चेन्नई, 24 अक्टूबर (आईएएनएस)। तमिलनाडु के स्कूली शिक्षा विभाग ने स्कूलों को निर्देश दिया है कि वे अपनी इमारतों की जांच करें, पानी जमा करने की व्यवस्था को सुरक्षित बनाएं और इकट्ठा हुए बारिश के पानी को हटाएं। मानसून की बारिश के कारण स्कूलों में छात्रों की सुरक्षा को लेकर चिंताएं बढ़ गई हैं।
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चेन्नई, 24 अक्टूबर (आईएएनएस)। तमिलनाडु के स्कूली शिक्षा विभाग ने स्कूलों को निर्देश दिया है कि वे अपनी इमारतों की जांच करें, पानी जमा करने की व्यवस्था को सुरक्षित बनाएं और इकट्ठा हुए बारिश के पानी को हटाएं। मानसून की बारिश के कारण स्कूलों में छात्रों की सुरक्षा को लेकर चिंताएं बढ़ गई हैं।
शिक्षा विभाग के एक सर्कुलर में स्कूल प्रमुखों और मुख्य शिक्षा अधिकारियों को निर्देश दिया है कि वे छतों, पैरापेट दीवारों और सनशेड की जांच करें कि कहीं उनमें कोई लीकेज या नुकसान तो नहीं है। सर्कुलर में कहा गया है कि असुरक्षित इमारतों को घेरकर अलग कर देना चाहिए और किसी भी दुर्घटना को रोकने के लिए पानी की टंकियों की मजबूती की जांच करनी चाहिए।
स्कूल प्रमुखों से यह भी कहा गया है कि वे ऐसी इमारतों की सूची तैयार करें जो इस्तेमाल में नहीं हैं, बहुत पुरानी हैं या बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो चुकी हैं और जिन्हें गिराने की जरूरत है। उन्हें स्थानीय निकायों के साथ तालमेल बिठाना चाहिए और संबंधित अधिकारियों को सूचित करना चाहिए ताकि कार्रवाई में तेजी लाई जा सके।
विभाग ने कहा है कि ग्राम पंचायतों, नगर पंचायतों और नगर पालिकाओं को खतरनाक ढांचों के बारे में सतर्क किया जाना चाहिए। लोक निर्माण विभाग और कलेक्टर कार्यालय को भी सूचित किया जाना चाहिए और इमारतों को गिराने के लिए जरूरी मंजूरी जल्द से जल्द ली जानी चाहिए।
इन निर्देशों के तहत, स्कूल प्रशासन की यह जिम्मेदारी है कि वे बच्चों के लिए खतरा बनने से पहले ही संभावित जोखिमों की पहचान कर लें। यह और भी जरूरी है क्योंकि लगातार बारिश से इमारतों की पहले से मौजूद कमजोरियां और बढ़ सकती हैं।
मुख्य शिक्षा अधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि वे स्कूल परिसर में मौजूद खुले कुओं, जमीन के नीचे बनी पानी की टंकियों, रेनवाटर हार्वेस्टिंग ढांचों और सेप्टिक टैंकों की जांच करें। छात्रों को इनमें गलती से गिरने से बचाने के लिए, इन्हें कंक्रीट या लोहे के ढक्कन से सुरक्षित किया जाना चाहिए।
सर्कुलर में कहा गया है कि जिन स्कूलों में निर्माण कार्य चल रहा है, वहां काम वाली जगह को बैरिकेड लगाकर घेर देना चाहिए और वहां लोगों की आवाजाही रोक देनी चाहिए। निर्माण कार्य में इस्तेमाल होने वाले उपकरणों को छात्रों की पहुंच से दूर रखा जाना चाहिए।
विभाग ने स्कूल परिसर में बारिश का पानी जमा होने और कैंपस की दीवारों की स्थिति पर विशेष ध्यान देने को कहा है। लगातार बारिश के कारण दीवारें नम हो सकती हैं, जिससे उनके कमजोर होने या गिरने का खतरा पैदा हो सकता है।
चेन्नई के मुख्य शिक्षा कार्यालय के एक अधिकारी ने बताया कि प्रधानाध्यापकों को दीवारों की जांच करने, सुरक्षा संबंधी चिंताओं पर स्थानीय निकायों के साथ तालमेल बिठाने और जहां जरूरी हो, वहां दीवारें बदलने के लिए अनुरोध भेजने का निर्देश दिया गया है। अधिकारी ने आगे कहा कि जिन स्कूलों के मैदान में बारिश का पानी जमा हो जाता है, वहां प्रधानाध्यापकों को उसे बाहर निकालने की व्यवस्था करनी चाहिए।
इस सर्कुलर में स्कूल प्रबंधन, शिक्षा अधिकारियों, स्थानीय निकायों और इंजीनियरिंग विभागों से मिलकर काम करने को कहा गया है ताकि स्कूल परिसरों में मौजूद जोखिमों को दूर किया जा सके। इसलिए, स्कूल प्रमुखों को न केवल जांच करनी चाहिए, बल्कि तुरंत आगे की कार्रवाई भी करनी चाहिए।
--आईएएनएस
डीकेएम/पीएम
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