
टीकमगढ़/बल्देवगढ़. मध्य प्रदेश के टीकमगढ़ जिले से विरोध प्रदर्शन की एक ऐसी तस्वीर सामने आई है जिसने प्रशासनिक गलियारों में हलचल पैदा कर दी है। अपनी मांगों को लेकर लंबे समय से संघर्ष कर रहे पटवारी संघ के अध्यक्ष ने बल्देवगढ़ तहसीलदार के सामने जमीन पर नाक रगड़कर अपना विरोध दर्ज कराया। यह अनोखा और व्यथित करने वाला प्रदर्शन अब पूरे प्रदेश में चर्चा का विषय बन गया है।
जानकारी के अनुसार, जिले के पटवारी लंबे समय से अपनी विभिन्न समस्याओं और मांगों को लेकर कलेक्टर से लेकर तमाम वरिष्ठ अधिकारियों तक गुहार लगा रहे थे। कई बार ज्ञापन सौंपने के बावजूद जब शासन-प्रशासन के स्तर पर कोई सुनवाई नहीं हुई, तो पटवारी संघ के अध्यक्ष चन्द्रभान समारी का धैर्य टूट गया।
बुधवार को तहसील कार्यालय पहुंचे चन्द्रभान समारी पहले तो तहसीलदार के सामने अपनी मांगों का पत्र पढ़ते रहे, लेकिन व्यवस्था की बेरुखी देख वे अचानक जमीन पर लेट गए और तहसीलदार के सामने अपनी नाक रगड़ने लगे। उन्होंने भावुक होते हुए गुहार लगाई कि उनकी मांगों को अब तो सुन लिया जाए।
इस हाई-वोल्टेज ड्रामे के दौरान तहसीलदार और पटवारी संघ अध्यक्ष के बीच तीखी बहस भी हुई। तहसीलदार उन्हें जमीन से उठने के लिए कहते रहे, लेकिन पटवारी अपनी मांगों पर अड़े रहे। इस पूरी घटना का वीडियो वहां मौजूद लोगों ने अपने मोबाइल में कैद कर लिया, जो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।
इस घटना ने सरकार और जिले के आला अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। सवाल यह उठ रहा है कि आखिर एक कर्मचारी संगठन के अध्यक्ष को इस कदर मजबूर क्यों होना पड़ा?
क्या प्रशासन केवल फाइलों में ही समस्याओं का निराकरण कर रहा है?
क्या संवाद की कमी के कारण कर्मचारियों को ऐसे अपमानजनक तरीके अपनाने पड़ रहे हैं?
इस मुद्दे पर राजनीति भी गरमा गई है। नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने भी सोशल मीडिया के जरिए सरकार को घेरते हुए कर्मचारियों की अनदेखी का आरोप लगाया है। एक तरफ सदन में महिला आरक्षण जैसे बड़े मुद्दों पर बहस चल रही है, वहीं जमीनी स्तर पर कर्मचारी अपनी मांगों के लिए इस कदर बेबस नजर आ रहे हैं।
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