हैदराबाद, 10 सितंबर (आईएएनएस)। तेलंगाना के उपमुख्यमंत्री मल्लू भट्टी विक्रमार्क ने गुरुवार को कहा कि राज्य सरकार के कर्मचारियों, कॉन्ट्रैक्ट और आउटसोर्सिंग स्टाफ और पेंशनभोगियों के लिए शुरू की गई 1 करोड़ रुपए की बीमा योजना देश में अपनी तरह की पहली योजना है।
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हैदराबाद, 10 सितंबर (आईएएनएस)। तेलंगाना के उपमुख्यमंत्री मल्लू भट्टी विक्रमार्क ने गुरुवार को कहा कि राज्य सरकार के कर्मचारियों, कॉन्ट्रैक्ट और आउटसोर्सिंग स्टाफ और पेंशनभोगियों के लिए शुरू की गई 1 करोड़ रुपए की बीमा योजना देश में अपनी तरह की पहली योजना है।
विधानसभा में प्रश्नकाल के दौरान उन्होंने बताया कि यह योजना कर्मचारी के परिवार को आर्थिक सुरक्षा देने और कर्मचारी की दुर्भाग्यपूर्ण मृत्यु की स्थिति में उन्हें तंगी से बचाने के मानवीय उद्देश्य से लागू की जा रही है।
विक्रमार्क ने सदन को बताया कि यह योजना बैंकों के सहयोग से चलाई जा रही है और इससे सरकार या कर्मचारियों पर कोई आर्थिक बोझ नहीं पड़ रहा है।
उन्होंने सरकारी कर्मचारियों के लिए दुर्घटना बीमा और हेल्थ कार्ड के बारे में सदस्यों के सवालों का विस्तार से जवाब दिया।
उपमुख्यमंत्री, जो वित्त मंत्री भी हैं, ने बताया कि राज्य सरकार ने नियमित कर्मचारियों, पेंशनभोगियों और कॉन्ट्रैक्ट व आउटसोर्सिंग कर्मचारियों को बीमा कवर देने के लिए 16 बैंकों के साथ समझौता किया है।
राज्य में कुल 1,291,056 लोग इस योजना के दायरे में आते हैं। इनमें से 518,293 नियमित कर्मचारी हैं। इसके अलावा, 500,158 कर्मचारी हैं, जिनमें अस्थायी, आउटसोर्सिंग और मल्टी-पर्पस वर्कर, साथ ही कॉन्ट्रैक्ट, दिहाड़ी मजदूर, एनआरईजीएस, एमटीएस और एसईआरपी कर्मचारी शामिल हैं। साथ ही 272,600 पेंशनभोगी और पारिवारिक पेंशनभोगी भी हैं।
विक्रमार्क ने बताया कि कर्मचारियों के लिए 1 करोड़ रुपए की बीमा योजना सबसे पहले सिंगरेनी कोलियरीज कंपनी लिमिटेड में शुरू की गई थी। इसके बाद, इस योजना का विस्तार डिस्कॉम (ऊर्जा विभाग के तहत) और अन्य संगठनों में काम करने वाले कर्मचारियों तक किया गया। अंत में इसे राज्य के सभी सरकारी कर्मचारियों के लिए लागू किया गया।
उन्होंने कहा कि सरकार उन बैंकों के साथ बातचीत करके इस योजना को लागू कर रही है, जो सरकारी कर्मचारियों के वेतन भुगतान का काम करते हैं। उन्होंने बताया कि बीमा योजना में सहयोग के लिए बैंकों के साथ समझौता किया गया, क्योंकि उन्हें कर्मचारियों के वेतन की प्रोसेसिंग से व्यावसायिक लाभ मिलता है।
उन्होंने बताया कि राज्य सरकार के कर्मचारियों से जुड़े 33 दावे प्राप्त हुए हैं और उनमें से 24 का निपटारा पहले ही किया जा चुका है। बिजली क्षेत्र के संबंध में विशेष रूप से एसपीडीसीएल, एनपीडीसीएल, टीजी जेन्को और ट्रांस्को- 15 दावे प्राप्त हुए और उन सभी का समाधान कर दिया गया। इस श्रेणी में 15 करोड़ रुपए से अधिक का भुगतान किया गया। वहीं, सिंगरेनी कोलियरीज से 50 दावे प्राप्त हुए और उन सभी का निपटारा कर दिया गया।
विक्रमार्क ने बताया कि दुर्घटना में मरने वाले कर्मचारी के परिवार को कुल 1.20 करोड़ रुपए तक का फायदा देने के लिए उपाय किए गए हैं। इसमें एक करोड़ रुपए का इंश्योरेंस कवर और दूसरे फायदे शामिल हैं। उन्होंने बताया कि हवाई यात्रा के दौरान दुर्घटना होने पर 2 करोड़ रुपए तक का इंश्योरेंस कवर दिया जाता है। उन्होंने यह भी बताया कि प्राकृतिक मौत के मामलों में 10 लाख रुपए तक के फायदे का प्रावधान है।
उन्होंने सदन को यह भी बताया कि केंद्र सरकार ने तेलंगाना में शुरू की गई दुर्घटना बीमा योजना का अध्ययन किया है और दूसरे राज्य भी इस बीमा मॉडल को देखने में दिलचस्पी दिखा रहे हैं। उन्होंने आगे बताया कि तमिलनाडु ने भी ऐसी ही योजना लागू की है।
उपमुख्यमंत्री ने बीमा योजना के साथ-साथ सरकारी कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के लिए हेल्थ कार्ड योजना शुरू करने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि सरकार ने कैशलेस मेडिकल सेवाओं के लिए कर्मचारी यूनियनों की लंबे समय से चली आ रही मांग को पूरा किया है।
उन्होंने बताया कि हेल्थ कार्ड पॉलिसी को कर्मचारियों, यूनियन प्रतिनिधियों, मुख्य सचिव और संबंधित प्रधान सचिवों की एक समिति के साथ चर्चा के बाद अंतिम रूप दिया गया। उन्होंने कहा कि कैशलेस मेडिकल इलाज और सीजीएचएस पैकेज जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं।
उन्होंने कहा कि हेल्थ कार्ड योजना के लिए लगभग 240 करोड़ रुपए पहले ही आवंटित किए जा चुके हैं।
--आईएएनएस
एससीएच/डीकेपी
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