
चूरू जिले के सरदारशहर उपखंड अंतर्गत रामसीसर गांव में सोमवार को एक भीषण हादसा हो गया, जिसने पूरे इलाके को शोक में डुबो दिया। खेत में बनी पानी की डिग्गी में नहाने गए तीन बच्चों की डूबने से मौत हो गई। मृतकों में 15 वर्षीय यशोदा, 11 वर्षीय प्रांजल और 13 वर्षीय आशीष शामिल हैं। पुलिस की प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि डिग्गी में नहाते समय पैर फिसलने के कारण यह हादसा हुआ।
स्कूल से लौटकर नहाने गए थे बच्चे प्राप्त जानकारी के अनुसार, सोमवार दोपहर करीब 3 बजे यशोदा अपने पड़ोसी बच्चों प्रांजल और आशीष के साथ स्कूल से घर लौटी थी। घर पर परिजनों को बिना बताए तीनों बच्चे गांव के ही रामनिवास कड़वासरा के खेत में बनी करीब सात फुट गहरी पानी की डिग्गी में नहाने चले गए। करीब एक घंटे बाद जब यशोदा के दादा रामचंद्र खेत पहुंचे, तो उन्हें डिग्गी में बच्चों के शव तैरते मिले। उनकी चीख-पुकार सुनकर ग्रामीण मौके पर जमा हुए और शवों को निकालकर सरदारशहर के राजकीय उप जिला अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
यशोदा के परिवार के साथ दूसरी बार हुआ 'वज्रपात' यह हादसा यशोदा के परिवार के लिए किसी भयानक दोहराव जैसा है। सात साल पहले भी रामनिवास कड़वासरा के दो पुत्रों की एक कुंड में डूबने से मौत हो गई थी। उन दो बेटों के जाने के बाद यशोदा उनकी इकलौती संतान बची थी, लेकिन नियति ने उसे भी छीन लिया। इसी तरह, सांवरमल सारण के घर में आशीष और प्रांजल ही दो बेटे थे। इन दोनों की मौत के बाद उनका परिवार भी अब पूरी तरह संतानहीन हो गया है।
गांव में पसरा सन्नाटा, पुलिस जांच में जुटी सरदारशहर के पुलिस उपाधीक्षक कुलदीप वालिया ने बताया कि मामला संदिग्ध नहीं बल्कि एक दुखद दुर्घटना प्रतीत होता है। मंगलवार को पोस्टमार्टम के बाद तीनों बच्चों के शव परिजनों को सौंप दिए गए हैं। एक साथ तीन अर्थियां उठने से पूरे रामसीसर गांव में सन्नाटा पसरा हुआ है और हर आंख नम है। पुलिस ने मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी है, साथ ही ग्रामीणों से अपील की है कि वे गहरे जलाशयों और डिग्गियों के पास बच्चों को अकेला न छोड़ें।
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