिक विकास के मामले में भारत के अग्रणी राज्यों में गिना जाता था, मौजूदा प्रशासन के तहत लगातार गिरावट का सामना कर रहा है। उन्होंने सरकार से आग्रह किया कि वह राजस्व के आंकड़ों में दिख रहे चेतावनी के संकेतों को समझे।
आंकड़ों के अनुसार, अक्टूबर में तमिलनाडु के जीएसटी राजस्व में केवल 3 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई। इसकी तुलना में आंध्र प्रदेश में 24 प्रतिशत, केरल में 23 प्रतिशत, कर्नाटक में 18 प्रतिशत और तेलंगाना में 14 प्रतिशत की वृद्धि हुई।
थेन्नारासु ने कहा कि तमिलनाडु के प्रदर्शन और पड़ोसी राज्यों की दोहरे अंकों (डबल-डिजिट) वाली वृद्धि के बीच का अंतर राज्य की अर्थव्यवस्था की दिशा को लेकर चिंता पैदा करता है। उन्होंने आरोप लगाया कि जो राज्य कभी आर्थिक विस्तार में सबसे आगे था लेकिन अब पिछड़ रहा है।
पूर्व मंत्री ने आयातित वस्तुओं से मिलने वाले कर राजस्व और तमिलनाडु के भीतर उत्पादन से प्राप्त राजस्व के बीच भी अंतर स्पष्ट किया। उन्होंने कहा कि कुछ प्रमुख आयातित वस्तुओं पर वसूले गए करों के कारण कुल राजस्व में मामूली बढ़ोतरी हुई है। हालांकि, उन्होंने कहा कि इस बढ़ोतरी के पीछे राज्य के अपने उत्पादन से मिलने वाले कर राजस्व में आई गिरावट को छिपाया नहीं जाना चाहिए।
थेन्नारासु ने अपनी आलोचना का केंद्र केवल कुल राजस्व संग्रह के आंकड़ों को न रखकर राजस्व के स्रोतों को बनाया। उन्होंने तर्क दिया कि घरेलू उत्पादन से मिलने वाले राजस्व में कमजोरी को व्यापक आर्थिक ठहराव के संकेत के रूप में देखा जाना चाहिए। उन्होंने सरकार से आग्रह किया कि राज्य की आर्थिक स्थिति का आकलन करते समय इस रुझान पर ध्यान दिया जाए।
उनके बयान में अक्टूबर के जीएसटी आंकड़ों को प्रशासन के आर्थिक प्रबंधन की आलोचना के केंद्र में रखा गया है। इसमें पड़ोसी राज्यों के साथ अंतर और तमिलनाडु के कर राजस्व की संरचना, दोनों पर प्रकाश डाला गया है।
हालांकि कुल संग्रह में थोड़ी वृद्धि दिखी लेकिन थेन्नारासु का मानना था कि आयात पर लगने वाले करों से प्राप्त राजस्व, राज्य के भीतर उत्पादन की वास्तविक स्थिति को सही ढंग से नहीं दर्शाता है।
उन्होंने सरकार से इन आंकड़ों को अर्थव्यवस्था के वास्तविक प्रदर्शन के बारे में एक चेतावनी के रूप में देखने को कहा। उन्होंने अपनी चिंता दोहराते हुए कहा कि तमिलनाडु देश के आर्थिक रूप से मजबूत राज्यों में अपनी पुरानी स्थिति खोता जा रहा है।
--आईएएनएस
एससीएच/पीएम
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