हैदराबाद, 15 अक्टूबर (आईएएनएस)। तेलंगाना सरकार की ओर से बिजली कटौती को लेकर सख्त रुख अपनाया गया है। बिजली उत्पादन में कथित लापरवाही के लिए याददाद्री थर्मल पावर स्टेशन (स्टेज-I) के मुख्य अभियंता को निलंबित कर दिया गया है। मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी की ओर से दी गई चेतावनी के बाद अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई की गई है।
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हैदराबाद, 15 अक्टूबर (आईएएनएस)। तेलंगाना सरकार की ओर से बिजली कटौती को लेकर सख्त रुख अपनाया गया है। बिजली उत्पादन में कथित लापरवाही के लिए याददाद्री थर्मल पावर स्टेशन (स्टेज-I) के मुख्य अभियंता को निलंबित कर दिया गया है। मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी की ओर से दी गई चेतावनी के बाद अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई की गई है।
तेलंगाना पावर जनरेशन कॉरपोरेशन लिमिटेड ने याददाद्री थर्मल पावर स्टेशन (वाईटीपीएस) स्टेज-1 के मुख्य अभियंता (चीफ इंजीनियर) बी. सुरेश को निलंबित कर दिया है। तेलंगाना पावर जनरेशन कॉरपोरेशन लिमिटेड के अध्यक्ष और प्रबंध निदेशक (सीएमडी) डॉ. एस. हरीश ने "ड्यूटी के प्रति घोर लापरवाही" बरतने के आरोप में सुरेश को निलंबित करने का आदेश जारी किया।
आदेश के अनुसार, मुख्य अभियंता के रूप में अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन करते हुए उन्होंने बिजली उत्पादन बढ़ाने के लिए तय किए गए कार्यों की योजना बनाने, निगरानी करने और उन्हें लागू करने में पर्यवेक्षण संबंधी लापरवाही बरती। विभागीय जांच पूरी होने तक मुख्य अभियंता को निलंबित रखा गया है।
बुधवार शाम अधिकारियों के साथ एक बैठक में मुख्यमंत्री रेड्डी ने बिजली कटौती के मुद्दे पर कड़ा रुख अपनाया। उन्होंने सवाल किया कि नैनी और महानदी कोल ब्लॉक से कोयले की आपूर्ति मिलने के बावजूद, वाईटीपीएस में पूरी क्षमता से बिजली का उत्पादन क्यों नहीं हो रहा है। उन्होंने चेतावनी दी थी कि लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी और आदेश दिया कि बिजली कटौती के कारणों की रिपोर्ट उन्हें तुरंत सौंपी जाए।
उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि राज्य में बारिश की कमी के कारण फसलों को सूखने से बचाने के लिए चौबीसों घंटे बिजली की आपूर्ति सुनिश्चित की जाए। मुख्यमंत्री रेड्डी ने फसल की कटाई पूरी होने तक निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि अगले 20 दिन फसलों के लिए बहुत महत्वपूर्ण हैं, इसलिए किसी भी हाल में बिजली की कमी के कारण किसानों को अपनी फसल का नुकसान नहीं होना चाहिए।
अधिकारियों को उन इलाकों की पहचान करने को कहा गया है जहां कृषि कार्यों के लिए बिजली की अधिक मांग है, और उसी के अनुसार वहां बिजली आपूर्ति बढ़ाने का निर्देश दिया गया। मुख्यमंत्री रेड्डी ने वरिष्ठ अधिकारियों के साथ एक समीक्षा बैठक की, जिसमें बारिश की कमी, 'अल नीनो' के प्रभाव, और पूरे राज्य में बिजली तथा पेयजल आपूर्ति की स्थिति पर चर्चा की गई।
मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी की ओर से सीएमओ ने जानकारी दी कि मुख्यमंत्री राज्य भर में हो रही बिजली कटौती से नाखुश थे। उन्होंने अधिकारियों से बिजली की कमी के कारणों के बारे में पूछा और जानना चाहा कि लगातार निर्देश दिए जाने के बावजूद बिजली आपूर्ति की स्थिति में सुधार क्यों नहीं हुआ।
मुख्यमंत्री ने कहा, "मैं जनता के प्रति जवाबदेह हूं। खड़ी फसलों को बचाने के लिए बिजली की आपूर्ति करने के मेरे बार-बार दिए गए निर्देशों के बावजूद, स्थिति में कोई बदलाव नहीं आया है। मैं ऐसी किसी भी कार्रवाई को बर्दाश्त नहीं करूंगा जिससे जनता को परेशानी हो, और लापरवाही बरतने वाले किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा।"
--आईएएनएस
एसडी/पीएम
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